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अलीगढ़ में 100 रुपये तक माफ हुआ कर्ज
Updated Sun, 17 Sep 2017 02:27 AM IST
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यह कैसी कर्ज माफी
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की थी। प्रदेश में भाजपा की योगी सरकार बनने के बाद किसानों को इस वायदे से बड़ी आस थी। लेकिन सरकार बनने के बाद पहले इसे एक लाख तक के फसलीय ऋण के कर्जदार लघु एवं सीमांत किसानों तक सीमित किया गया। उसके बाद किसानों को नियमों के फेर में बांधते हुए हजारों किसानों की छंटनी कर दी गई।
नियमानुसार जिले में कुल 1.29 लाख किसानों का कर्जमाफी के लिए चयन हुआ है। इनमें पहले चरण में 28500 किसानों को ऋण मोचन पत्र वितरित करने के लिए चयनित किया गया था। तहसील कोल व अतरौली में हुए दो चरणों में 13261 किसानों को ऋण वितरण पत्र बांटे जा चुके हैं।
हालांकि जिले में पहले चरण में सर्वाधिक 27959 किसानों का दस हजार से एक लाख तक का कर्जा माफ हुआ है। लेकिन करीब 46 किसानों के लिए तो कर्जमाफी मजाक ही साबित हुई है। इनमें किसी का नौ पैसा तो किसी का दो रुपया तक कर्ज माफ हुआ है।
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कम कर्जमाफी वाले कुछ किसानों का ब्यौरा
कोल तहसील के बलिया चौधरी के नौ पैसा, रामधन के दो, हीरा के तीन, बागेश के 36, हरेंद्र के 57, खूब सिंह के 58.61, रईस के 62, दयाराम के 91 रुपया माफ हुआ है। इधर पदमा के 115, बलजीत के 126, अमजद के 126, रामगोपाल के 184, शब्बीर के 302 रुपये, दौलत के 377 रुपये का कर्जा माफ हुआ है।
पहले चरण के ऋण मोचन आंकड़े
- शून्य से 100 रुपये तक कर्जमाफी - 46 किसान
- 100 से 500 रुपये तक कर्जमाफी - 54 किसान
- 500 से 1000 रुपये तक कर्जमाफी - 77 किसान
- 1000 से 10000 रुपये तक कर्जमाफी - 345 किसान
- एक लाख तक कर्जमाफी - 27959 किसान
तहसीलवार वितरण की स्थिति
- कोल-6500
- अतरौली-6767
- गभाना-4127
- इगलास-4189
- खैर-5908
योजना के नियम व शर्तें
- ऋणी किसान द्वारा लिया गया ऋण 31 मार्च 2016 से पहले का होना चाहिए।
- किसान का नाम, भूलेख डाटा एवं आधार कार्ड संख्या का मिलान होना चाहिए।
- बैंक एकाउंट में तीन लाख रुपये या उससे ज्यादा हैं तो वह अपात्र माना जाएगा ।
- दो हेक्टेयर से ज्यादा भूमि वाले किसान योजना के लिए माने जाएंगे अपात्र।
- चाहे कितना भी लोन लिया हो, उसमें से मात्र एक लाख रुपया ही होगा माफ।
- ऋणी किसान की मृत्यु होने पर वारिसों में से आपसी सहमति से पात्र तय होने पर ही लाभ।
- यदि किसान के खेत का कुछ हिस्सा दूसरे जनपद से लगा है तो लगेगी वहां की रिपोर्ट।
- कर्ज माफी का लाभ लेने के लिए जिस भूमि पर कर्ज लिया है, वह जनपद की हो।
सत्यापन की अंतिम तिथि के चलते गभाना में शिविर अब 27 को
दूसरे चरण के सत्यापन की अंतिम तिथि होने के कारण गभाना तहसील में शिविर लगाकर किसानों को ऋण मोचन पत्र बांटे जाने की तिथि खिसका दी गई है। योजना के नोडल अफसर व जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि गभाना तहसील के किसानों को अब 27 सितंबर को ऋण मोचन पत्र बांटे जाएंगे।
जिन किसानों का नाममात्र का ऋण मोचन हुआ है। उसका प्रमुख कारण यह हो सकता है कि किसान ने 31 मार्च 2016 तक लिए गए लोन को पूरा चुकता कर दिया हो और 31 मार्च 2017 तक शेष ब्याज जमा करने में थोड़ी बहुत लाइबिलिटी रह गई हो। उसी हिसाब से उसका कर्जा माफ किया गया है। बाकी तो विशेष केस के परीक्षण के बाद ही पता चल सकेगा। - आनंद गर्ग, अग्रणी जिला प्रबंधक
