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तब 7085 वोट हासिल कर अध्यक्ष बने थे फैजुल
Updated Mon, 11 Dec 2017 01:45 AM IST
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तब 7085 वोट हासिल कर अध्यक्ष बने थे फैजुल
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले से दिलचस्प हो गया है। इस बार मतों का ध्रुवीकरण होने की संभावना है। ऐसे में अभी से छात्र मतदान का प्रतिशत बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। पिछले चुनाव के आंकड़े जुटाकर भी छात्र नेता रणनीति बना रहे हैं।
पिछले छात्र संघ चुनाव (2016-17) में करीब 7085 वोट हासिल कर फैजुल हसन अध्यक्ष बने थे। कहने को मैदान में पांच प्रत्याशी थे, लेकिन मुख्य मुकाबला फैजुल हसन एवं अब्दुल फराह शाजली के बीच हुआ था। फैजुल को 7085 तो शाजली को 4469 वोट मिले थे। मो. रिजवान को 560, हसमुद्दीन को 12 एवं सलमान खान को 48 वोट मिले थे।
मो. नदीम अंसारी 4425 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष बने थे। उपाध्यक्ष पद पर पांच उम्मीदवार थे, लेकिन मुकाबला त्रिकोणीय रहा था। मो. अराफात हसन रिजवी को 2892 एवं कहकशां खान को 2886 वोट मिले थे। फरहान अली ने 1012 एवं जानिब हसन ने 939 वोट हासिल किये थे। इसी तरह सचिव पद पर भी पांच प्रत्याशी थे। मुख्य मुकाबला नबील उस्मानी एवं मो. इमरान गाजी के बीच हुआ था। सचिव निर्वाचित हुए नबील उस्मानी को 5563 वोट मिले थे जबकि दूसरे स्थान पर रहे इमरान गाजी ने 4099 वोट हासिल किये थे। मोहम्मद शिकोह को 1047, वरुण वार्ष्णेय को 516 एवं महफूज आलम को 880 वोट मिले थे।
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एएमयू के छात्र राजनीति के जानकार लोगों का कहना है कि यह चुनाव बेहद दिलचस्प है। क्योंकि गैर मुस्लिम प्रत्याशी अजय सिंह भी चुनाव मैदान में हैं। वोटों का बंटवारा तीन जगह हुआ, तो चुनाव कांटे का होगा। आमने-सामने की लड़ाई में जीत के लिए किसी भी प्रत्याशी को 7 हजार से अधिक मतों की दरकार है।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले से दिलचस्प हो गया है। इस बार मतों का ध्रुवीकरण होने की संभावना है। ऐसे में अभी से छात्र मतदान का प्रतिशत बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। पिछले चुनाव के आंकड़े जुटाकर भी छात्र नेता रणनीति बना रहे हैं।
पिछले छात्र संघ चुनाव (2016-17) में करीब 7085 वोट हासिल कर फैजुल हसन अध्यक्ष बने थे। कहने को मैदान में पांच प्रत्याशी थे, लेकिन मुख्य मुकाबला फैजुल हसन एवं अब्दुल फराह शाजली के बीच हुआ था। फैजुल को 7085 तो शाजली को 4469 वोट मिले थे। मो. रिजवान को 560, हसमुद्दीन को 12 एवं सलमान खान को 48 वोट मिले थे।
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मो. नदीम अंसारी 4425 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष बने थे। उपाध्यक्ष पद पर पांच उम्मीदवार थे, लेकिन मुकाबला त्रिकोणीय रहा था। मो. अराफात हसन रिजवी को 2892 एवं कहकशां खान को 2886 वोट मिले थे। फरहान अली ने 1012 एवं जानिब हसन ने 939 वोट हासिल किये थे। इसी तरह सचिव पद पर भी पांच प्रत्याशी थे। मुख्य मुकाबला नबील उस्मानी एवं मो. इमरान गाजी के बीच हुआ था। सचिव निर्वाचित हुए नबील उस्मानी को 5563 वोट मिले थे जबकि दूसरे स्थान पर रहे इमरान गाजी ने 4099 वोट हासिल किये थे। मोहम्मद शिकोह को 1047, वरुण वार्ष्णेय को 516 एवं महफूज आलम को 880 वोट मिले थे।
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एएमयू के छात्र राजनीति के जानकार लोगों का कहना है कि यह चुनाव बेहद दिलचस्प है। क्योंकि गैर मुस्लिम प्रत्याशी अजय सिंह भी चुनाव मैदान में हैं। वोटों का बंटवारा तीन जगह हुआ, तो चुनाव कांटे का होगा। आमने-सामने की लड़ाई में जीत के लिए किसी भी प्रत्याशी को 7 हजार से अधिक मतों की दरकार है।