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कहानी कहने की कला से अवगत हुए एएमयू छात्र
Updated Mon, 12 Mar 2018 02:32 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जाने माने कहानीकार एवं कथावाचक नीलेश मिश्रा ने एएमयू छात्रों को कहानी कहने की कला से अवगत कराया। हालांकि इस दौरान कुछ बाहरी युवकों के शोर से वह बेहद नाराज भी हुए। बाहरी युवकों के हूट के कारण सस्वर कविता पाठ बीच में रोकना पड़ा।
एएमयू के कल्चरल एजूकेशन सेंटर के यूनिवर्सिटी डिबेटिंग एंड लिटरेरी क्लब के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव के आखिरी दिन नीलेश मिश्रा छात्रों के बीच करीब तीन घंटे तक कहानी सुनाते रहे।
इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं की कहानी के प्रति दिलचस्पी एवं उत्साह देखने लायक थी। कार्यक्रम के अंत में कैनेडी हॉल तालियों से गूंज उठा। हालांकि नीलेश मिश्रा के पहुंचने के पहले से ही कुछ युवक शोरगुल कर कार्यक्रम के रंग में भंग डालने का प्रयास कर रहे थे।
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इसकी वजह से अलका रंजन, पूर्वा भारद्वाज, श्वेता त्रिपाठी एवं रिजवाना फातिमा का सस्वर कविता पाठ का कार्यक्रम बाधित हुआ। जब नीलेश मिश्रा मंच पर पहुंचे, उस समय भी शोरगुल हो रहा था। इसी बीच उन्होंने ‘दीवाली की रात’ कहानी प्रारंभ कर दी। बावजूद इसके कुछ छात्र शोर करते रहे।
नाराज होकर नीलेश मिश्रा ने यहां तक कह दिया कि सात साल में पहली बार उनके कार्यक्रम में ऐसा हो रहा है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि आप लोग शांत नहीं रहेंगे तो मैं चला जाऊंगा।
इसी बीच सीईसी के समन्वयक प्रो. एफए शीरानी पहुंच गए और उन्होंने शोर करने वाले युवकों को बाहर निकलने को कहा। प्रो. शीरानी ने बताया कि नीलेश मिश्रा का नाम सुनकर कुछ बाहरी युवक पहुंच गए थे, जिन्हें बाहर निकलवा दिया गया।
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जाने माने कहानीकार एवं कथावाचक नीलेश मिश्रा ने एएमयू छात्रों को कहानी कहने की कला से अवगत कराया। हालांकि इस दौरान कुछ बाहरी युवकों के शोर से वह बेहद नाराज भी हुए। बाहरी युवकों के हूट के कारण सस्वर कविता पाठ बीच में रोकना पड़ा।
एएमयू के कल्चरल एजूकेशन सेंटर के यूनिवर्सिटी डिबेटिंग एंड लिटरेरी क्लब के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव के आखिरी दिन नीलेश मिश्रा छात्रों के बीच करीब तीन घंटे तक कहानी सुनाते रहे।
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इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं की कहानी के प्रति दिलचस्पी एवं उत्साह देखने लायक थी। कार्यक्रम के अंत में कैनेडी हॉल तालियों से गूंज उठा। हालांकि नीलेश मिश्रा के पहुंचने के पहले से ही कुछ युवक शोरगुल कर कार्यक्रम के रंग में भंग डालने का प्रयास कर रहे थे।
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इसकी वजह से अलका रंजन, पूर्वा भारद्वाज, श्वेता त्रिपाठी एवं रिजवाना फातिमा का सस्वर कविता पाठ का कार्यक्रम बाधित हुआ। जब नीलेश मिश्रा मंच पर पहुंचे, उस समय भी शोरगुल हो रहा था। इसी बीच उन्होंने ‘दीवाली की रात’ कहानी प्रारंभ कर दी। बावजूद इसके कुछ छात्र शोर करते रहे।
नाराज होकर नीलेश मिश्रा ने यहां तक कह दिया कि सात साल में पहली बार उनके कार्यक्रम में ऐसा हो रहा है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि आप लोग शांत नहीं रहेंगे तो मैं चला जाऊंगा।
इसी बीच सीईसी के समन्वयक प्रो. एफए शीरानी पहुंच गए और उन्होंने शोर करने वाले युवकों को बाहर निकलने को कहा। प्रो. शीरानी ने बताया कि नीलेश मिश्रा का नाम सुनकर कुछ बाहरी युवक पहुंच गए थे, जिन्हें बाहर निकलवा दिया गया।