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परीक्षा केंद्रों में आधे से ज्यादा विद्यालय इस बार भी अतरौली क्षेत्र के
Updated Mon, 13 Nov 2017 01:26 AM IST
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परीक्षा केंद्रों में आधे से ज्यादा विद्यालय इस बार भी अतरौली क्षेत्र के
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा केंद्रों का ऑनलाइन निर्धारण कर दिया है। इस जिले में 213 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र के रूप में निर्धारित किया गया है। इसमें भी सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इसमें से आधे से ज्यादा परीक्षा केंद्र अतरौली क्षेत्र के हैं। जोकि नकल के लिए कुख्यात रहा है।
ऐसे में यह माना जा रहा है कि शासन ने भले ही सख्ती की हो और परीक्षा केंद्र बनाने में कई तरह की शर्तें रखी हों, लेकिन फिर भी काफी विद्यालयों की गलत आख्या भेजी गई और इसी वजह से मानक के विपरीत भी काफी विद्यालय परीक्षा कें द्रों की लिस्ट में शामिल हो गए। हालांकि अभी यह लिस्ट अनंतिम है और फाइनल लिस्ट जिला प्रशासन की आख्या के बाद ही बोर्ड तय करेगा।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए इस जिले के 213 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा नकल विहीन हो। इसके लिए शासन ने सभी विद्यालयों से ऑनलाइन सूचनाएं मांगी। यह जानकारी मांगी कि किस विद्यालय में कितने कमरे हैं।
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सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं। स्टॉफ की क्या स्थिति है। जिला मुख्यालय व तहसील मुख्यालय से कितनी दूरी है। पहले विद्यालय डिबार तो नहीं रहे। बिजली, पानी की क्या स्थिति है।
विद्यालयों ने अपने स्तर से सूचनाएं भेज दी तो उसके बाद परिषद ने स्थानीय स्तर पर डीआईओएस को इनका सत्यापन करने के निर्देश दिए। उसके बाद डीआईओएस के यहां से आख्या चली गई।
अब विद्यालयों की अनंतिम लिस्ट घोषित कर दी गई। इसमें 213 परीक्षा केंद्र यहां निर्धारित किए गए हैं। यह संख्या पिछली बार से काफी कम है। पिछली बार 273 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
इस बार हालांकि शासन ने वित्त पोषित और राजकीय विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने में वरीयता दी है, लेकिन नकल के लिए कुख्यात अतरौली क्षेत्र के 112 विद्यालय फिर भी परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल हो गए।
ऐसे विद्यालय भी परीक्षा केंद्र इस बार भी बन गए, जिनमें काफी कम कमरे हैं। सीसीटीवी कैमरे व अन्य सुविधाएं नहीं हैं, जोकि मानकों को पूरा नहीं करते। डीआईओएस डॉ.धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि 14 नवंबर को परिषद के सचिव वीडियो कांफ्रेंस करेंगे।
इसमें निर्देश दिए जाएंगे। अभी निर्धारित केंद्रों का परीक्षण होगा। जिला परीक्षा समिति अपनी रिपोर्ट भेजेगी और तब फाइनल लिस्ट तय होगी। जो परीक्षा केंद्र मानक पूरे नहीं करेंगे। वह इस लिस्ट से हट जाएंगे।
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ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा केंद्रों का ऑनलाइन निर्धारण कर दिया है। इस जिले में 213 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र के रूप में निर्धारित किया गया है। इसमें भी सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इसमें से आधे से ज्यादा परीक्षा केंद्र अतरौली क्षेत्र के हैं। जोकि नकल के लिए कुख्यात रहा है।
ऐसे में यह माना जा रहा है कि शासन ने भले ही सख्ती की हो और परीक्षा केंद्र बनाने में कई तरह की शर्तें रखी हों, लेकिन फिर भी काफी विद्यालयों की गलत आख्या भेजी गई और इसी वजह से मानक के विपरीत भी काफी विद्यालय परीक्षा कें द्रों की लिस्ट में शामिल हो गए। हालांकि अभी यह लिस्ट अनंतिम है और फाइनल लिस्ट जिला प्रशासन की आख्या के बाद ही बोर्ड तय करेगा।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए इस जिले के 213 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा नकल विहीन हो। इसके लिए शासन ने सभी विद्यालयों से ऑनलाइन सूचनाएं मांगी। यह जानकारी मांगी कि किस विद्यालय में कितने कमरे हैं।
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सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं। स्टॉफ की क्या स्थिति है। जिला मुख्यालय व तहसील मुख्यालय से कितनी दूरी है। पहले विद्यालय डिबार तो नहीं रहे। बिजली, पानी की क्या स्थिति है।
विद्यालयों ने अपने स्तर से सूचनाएं भेज दी तो उसके बाद परिषद ने स्थानीय स्तर पर डीआईओएस को इनका सत्यापन करने के निर्देश दिए। उसके बाद डीआईओएस के यहां से आख्या चली गई।
अब विद्यालयों की अनंतिम लिस्ट घोषित कर दी गई। इसमें 213 परीक्षा केंद्र यहां निर्धारित किए गए हैं। यह संख्या पिछली बार से काफी कम है। पिछली बार 273 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
इस बार हालांकि शासन ने वित्त पोषित और राजकीय विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने में वरीयता दी है, लेकिन नकल के लिए कुख्यात अतरौली क्षेत्र के 112 विद्यालय फिर भी परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल हो गए।
ऐसे विद्यालय भी परीक्षा केंद्र इस बार भी बन गए, जिनमें काफी कम कमरे हैं। सीसीटीवी कैमरे व अन्य सुविधाएं नहीं हैं, जोकि मानकों को पूरा नहीं करते। डीआईओएस डॉ.धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि 14 नवंबर को परिषद के सचिव वीडियो कांफ्रेंस करेंगे।
इसमें निर्देश दिए जाएंगे। अभी निर्धारित केंद्रों का परीक्षण होगा। जिला परीक्षा समिति अपनी रिपोर्ट भेजेगी और तब फाइनल लिस्ट तय होगी। जो परीक्षा केंद्र मानक पूरे नहीं करेंगे। वह इस लिस्ट से हट जाएंगे।