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चाभी न मिलने से स्कूल में कैद रहे 22 बच्चे व शिक्षामित्र

Thu, 17 Oct 2019 01:27 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 17 Oct 2019 01:27 AM IST
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22 children imprisoned in school for not getting school
प्रधानध्यापक गेट बंद करके गायब, परेशान रहे बच्चे। - फोटो : CITY OFFICE

लोधा विकास खंड क्षेत्र के नीवरी प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को गफलत में 22 बच्चों के साथ एक महिला शिक्षामित्र विद्यालय में बंद हो गईं। लगभग सवा तीन बजे तक ताले की चाबी न मिलने पर शिक्षामित्र ने पति की सूचना दी। यूपी 100 की पीआरवी मौके पर पहुंची। हेडमास्टर के विद्यालय पहुंचने पर ऑफिस से एक बच्चा चाबी लेकर आया और ताला खोला गया। तब कहीं जाकर बच्चे व महिला शिक्षामित्र बाहर निकल सके। इस मामले में बीईओ लोधा ने बताया कि प्रधानाध्यापक पेपर लेने गए थे। चाबी विद्यालय के अंदर मिली थी।

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नीवरी प्राथमिक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक, एक सहायक अध्यापिका व पांच शिक्षामित्र कार्यरत हैं। प्रकरण के अनुसार सुबह दस बजे दो शिक्षामित्र बीएलओ की ड्यूटी के संबंध में बाहर चले गए। इसके बाद प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार 11.45 बजे लोधा बीआरसी पर अर्द्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र लेने के लिए निकले। उन्होंने सहायक अध्यापिका प्रभा को प्रभार सौंप दिया था। वहीं अध्यापिका प्रभा तबियत खराब होने का प्रार्थना पत्र शिक्षामित्र तरुण को देकर घर चली गईं। अब विद्यालय सिर्फ तीन शिक्षामित्रों के भरोसे था। इनमें से दो शिक्षामित्र दो बजे के लगभग विद्यालय छोड़कर चले गए। अब विद्यालय में सिर्फ एक महिला शिक्षामित्र तरुण गौतम बची थीं।
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वह लगभग 22 बच्चों को परीक्षा की तैयारी करवा रही थीं। तीन बजे छुट्टी के समय तरुण ने जब ताले की चाबी ढूंढी तो वह नहीं मिली। इसके बाद तरुण ने अपने पति को फोन किया। पति दिनेश गौतम ने बताया कि प्रधानाध्यापक ने कहा कि चाबी उनके पास नहीं है। मजबूरन दिनेश ने यूपी 100 पर फोन मिलाया। मौके पर पीआरवी पहुंची और चाबी ढूंढवाने का प्रयास किया। सूचना पर प्रधानाध्यापक मौके पर पहुंचे। इस दौरान एक विद्यार्थी चाबी लेकर गेट पर आया। 04 बजकर 15 मिनट पर ताला खोला गया। तब बच्चे व शिक्षामित्र अपने घर को रवाना हुए।
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मामले की जांच कर ली है। सभी के बयान दर्ज हो गए हैं। बीएसए को आज (गुरुवार) रिपोर्ट सौंपी जाएगी। आगे की कार्रवाई उन्हीं के स्तर से होनी है।
- अनिल कुमार, बीईओ लोधा

- मामला संज्ञान में है। बीईओ लोधा को मौके पर भेजा था। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- बीएसए, डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय

- पौने 12 बजे के लगभग मैं विद्यालय छोड़कर लोधा बीआरसी पर पेपर लेने चला गया था। चार्ज शिक्षिका प्रभा को सौंपा था। उनका प्रार्थना पत्र और बचे दो शिक्षामित्रों का प्रार्थनापत्र तरुण गौतम को लेना नहीं चाहिए था। वहीं शाम को विद्यालय पहुंचने पर चाबी भी टेबल की दराज में मिली, जिसे एक बच्चे ने लाकर दी। इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। - रविंद्र कुमार, प्रधानाध्यापक


तो किसने लगाया ताला
पूरे प्रकरण में बुधवार शाम तक यह पता नहीं चल पाया कि ताला किसने लगाया। हालांकि ताला बच्चों को रोकने के लिए कई विद्यालयों में लगाया जाता है। प्रधानाध्यापक ने ताला लगाया था तो इंचार्ज प्रधानाध्यापिका कैसे बाहर निकली। अगर वह बाहर निकलीं तो फिर बाद में दो शिक्षामित्र भी बाहर निकले थे। ऐसे में ताला लगाकर किसने चाबी को टेबल की दराज में रखी। यह बड़ा सवाल है। बीईओ लोधा अनिल कुमार ने बताया कि अभी तक उन्हें भी समझ में नहीं आया है कि ताला लगाने वाला कौन है। चूंकि चाभी अंदर से मिली इसलिए शक की सुई कैद रहीं शिक्षामित्र तरुण गौतम पर भी जा रही है।

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