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दुनिया के पुस्तकालयों का मानचित्र बनेगा
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:07 AM IST
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दुनिया के पुस्तकालयों का बनेगा मानचित्र
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
दुनिया के पुस्तकालयों के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर सिंगापुर में 28-29 जून को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था। इसका आयोजन इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ लाइब्रेरी एसोसिएशन एंड इंस्टीट्यूट (आईएफएलए) द्वारा किया गया था। इसमें इंडियन लाइब्रेरी एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं एएमयू के लाइब्रेरी एंड इंफोरमेशन साइंस विभाग के प्रो. शबाहत हुसैन भी शामिल हुए।
प्रो. शबाहत हुसैन ने बताया कि कान्फ्रेंस में आईएफएलए के अध्यक्ष डोना शीडर एवं महासचिव गेराल्ड लिटनर ने ग्लोबल विजन लांच किया ताकि पुस्तकालयों के समक्ष उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को हल किया जा सके। प्रो. शबाहत हुसैन ने बताया कि अभी यह साफ-साफ बताना मुश्किल है कि दुनिया में कितने पुस्तकालय हैं। इसको ध्यान में रखते हुए दुनिया के पुस्तकालयों के मानचित्र की रचना के लिए एक सर्वे कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती है कि सारी दुनिया की लाइब्रेरी एक तरह से काम करें और सूचना एक कोने से दूसरे कोने तक आसानी से पहुंच जाए। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो तकनीकी रूप से बेहद पिछड़े हैं। कई देशों में बिजली की समस्या है। उन्होंने कहा कि हर जगह तकनीक एवं संसाधन पहुंचाने के लिए इंटरनेशनल फंड होना चाहिए। इसमें विभिन्न देशों की सरकार एवं यूएनओ भी मददगार बन सकता है। उन्होंने बताया कि कान्फ्रेंस में 27 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
दुनिया के पुस्तकालयों के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर सिंगापुर में 28-29 जून को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था। इसका आयोजन इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ लाइब्रेरी एसोसिएशन एंड इंस्टीट्यूट (आईएफएलए) द्वारा किया गया था। इसमें इंडियन लाइब्रेरी एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं एएमयू के लाइब्रेरी एंड इंफोरमेशन साइंस विभाग के प्रो. शबाहत हुसैन भी शामिल हुए।
प्रो. शबाहत हुसैन ने बताया कि कान्फ्रेंस में आईएफएलए के अध्यक्ष डोना शीडर एवं महासचिव गेराल्ड लिटनर ने ग्लोबल विजन लांच किया ताकि पुस्तकालयों के समक्ष उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को हल किया जा सके। प्रो. शबाहत हुसैन ने बताया कि अभी यह साफ-साफ बताना मुश्किल है कि दुनिया में कितने पुस्तकालय हैं। इसको ध्यान में रखते हुए दुनिया के पुस्तकालयों के मानचित्र की रचना के लिए एक सर्वे कराया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती है कि सारी दुनिया की लाइब्रेरी एक तरह से काम करें और सूचना एक कोने से दूसरे कोने तक आसानी से पहुंच जाए। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो तकनीकी रूप से बेहद पिछड़े हैं। कई देशों में बिजली की समस्या है। उन्होंने कहा कि हर जगह तकनीक एवं संसाधन पहुंचाने के लिए इंटरनेशनल फंड होना चाहिए। इसमें विभिन्न देशों की सरकार एवं यूएनओ भी मददगार बन सकता है। उन्होंने बताया कि कान्फ्रेंस में 27 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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