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की थी। प्रदेश में भाजपा की योगी सरकार बनने के बाद किसानों को इस वायदे से बड़ी आस थी। लेकिन सरकार बनने के बाद पहले इसे एक लाख तक के फसलीय ऋण के कर्जदार लघु एवं सीमांत किसानों तक सीमित किया गया। उसके बाद किसानों को नियमों के फेर में बांधते हुए हजारों किसानों की छंटनी कर दी गई।
नियमानुसार जिले में कुल 1.29 लाख किसानों का कर्जमाफी के लिए चयन हुआ है। इनमें पहले चरण में 28500 किसानों को ऋण मोचन पत्र वितरित करने के लिए चयनित किया गया था। तहसील कोल व अतरौली में हुए दो चरणों में 13261 किसानों को ऋण वितरण पत्र बांटे जा चुके हैं।
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हालांकि जिले में पहले चरण में सर्वाधिक 27959 किसानों का दस हजार से एक लाख तक का कर्जा माफ हुआ है। लेकिन करीब 46 किसानों के लिए तो कर्जमाफी मजाक ही साबित हुई है। इनमें किसी का नौ पैसा तो किसी का दो रुपया तक कर्ज माफ हुआ है।
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कम कर्जमाफी वाले कुछ किसानों का ब्यौरा
कोल तहसील के बलिया चौधरी के नौ पैसा, रामधन के दो, हीरा के तीन, बागेश के 36, हरेंद्र के 57, खूब सिंह के 58.61, रईस के 62, दयाराम के 91 रुपया माफ हुआ है। इधर पदमा के 115, बलजीत के 126, अमजद के 126, रामगोपाल के 184, शब्बीर के 302 रुपये, दौलत के 377 रुपये का कर्जा माफ हुआ है।
पहले चरण के ऋण मोचन आंकड़े
- शून्य से 100 रुपये तक कर्जमाफी - 46 किसान
- 100 से 500 रुपये तक कर्जमाफी - 54 किसान
- 500 से 1000 रुपये तक कर्जमाफी - 77 किसान
- 1000 से 10000 रुपये तक कर्जमाफी - 345 किसान
- एक लाख तक कर्जमाफी - 27959 किसान
तहसीलवार वितरण की स्थिति
- कोल-6500
- अतरौली-6767
- गभाना-4127
- इगलास-4189
- खैर-5908
योजना के नियम व शर्तें
- ऋणी किसान द्वारा लिया गया ऋण 31 मार्च 2016 से पहले का होना चाहिए।
- किसान का नाम, भूलेख डाटा एवं आधार कार्ड संख्या का मिलान होना चाहिए।
- बैंक एकाउंट में तीन लाख रुपये या उससे ज्यादा हैं तो वह अपात्र माना जाएगा ।
- दो हेक्टेयर से ज्यादा भूमि वाले किसान योजना के लिए माने जाएंगे अपात्र।
- चाहे कितना भी लोन लिया हो, उसमें से मात्र एक लाख रुपया ही होगा माफ।
- ऋणी किसान की मृत्यु होने पर वारिसों में से आपसी सहमति से पात्र तय होने पर ही लाभ।
- यदि किसान के खेत का कुछ हिस्सा दूसरे जनपद से लगा है तो लगेगी वहां की रिपोर्ट।
- कर्ज माफी का लाभ लेने के लिए जिस भूमि पर कर्ज लिया है, वह जनपद की हो।
सत्यापन की अंतिम तिथि के चलते गभाना में शिविर अब 27 को
दूसरे चरण के सत्यापन की अंतिम तिथि होने के कारण गभाना तहसील में शिविर लगाकर किसानों को ऋण मोचन पत्र बांटे जाने की तिथि खिसका दी गई है। योजना के नोडल अफसर व जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि गभाना तहसील के किसानों को अब 27 सितंबर को ऋण मोचन पत्र बांटे जाएंगे।
जिन किसानों का नाममात्र का ऋण मोचन हुआ है। उसका प्रमुख कारण यह हो सकता है कि किसान ने 31 मार्च 2016 तक लिए गए लोन को पूरा चुकता कर दिया हो और 31 मार्च 2017 तक शेष ब्याज जमा करने में थोड़ी बहुत लाइबिलिटी रह गई हो। उसी हिसाब से उसका कर्जा माफ किया गया है। बाकी तो विशेष केस के परीक्षण के बाद ही पता चल सकेगा। - आनंद गर्ग, अग्रणी जिला प्रबंधक