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अलीगढ़... अब थाने में दर्ज होगी ऑनलाइन जीडी
Updated Fri, 24 Nov 2017 02:50 AM IST
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अब थाने में ऑनलाइन दर्ज होगी जीडी
ब्यूरो, अमर उजाला, अतरौली।
पुलिस थानों को हाईटेक बनाने का प्रयास तेज हो गया है। अब थानों में जीडी भी ऑनलाइन लिखी जाएगी। गुरुवार को अतरौली थाने में जीडी पर ऑनलाइन सूचना दर्ज करने का काम शुरू हो गया।
थानों में ऑनलाइन एफआईआर तो करीब साल भर पहले से लिखी जा रही है, लेकिन जीडी (जनरल डायरी) हाथों से लिखी जा रही है। जीडी में पुलिस कर्मियों का रोजाना के कामकाज का हिसाब-किताब दर्ज होता है। पुलिस कर्मी कहां गए? किस काम से जा रहे हैं?
लौट कर आए तो क्या बरामद या किसकी गिरफ्तारी की? दिन भर थाने में रहे या बाहर रहे तो क्या काम किया? माल बरादगी, एफआईआर सब जीडी में ही दर्ज होता है। अब थाने के मुंशी कंप्यूटर पर बैठकर ही ऑनलाइन जीडी में पूरा ब्योरा दर्ज करेंगे। कोतवाल उत्तमचंद पटेल ने बताया कि कोतवाली में इसकी शुरूआत हो गई है।
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समय का रखना होगा पूरा ध्यान
सूत्रों की मानें तो जीडी में पहले पुलिस कर्मी अपनी आमद और रवानगी के समय को अपने हिसाब से दर्ज करा लेते थे। अब ऐसा नहीं हो सकेगा। कंप्यूटर पर टाइम टू टाइम सारा ब्योरा दर्ज करना होगा। मुंशियों को भी इससे सहूलियत मिलेगी।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अतरौली।
पुलिस थानों को हाईटेक बनाने का प्रयास तेज हो गया है। अब थानों में जीडी भी ऑनलाइन लिखी जाएगी। गुरुवार को अतरौली थाने में जीडी पर ऑनलाइन सूचना दर्ज करने का काम शुरू हो गया।
थानों में ऑनलाइन एफआईआर तो करीब साल भर पहले से लिखी जा रही है, लेकिन जीडी (जनरल डायरी) हाथों से लिखी जा रही है। जीडी में पुलिस कर्मियों का रोजाना के कामकाज का हिसाब-किताब दर्ज होता है। पुलिस कर्मी कहां गए? किस काम से जा रहे हैं?
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लौट कर आए तो क्या बरामद या किसकी गिरफ्तारी की? दिन भर थाने में रहे या बाहर रहे तो क्या काम किया? माल बरादगी, एफआईआर सब जीडी में ही दर्ज होता है। अब थाने के मुंशी कंप्यूटर पर बैठकर ही ऑनलाइन जीडी में पूरा ब्योरा दर्ज करेंगे। कोतवाल उत्तमचंद पटेल ने बताया कि कोतवाली में इसकी शुरूआत हो गई है।
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सूत्रों की मानें तो जीडी में पहले पुलिस कर्मी अपनी आमद और रवानगी के समय को अपने हिसाब से दर्ज करा लेते थे। अब ऐसा नहीं हो सकेगा। कंप्यूटर पर टाइम टू टाइम सारा ब्योरा दर्ज करना होगा। मुंशियों को भी इससे सहूलियत मिलेगी।