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16 नुमाइश ग्राउंड के वर्ष पयंत उपयोग पर मंथन
Updated Thu, 17 May 2018 02:28 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के एक माह को छोड़कर साल भर आमतौर पर खाली पड़े रहने वाले नुमाइश ग्राउंड से साल भर कमाई के लिए प्रशासन ने दिमागी घोड़े दौड़ाना शुरू कर दिया है।
प्रदर्शनी के नाम के अनुरूप यहां उद्योग जगत एवं कृषि से जुड़े आउटलेट्स अथवा डिस्प्ले सेंटर लगवाने पर मंथन हो रहा है। यही नहीं सप्ताह में एक दिन लगने वाले मंगल बाजार एवं रेलवे रोड समेत अन्य स्थानों पर लगने वाले अस्थायी बाजारों को तीन दिन नुमाइश ग्राउंड पर लगवाने पर भी विचार किया जा रहा है।
करीब 45 बीघा क्षेत्र में फैले नुमाइश ग्राउंड को मूलत: हर साल जनवरी फरवरी माह में होने वाली राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके बाद इस मैदान में स्थापित कृष्णांजलि मंच में होने वाले चंद कार्यक्रमों को छोड़कर वर्ष पर्यंत इसका निर्मित एवं अनिर्मित क्षेत्र खाली ही पड़ा रहता है।
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हालांकि यहां हर सप्ताह मंगलवार के दिन मंगल बाजार लगता है, वह भी सीमित एरिया में। अब इसे उपयोग में लाने एवं नुमाइश की आय बढ़ाने पर प्रशासन गंभीरता से विचार कर रहा है।
इस बात पर चर्चा हो रही है कि नाम के अनुरूप यहां उद्योग विभाग के सहयोग से उद्योग जगत से संबंधित आउटलेट्स एवं डिस्प्ले सेंटर खुलवा दिये जाएं। इसके अलावा कृषि विभाग के सहयोग से पेस्टीसाइड्स वगैरह की बिक्री करायी जाए।
यही नहीं रेलवे रोड समेत अन्य स्थानों पर लगने वाले अस्थायी बाजारों को हटाकर नुमाइश ग्राउंड में सप्ताह में तीन दिन लगवाया जाए। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने स्वीकार किया कि नुमाइश की आय बढ़ाने के लिए इसके ग्राउंड के वर्ष पर्यंत उपयोग पर मंथन किया जा रहा है।
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राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के एक माह को छोड़कर साल भर आमतौर पर खाली पड़े रहने वाले नुमाइश ग्राउंड से साल भर कमाई के लिए प्रशासन ने दिमागी घोड़े दौड़ाना शुरू कर दिया है।
प्रदर्शनी के नाम के अनुरूप यहां उद्योग जगत एवं कृषि से जुड़े आउटलेट्स अथवा डिस्प्ले सेंटर लगवाने पर मंथन हो रहा है। यही नहीं सप्ताह में एक दिन लगने वाले मंगल बाजार एवं रेलवे रोड समेत अन्य स्थानों पर लगने वाले अस्थायी बाजारों को तीन दिन नुमाइश ग्राउंड पर लगवाने पर भी विचार किया जा रहा है।
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करीब 45 बीघा क्षेत्र में फैले नुमाइश ग्राउंड को मूलत: हर साल जनवरी फरवरी माह में होने वाली राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके बाद इस मैदान में स्थापित कृष्णांजलि मंच में होने वाले चंद कार्यक्रमों को छोड़कर वर्ष पर्यंत इसका निर्मित एवं अनिर्मित क्षेत्र खाली ही पड़ा रहता है।
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हालांकि यहां हर सप्ताह मंगलवार के दिन मंगल बाजार लगता है, वह भी सीमित एरिया में। अब इसे उपयोग में लाने एवं नुमाइश की आय बढ़ाने पर प्रशासन गंभीरता से विचार कर रहा है।
इस बात पर चर्चा हो रही है कि नाम के अनुरूप यहां उद्योग विभाग के सहयोग से उद्योग जगत से संबंधित आउटलेट्स एवं डिस्प्ले सेंटर खुलवा दिये जाएं। इसके अलावा कृषि विभाग के सहयोग से पेस्टीसाइड्स वगैरह की बिक्री करायी जाए।
यही नहीं रेलवे रोड समेत अन्य स्थानों पर लगने वाले अस्थायी बाजारों को हटाकर नुमाइश ग्राउंड में सप्ताह में तीन दिन लगवाया जाए। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने स्वीकार किया कि नुमाइश की आय बढ़ाने के लिए इसके ग्राउंड के वर्ष पर्यंत उपयोग पर मंथन किया जा रहा है।