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नगर निगम के अधिशासी अधिकारी का वेतन रोका
Updated Fri, 07 Sep 2018 01:49 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर को गड्ढामुक्त न करने एवं राज्य वित्त आयोग की धनराशि व्यय न करने के मामले में नगर निगम के अधिशासी अधिकारी का वेतन रोकने एवं प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश हो गए हैं।
यही नहीं कमिश्नर ने आडिट फीस, राजस्व वसूली एवं महानगर में गंदगी की समस्या दूर करने में नाकाम मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को चेतावनी जारी की है। उन्होंने सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ठेके एवं संविदा के लापरवाह एवं अनुपस्थित रहने वाले सफाईकर्मियों को बर्खास्त करने के आदेश दिये हैं।
मंडलायुक्त अजय दीप सिंह कमिश्नरी सभागार में स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। पता चला कि नगरीय निकायों द्वारा 2.80 करोड़ रुपये संपरीक्षा शुल्क जमा नहीं किया गया है।
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बडे़ बकायेदारों में नगर निगम अलीगढ़ 1.22 करोड़, नगर पालिका परिषद अतरौली लगभग 37 लाख रुपये, नगर पालिका कासगंज 12.34 लाख, एडीए 51.87 लाख, नगर पंचायत सासनी हाथरस 6.85 लाख रुपये शामिल हैं। उन्होंने सभी निकायों को निर्देश देते हुए कहा कि संपरीक्षा शुल्क की अवशेष धनराशि इसी माह जमा कर दी जाये।
उन्होंने सभी जनपदों के अपर जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 30 सितंबर तक प्रत्येक दशा में सभी निकायों के वार्डों को ओडीएफ कर दिया जाय। डोर.टू.डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए नियमित रूप से साफ.सफाई का कार्य कराया जाये।
उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि ठेका एवं संविदा पर किसी भी व्यक्ति की नियुक्ति नहीं की जाएगी, जब तक इनकी नियुक्ति से संबंधित जांच पूरी न हो जाये। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में होर्डिग्स मनमाने ढंग से लगाए जा रहे हैं। इनका स्थलीय सत्यापन किया जाए।
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महानगर को गड्ढामुक्त न करने एवं राज्य वित्त आयोग की धनराशि व्यय न करने के मामले में नगर निगम के अधिशासी अधिकारी का वेतन रोकने एवं प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश हो गए हैं।
यही नहीं कमिश्नर ने आडिट फीस, राजस्व वसूली एवं महानगर में गंदगी की समस्या दूर करने में नाकाम मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को चेतावनी जारी की है। उन्होंने सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ठेके एवं संविदा के लापरवाह एवं अनुपस्थित रहने वाले सफाईकर्मियों को बर्खास्त करने के आदेश दिये हैं।
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मंडलायुक्त अजय दीप सिंह कमिश्नरी सभागार में स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। पता चला कि नगरीय निकायों द्वारा 2.80 करोड़ रुपये संपरीक्षा शुल्क जमा नहीं किया गया है।
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बडे़ बकायेदारों में नगर निगम अलीगढ़ 1.22 करोड़, नगर पालिका परिषद अतरौली लगभग 37 लाख रुपये, नगर पालिका कासगंज 12.34 लाख, एडीए 51.87 लाख, नगर पंचायत सासनी हाथरस 6.85 लाख रुपये शामिल हैं। उन्होंने सभी निकायों को निर्देश देते हुए कहा कि संपरीक्षा शुल्क की अवशेष धनराशि इसी माह जमा कर दी जाये।
उन्होंने सभी जनपदों के अपर जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 30 सितंबर तक प्रत्येक दशा में सभी निकायों के वार्डों को ओडीएफ कर दिया जाय। डोर.टू.डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए नियमित रूप से साफ.सफाई का कार्य कराया जाये।
उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि ठेका एवं संविदा पर किसी भी व्यक्ति की नियुक्ति नहीं की जाएगी, जब तक इनकी नियुक्ति से संबंधित जांच पूरी न हो जाये। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में होर्डिग्स मनमाने ढंग से लगाए जा रहे हैं। इनका स्थलीय सत्यापन किया जाए।