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एम्स की प्रवेश परीक्षा में रैंक 6 पर अब्दुर रहमान...
Updated Tue, 19 Jun 2018 02:27 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की प्रवेश परीक्षा में अब्दुर रहमान असरारूल हक ने 6वीं रैंक हासिल कर अलीगढ़ का नाम रौशन किया है। अब्दुर रहमान के माता-पिता अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शिक्षक हैं। उन्होंने दिल्ली के एक सीबीएससी स्कूल से 12 वीं की है।
धौर्रा माफी निवासी अब्दुर रहमान असरारूल हक मैनेजमेंट संकाय के पूर्व डीन प्रो. मोहम्मद इसरारूल हक एवं इतिहास विभाग की शिक्षिका डॉ. गुलफिशां खान के पुत्र हैं। उन्होंने पहले ही प्रयास में प्रतिष्ठित एम्स एमबीबीएस की प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 6 वीं रैंक हासिल की है। अब्दुर रहमान की बड़ी बहन जेएन मेडिकल कॉलेज से एमडी जबकि उनसे छोटी एमबीबीएस कर रही है।
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) की प्रवेश परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर अब्दुर रहमान असरारूल हक ने अलीगढ़ का नाम रौशन किया है। प्रस्तुत हैं अमर उजाला से बातचीत के प्रमुख अंश....
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अमर उजाला - एम्स में शानदार सफलता के लिए बधाई, परिणाम घोषित होने के बाद कैसा लग रहा है
अब्दुर रहमान - बहुत-बहुत शुक्रिया, बहुत अच्छा लग रहा है।
अमर उजाला - मेडिकल की तैयारी कर रहे जूनियर छात्रों को क्या सुझाव देंगे
अब्दुर रहमान - सबसे पहले दो साल के लिए स्मार्ट फोन से दूर रहें। इससे समय की बहुत बचत होती है। यह प्रैक्टिकल चीज है। सभी लोग जानते हैं, लेकिन इस्तेमाल करते हैं। मैंने 10वीं के बाद से स्मार्ट फोन का उपयोग बंद कर दिया। अब फिर से ले लिया है।
अमर उजाला - मेडिकल की प्रवेश परीक्षा में सफलता के लिए कितने घंटे पढ़ाई जरूरी है
अब्दुर रहमान - यह व्यक्ति एवं उसकी समझ पर निर्भर है। मैं घर में 6 घंटे पढ़ाई करता था। सबसे जरूरी है कि रोज-रोज पढ़े और उसको बार-बार दुहराएं।
अमर उजाला - मेडिकल में सफलता के लिए कोचिंग कितनी जरूरी है
अब्दुर रहमान - कोचिंग संस्थानों से तैयारी में काफी सहयोग मिलता है। फैकल्टी एक्सपर्ट होते हैं और परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयारी कराते हैं। कोचिंग मैटेरियल्स भी काफी मददगार होते हैं। मैंने भी तैयारी में कोचिंग मैटेरियल्स का उपयोग किया।
अमर उजाला - अध्ययन के लिए किन-किन पुस्तकों का चयन किया
अब्दुर रहमान - तैयारी के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकें बेहद जरूरी हैं। एम्स में सफलता दिलाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। खासकर बायो एवं फिजिक्स की पुस्तकें बेहद काम आईं। कैमेस्ट्री के लिए सर के नोट्स मददगार साबित हुए। फिजिक्स में एससी वर्मा की पुस्तक पढ़ी। तैयारी के लिए स्तरीय पुस्तक का चयन करना चाहिए।
अमर उजाला - सफलता का श्रेय किसे देंगे
अब्दुर रहमान - माता-पिता एवं बहनों का सर्वाधिक योगदान है। चूंकि मैं दिल्ली में था। इसलिए पिता रोज सुबह एवं रात में फोन कर तैयारी से संबंधित बातें करते थे। मेरे बड़ी बहने एमडी एवं एमबीबीएस कर रही हैं। उनका भी हमेशा मार्गदर्शन मिलता रहता था।
नैंसी और अब्दुल ने आकाश का परचम लहराया
एम्स एमबीबीएस की प्रवेश परीक्षा में आकाश इंस्टीट्यूट के छात्र मो. अब्दुल बकि एवं नैंसी कपूर ने सफलता हासिल कर जिले का नाम रौशन किया है। मो. अब्दुल बकि ने जहां अखिल भारतीय स्तर पर 431वां स्थान हासिल किया है। वहीं नैंसी कपूर की रैंक 417 (कैटेगरी) है। इंस्टीट्यूट के ब्रांच मैनेजर सचिन कुमार ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सफलता से अत्यधिक प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है। संस्थान में जश्न का माहौल है।
308 वीं रैंक पर दृष्टि के अभिषेक
दृष्टि क्लासेज के अभिषेक सिंह ने एम्स एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी रैंक 308 (कैटेगरी में 9) है। इसके अतिरिक्त कुलदीप भारद्वाज 1266 वीं रैंक पर हैं। दृष्टि क्लासेज के निदेशक नरेश राजपूत ने विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस अवसर पर नितिन सेंगर, हेमलता, लखन प्रकाश गुप्ता, शैलेंद्र, आशीष मैसी आदि मौजूद थे।
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प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की प्रवेश परीक्षा में अब्दुर रहमान असरारूल हक ने 6वीं रैंक हासिल कर अलीगढ़ का नाम रौशन किया है। अब्दुर रहमान के माता-पिता अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शिक्षक हैं। उन्होंने दिल्ली के एक सीबीएससी स्कूल से 12 वीं की है।
धौर्रा माफी निवासी अब्दुर रहमान असरारूल हक मैनेजमेंट संकाय के पूर्व डीन प्रो. मोहम्मद इसरारूल हक एवं इतिहास विभाग की शिक्षिका डॉ. गुलफिशां खान के पुत्र हैं। उन्होंने पहले ही प्रयास में प्रतिष्ठित एम्स एमबीबीएस की प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 6 वीं रैंक हासिल की है। अब्दुर रहमान की बड़ी बहन जेएन मेडिकल कॉलेज से एमडी जबकि उनसे छोटी एमबीबीएस कर रही है।
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ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) की प्रवेश परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर अब्दुर रहमान असरारूल हक ने अलीगढ़ का नाम रौशन किया है। प्रस्तुत हैं अमर उजाला से बातचीत के प्रमुख अंश....
