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गंगाजल में काली नदी का पानी मैला
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पर्यावरण रक्षा समिति के बैनरतले सिंघानिया यूनिवर्सिटी राजस्थान के पूर्व कुलपति डॉ. आर स्वरूप की अध्यक्षता में वैज्ञानिकों ने काली नदी का पानी मैला होने पर चिंता जताई।
डॉ. स्वरूप ने कहा कि होली के बाद बुलंदशहर, अलीगढ़ सीमा छतारी, अलीगढ़, एटा, कासगंज सीमा नदरई डैम के काली नदी के पानी के नमूने में पाया गया कि नदी का पानी 80-85 प्रतिशत प्रदूषित हो चुका है। इससे गहरा पर्यावरण संकट उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने कहा कि काली नदी के जल के रंग का स्तर 100 हेजन से अधिक पाया गया, जबकि यह 25 हेजन से कम होना चाहिए। काली नदी गंगा में गिरती है तो गंगाजल दूषित हो जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि काली नदी के प्रदूषित होने पर नियंत्रण नहीं किया गया तो गंगा सफाई योजना पर भारत सरकार के करोड़ों रुपये व्यर्थ हो जाएंगे। इस अवसर पर भिलाई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीडी सिंह, पर्यावरणविद् डॉ. अमरनाथ मौर्य, इंजीनियर केसी शर्मा आदि मौजूद रहे।
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पर्यावरण रक्षा समिति के बैनरतले सिंघानिया यूनिवर्सिटी राजस्थान के पूर्व कुलपति डॉ. आर स्वरूप की अध्यक्षता में वैज्ञानिकों ने काली नदी का पानी मैला होने पर चिंता जताई।
डॉ. स्वरूप ने कहा कि होली के बाद बुलंदशहर, अलीगढ़ सीमा छतारी, अलीगढ़, एटा, कासगंज सीमा नदरई डैम के काली नदी के पानी के नमूने में पाया गया कि नदी का पानी 80-85 प्रतिशत प्रदूषित हो चुका है। इससे गहरा पर्यावरण संकट उत्पन्न हो गया है।
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उन्होंने कहा कि काली नदी के जल के रंग का स्तर 100 हेजन से अधिक पाया गया, जबकि यह 25 हेजन से कम होना चाहिए। काली नदी गंगा में गिरती है तो गंगाजल दूषित हो जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि काली नदी के प्रदूषित होने पर नियंत्रण नहीं किया गया तो गंगा सफाई योजना पर भारत सरकार के करोड़ों रुपये व्यर्थ हो जाएंगे। इस अवसर पर भिलाई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीडी सिंह, पर्यावरणविद् डॉ. अमरनाथ मौर्य, इंजीनियर केसी शर्मा आदि मौजूद रहे।
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