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50 फीसदी से अधिक परीक्षक गैरहाजिर
Updated Thu, 22 Mar 2018 02:07 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए पांच दिन बाद भी 50 फीसदी से अधिक परीक्षक नहीं आ रहे हैं। इस वजह से अभी तक केवल 22 फीसदी ही कॉपियां जंच पाई हैं। मूल्यांकन के 10 दिन शेष बचे हैं और नौ लाख से ज्यादा कॉपियां जांची जानी हैं। ऐसे में अब अन्य अध्यापकों को कॉपियां जांचने के लिए टटोला जा रहा है।
यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम पांच केंद्रोें पर हो रहा है। 17 मार्च से मूल्यांकन का काम शुरू हुआ है। शासन का निर्देश था कि 15 दिन के अंदर इसे पूरा करा लिया जाए। इसके लिए जिले में 3816 परीक्षकों और 261 डीएचआई की ड्यूटी लगाई गई।
वित्त विहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य से बहिष्कार कर दिया है। इस वजह से पांच दिन बाद भी अभी तक केवल 1593 परीक्षक की काम पर आ रहे हैं। 2223 परीक्षकोें ने कॉपियां जांचना शुरू ही नहीं किया है। इसी तरह से 132 डीएचई भी गैरहाजिर हैं। इस जिले को 1240074 उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के लिए भेजी गई हैं।
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बुधवार को 84030 उत्तर पुस्तिकाएं जांची गईं। अभी तक कुल 2,75,838 कॉपियां जांची जा चुकी हैं, जबकि 9,64,236 उत्तर पुस्तिकाएं शेष बची हैं। नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज में समाज शास्त्र, हिंदी, भौतिक विज्ञान के परीक्षकोें की संख्या बहुत कम है।
वहां के प्रधानाचार्य शीलेंद्र कु्मार ने अवकाश प्राप्त शिक्षकों के अलावा निजी व वित्त विहीन विद्यालयों के योग्य शिक्षकोें से कहा है कि यदि वह इन विषयों में कॉपी जांचने की योग्यता रखते हैं तो मूल्यांकन केंद्र पर आ सकते हैं। उन्हें तय पारिश्रमिक दिया जाएगा।
एसएमबी इंटर कॉलेजके प्रधानाचार्य केके शर्मा ने विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से अपील की है कि वह अपने कॉलेजोें से योग्य अध्यापकोें को मूल्यांकन के लिए भेज दें। इधर, एडीआईओएस डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय का कहना है कि उम्मीद है कि परीक्षक जल्द ही कार्य पर आ जाएंगे और मूल्यांकन समय से पूरा हो जाएगा।
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यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए पांच दिन बाद भी 50 फीसदी से अधिक परीक्षक नहीं आ रहे हैं। इस वजह से अभी तक केवल 22 फीसदी ही कॉपियां जंच पाई हैं। मूल्यांकन के 10 दिन शेष बचे हैं और नौ लाख से ज्यादा कॉपियां जांची जानी हैं। ऐसे में अब अन्य अध्यापकों को कॉपियां जांचने के लिए टटोला जा रहा है।
यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम पांच केंद्रोें पर हो रहा है। 17 मार्च से मूल्यांकन का काम शुरू हुआ है। शासन का निर्देश था कि 15 दिन के अंदर इसे पूरा करा लिया जाए। इसके लिए जिले में 3816 परीक्षकों और 261 डीएचआई की ड्यूटी लगाई गई।
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वित्त विहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य से बहिष्कार कर दिया है। इस वजह से पांच दिन बाद भी अभी तक केवल 1593 परीक्षक की काम पर आ रहे हैं। 2223 परीक्षकोें ने कॉपियां जांचना शुरू ही नहीं किया है। इसी तरह से 132 डीएचई भी गैरहाजिर हैं। इस जिले को 1240074 उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के लिए भेजी गई हैं।
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बुधवार को 84030 उत्तर पुस्तिकाएं जांची गईं। अभी तक कुल 2,75,838 कॉपियां जांची जा चुकी हैं, जबकि 9,64,236 उत्तर पुस्तिकाएं शेष बची हैं। नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज में समाज शास्त्र, हिंदी, भौतिक विज्ञान के परीक्षकोें की संख्या बहुत कम है।
वहां के प्रधानाचार्य शीलेंद्र कु्मार ने अवकाश प्राप्त शिक्षकों के अलावा निजी व वित्त विहीन विद्यालयों के योग्य शिक्षकोें से कहा है कि यदि वह इन विषयों में कॉपी जांचने की योग्यता रखते हैं तो मूल्यांकन केंद्र पर आ सकते हैं। उन्हें तय पारिश्रमिक दिया जाएगा।
एसएमबी इंटर कॉलेजके प्रधानाचार्य केके शर्मा ने विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से अपील की है कि वह अपने कॉलेजोें से योग्य अध्यापकोें को मूल्यांकन के लिए भेज दें। इधर, एडीआईओएस डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय का कहना है कि उम्मीद है कि परीक्षक जल्द ही कार्य पर आ जाएंगे और मूल्यांकन समय से पूरा हो जाएगा।