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अलीगढ़... लेकिन लकी पर अलीगढ़ में नहीं कोई मुकदमा
Updated Sat, 23 Dec 2017 02:05 AM IST
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लेकिन लकी पर अलीगढ़ में नहीं कोई मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
ब्यूरो, अमर उजाला, गंगीरी (अलीगढ़)।
गुरुग्राम में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दादों थाना क्षेत्र के गांव वाजिदपुर निवासी 20 वर्षीय आकाश सिंह उर्फ लकी पर दादों थाने समेत अलीगढ़ में एक भी मुकदमा नहीं हैं। परिवार के साथ खुद गांव वाले इस खबर से आश्चर्य चकित हैं कि आकाश हिस्ट्रीशीटर बदमाश था। पुलिस ने एनकाउंटर में उसे मार गिराया।
जानकारी होते ही पिता सुखवीर समेत अन्य परिजन गुरुग्राम चले गए थे। घर पर मौजूद मां रोते-बिलखते हुए यही कहती रही कि उनका लकी अपराधी नहीं था।
शुक्रवार को दोपहर बाद वाजिदपुर गांव में मिले आकाश सिंह उर्फ लकी के ताऊ मुरारी सिंह ने बताया कि करीब सात साल पहले 13 वर्ष की आयु में आकाश गांव से गुरुग्राम गया था। गुरुग्राम में वाजिदपुर के कई लोग मेहनत मजदूरी करते हैं।
उन्हीं के पास आकाश भी काम की तलाश में गया था। तब से वहीं था। परिवार और गांव वालों को यही पता है कि आकाश गुरुग्राम में टैंपो चलाता था। टैंपो चलाकर ही उसने अपनी एक बहन की शादी की। एक बहन की शादी होनी है।
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दस साल का छोटा भाई अभिषेक, मां ऊषा देवी और बहनों का रोकर हाल बुरा था। दादों थानाध्यक्ष अजय सिंह चाहर के अनुसार थाने में आकाश के खिलाफ एक भी मुकदमा नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
ब्यूरो, अमर उजाला, गंगीरी (अलीगढ़)।
गुरुग्राम में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दादों थाना क्षेत्र के गांव वाजिदपुर निवासी 20 वर्षीय आकाश सिंह उर्फ लकी पर दादों थाने समेत अलीगढ़ में एक भी मुकदमा नहीं हैं। परिवार के साथ खुद गांव वाले इस खबर से आश्चर्य चकित हैं कि आकाश हिस्ट्रीशीटर बदमाश था। पुलिस ने एनकाउंटर में उसे मार गिराया।
जानकारी होते ही पिता सुखवीर समेत अन्य परिजन गुरुग्राम चले गए थे। घर पर मौजूद मां रोते-बिलखते हुए यही कहती रही कि उनका लकी अपराधी नहीं था।
शुक्रवार को दोपहर बाद वाजिदपुर गांव में मिले आकाश सिंह उर्फ लकी के ताऊ मुरारी सिंह ने बताया कि करीब सात साल पहले 13 वर्ष की आयु में आकाश गांव से गुरुग्राम गया था। गुरुग्राम में वाजिदपुर के कई लोग मेहनत मजदूरी करते हैं।
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उन्हीं के पास आकाश भी काम की तलाश में गया था। तब से वहीं था। परिवार और गांव वालों को यही पता है कि आकाश गुरुग्राम में टैंपो चलाता था। टैंपो चलाकर ही उसने अपनी एक बहन की शादी की। एक बहन की शादी होनी है।
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दस साल का छोटा भाई अभिषेक, मां ऊषा देवी और बहनों का रोकर हाल बुरा था। दादों थानाध्यक्ष अजय सिंह चाहर के अनुसार थाने में आकाश के खिलाफ एक भी मुकदमा नहीं है।