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वोटर लिस्ट से नाम गायब होने के आरोप की जांच शुरू
Updated Wed, 06 Dec 2017 02:01 AM IST
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वोटर लिस्ट से नाम गायब होने के आरोपों की जांच शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
नगर निकाय चुनावों के दौरान वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में गायब होने के मामले की जांच शुरू हो गई है। प्रभारी जिलाधिकारी एवं एडीएम सिटी ने जांच की जिम्मेदारी एडीएम प्रशासन को सौंपी है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी से बूथवार बढ़ाए गए और काटे गए मतदाताओं के नामों की सूची मांगी गई है। यही नहीं अनंतिम एवं अंतिम सूची का मिलान कर जांच का निष्कर्ष निकाले जाने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निकाय चुनाव 2017 में आम शिकायत यह रही थी कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम गायब मिले। कई परिवारों में तो ऐसी स्थिति थी कि पति का नाम था तो पत्नी का गायब, बेटे का था तो बेटी का गायब। इस मामले को लेकर निकाय चुनावों में हार से बौखलाए भाजपाइयों ने सोमवार को सिविल लाइन थाने का घेराव किया था। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम समेत कई अन्य वरिष्ठ अफसरों पर विपक्षियों से मिलकर धांधली करने का आरोप जड़ते हुए इन सभी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। बाद में जांच के आश्वासन पर भाजपाई माने।
प्रभारी जिलाधिकारी एवं एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बताया कि इस मामले में जांच की जिम्मेदारी एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा को सौंपी गई है। यही नहीं सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी से बूथवार बढ़ाए गए और काटे गए नामों की सूची तलब की गई है। इसके अलावा प्रशासन द्वारा जारी अनंतिम एवं अंतिम सूची का मिलान कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
नगर निकाय चुनावों के दौरान वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में गायब होने के मामले की जांच शुरू हो गई है। प्रभारी जिलाधिकारी एवं एडीएम सिटी ने जांच की जिम्मेदारी एडीएम प्रशासन को सौंपी है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी से बूथवार बढ़ाए गए और काटे गए मतदाताओं के नामों की सूची मांगी गई है। यही नहीं अनंतिम एवं अंतिम सूची का मिलान कर जांच का निष्कर्ष निकाले जाने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निकाय चुनाव 2017 में आम शिकायत यह रही थी कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम गायब मिले। कई परिवारों में तो ऐसी स्थिति थी कि पति का नाम था तो पत्नी का गायब, बेटे का था तो बेटी का गायब। इस मामले को लेकर निकाय चुनावों में हार से बौखलाए भाजपाइयों ने सोमवार को सिविल लाइन थाने का घेराव किया था। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम समेत कई अन्य वरिष्ठ अफसरों पर विपक्षियों से मिलकर धांधली करने का आरोप जड़ते हुए इन सभी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। बाद में जांच के आश्वासन पर भाजपाई माने।
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प्रभारी जिलाधिकारी एवं एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बताया कि इस मामले में जांच की जिम्मेदारी एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा को सौंपी गई है। यही नहीं सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी से बूथवार बढ़ाए गए और काटे गए नामों की सूची तलब की गई है। इसके अलावा प्रशासन द्वारा जारी अनंतिम एवं अंतिम सूची का मिलान कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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