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अमर उजाला - एम्स में शानदार सफलता के लिए बधाई, परिणाम घोषित होने के बाद कैसा लग रहा है
अब्दुर रहमान - बहुत-बहुत शुक्रिया, बहुत अच्छा लग रहा है।
अमर उजाला - मेडिकल की तैयारी कर रहे जूनियर छात्रों को क्या सुझाव देंगे
अब्दुर रहमान - सबसे पहले दो साल के लिए स्मार्ट फोन से दूर रहें। इससे समय की बहुत बचत होती है। यह प्रैक्टिकल चीज है। सभी लोग जानते हैं, लेकिन इस्तेमाल करते हैं। मैंने 10वीं के बाद से स्मार्ट फोन का उपयोग बंद कर दिया। अब फिर से ले लिया है।
अमर उजाला - मेडिकल की प्रवेश परीक्षा में सफलता के लिए कितने घंटे पढ़ाई जरूरी है
अब्दुर रहमान - यह व्यक्ति एवं उसकी समझ पर निर्भर है। मैं घर में 6 घंटे पढ़ाई करता था। सबसे जरूरी है कि रोज-रोज पढ़े और उसको बार-बार दुहराएं।
अमर उजाला - मेडिकल में सफलता के लिए कोचिंग कितनी जरूरी है
अब्दुर रहमान - कोचिंग संस्थानों से तैयारी में काफी सहयोग मिलता है। फैकल्टी एक्सपर्ट होते हैं और परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयारी कराते हैं। कोचिंग मैटेरियल्स भी काफी मददगार होते हैं। मैंने भी तैयारी में कोचिंग मैटेरियल्स का उपयोग किया।
अमर उजाला - अध्ययन के लिए किन-किन पुस्तकों का चयन किया
अब्दुर रहमान - तैयारी के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकें बेहद जरूरी हैं। एम्स में सफलता दिलाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। खासकर बायो एवं फिजिक्स की पुस्तकें बेहद काम आईं। कैमेस्ट्री के लिए सर के नोट्स मददगार साबित हुए। फिजिक्स में एससी वर्मा की पुस्तक पढ़ी। तैयारी के लिए स्तरीय पुस्तक का चयन करना चाहिए।
अमर उजाला - सफलता का श्रेय किसे देंगे
अब्दुर रहमान - माता-पिता एवं बहनों का सर्वाधिक योगदान है। चूंकि मैं दिल्ली में था। इसलिए पिता रोज सुबह एवं रात में फोन कर तैयारी से संबंधित बातें करते थे। मेरे बड़ी बहने एमडी एवं एमबीबीएस कर रही हैं। उनका भी हमेशा मार्गदर्शन मिलता रहता था।
नैंसी और अब्दुल ने आकाश का परचम लहराया
एम्स एमबीबीएस की प्रवेश परीक्षा में आकाश इंस्टीट्यूट के छात्र मो. अब्दुल बकि एवं नैंसी कपूर ने सफलता हासिल कर जिले का नाम रौशन किया है। मो. अब्दुल बकि ने जहां अखिल भारतीय स्तर पर 431वां स्थान हासिल किया है। वहीं नैंसी कपूर की रैंक 417 (कैटेगरी) है। इंस्टीट्यूट के ब्रांच मैनेजर सचिन कुमार ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सफलता से अत्यधिक प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है। संस्थान में जश्न का माहौल है।
308 वीं रैंक पर दृष्टि के अभिषेक
दृष्टि क्लासेज के अभिषेक सिंह ने एम्स एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी रैंक 308 (कैटेगरी में 9) है। इसके अतिरिक्त कुलदीप भारद्वाज 1266 वीं रैंक पर हैं। दृष्टि क्लासेज के निदेशक नरेश राजपूत ने विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस अवसर पर नितिन सेंगर, हेमलता, लखन प्रकाश गुप्ता, शैलेंद्र, आशीष मैसी आदि मौजूद थे।