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एक भी बूचड़खाने का लाइसेंस आवेदन नहीं
Updated Tue, 18 Jul 2017 01:26 AM IST
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एक भी बूचड़खाने का लाइसेंस आवेदन नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला
अलीगढ़। योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों पर हुई कार्रवाई के बाद अब तक एक भी कारोबारी ने लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया है।
अलीगढ़ में मकदूम नगर, हड्डी गोदाम और आसपास के इलाकों में तकरीबन आधा दर्जन बूचड़खाने बंद कराए गए थे और इनके एक दर्जन से अधिक गोदामाें को सील कराया गया था। इधर, लंबी प्रतीक्षा के बाद भी नगर निगम के मकदूम नगर स्थित स्लाटर हाउस को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। जिसकी वजह से सभी मांस विक्रेताओं को बफैलो मीट एक्सपोर्ट यूनिट से ही खरीद करनी पड़ रही है। इन मीट फैक्ट्रियों से रोजाना सात टन मांस शहर की अलग अलग मंडियों में पहुंच रहा है।
बूचड़खानों पर कार्रवाई के बाद एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उत्तर प्रदेश शासन को बंद कराए गए बूचड़खानों को 7 जुलाई तक लाइसेंस प्रणाली में लाने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक इस संबंध में किसी भी कारोबारी ने आवेदन नहीं किया है।
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एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बताया कि किसी भी कारोबारी ने बूचड़खाने से संबंधित कोई भी आवेदन नहीं किया है। नगर निगम स्लाटर हाउस को चलाने की अनुमति भी शासन स्तर से विचाराधीन है। इस पर भी कोई फैसला नहीं हुआ है।
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ब्यूरो, अमर उजाला
अलीगढ़। योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों पर हुई कार्रवाई के बाद अब तक एक भी कारोबारी ने लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया है।
अलीगढ़ में मकदूम नगर, हड्डी गोदाम और आसपास के इलाकों में तकरीबन आधा दर्जन बूचड़खाने बंद कराए गए थे और इनके एक दर्जन से अधिक गोदामाें को सील कराया गया था। इधर, लंबी प्रतीक्षा के बाद भी नगर निगम के मकदूम नगर स्थित स्लाटर हाउस को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। जिसकी वजह से सभी मांस विक्रेताओं को बफैलो मीट एक्सपोर्ट यूनिट से ही खरीद करनी पड़ रही है। इन मीट फैक्ट्रियों से रोजाना सात टन मांस शहर की अलग अलग मंडियों में पहुंच रहा है।
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बूचड़खानों पर कार्रवाई के बाद एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उत्तर प्रदेश शासन को बंद कराए गए बूचड़खानों को 7 जुलाई तक लाइसेंस प्रणाली में लाने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक इस संबंध में किसी भी कारोबारी ने आवेदन नहीं किया है।
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एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बताया कि किसी भी कारोबारी ने बूचड़खाने से संबंधित कोई भी आवेदन नहीं किया है। नगर निगम स्लाटर हाउस को चलाने की अनुमति भी शासन स्तर से विचाराधीन है। इस पर भी कोई फैसला नहीं हुआ है।