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अलीगढ़ के चार रोडवेज चालक लखनऊ में होंगे सम्मानित
Updated Wed, 20 Sep 2017 02:03 AM IST
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अतरौली डिपो के चार चालक लखनऊ में सम्मानित होकर बनेंगे प्रेरणास्रोत
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
छोटी लकीर को बड़ी करने के लिए उसे आगे नहीं बढ़ाए, बल्कि उसके बराबर एक नई बड़ी लकीर खींच देनी चाहिए। कुछ ऐसा ही कारनामा करके दिखाया है अतरौली डिपो की चार रोडवेज चालकों ने, जो दूसरे चालकों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। यही कारण है कि लखनऊ में 25 सितंबर को आयोजित होने वाले पं. दीनदयाल उपाध्याय शताब्दी समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
परिवहन निगम के मुख्यालय ने अलीगढ़ रीजन से ऐसे सात चालकों के नाम मांगे थे। जिनकी कि पिछले 10 वर्ष के कार्यकाल में कोई दुर्घटना न हुई हो और उनके खिलाफ किसी यात्री ने कोई शिकायत भी न की हो।
क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय से ऐसे चालकों की जानकारी अलीगढ़, बुद्ध बिहार, एटा, हाथरस, कासगंज, नरौरा एवं अतरौली डिपो के उप क्षेत्रीय प्रबंधकों से मांगी, लेकिन अतरौली डिपो को छोड़कर किसी के पास ऐसे चालक नहीं निकले। यही कारण है कि अतरौली डिपो के चार चालकों का नाम मुख्यालय के लिए भेजा गया है।
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सम्मानित होने के लिए चयनित होने वालों में सोनपाल सिंह पुत्र बखेड़ी सिंह, तेजपाल सिंह पुत्र राधारमन नियमित चालक हैं, जबकि हरिकेश पुत्र नेत्रपाल सिंह, नवाब सिंह पुत्र रामरहीश संविदा चालक हैं।
‘अमर उजाला’ ने जब इन चालकों से बात की तो उन्होंने लगभग एक जैसी बात कही कि वह मदिरापान का सेवन करके ड्राइविंग नहीं करते। इसके साथ ही पूरे गाड़ी में बैठी सवारियों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है, जो प्राथमिकता पर रहती है। चारों चालकों ने बताया कि गाड़ी की स्पीड भी नियंत्रित ही रखते हैं।
सुविधा देने से कर्मचारी निष्ठा के साथ करता है काम
मेरा मानना है कि जिस चालक को मार्ग की जानकारी हो और उसे सुविधानुसार उसी मार्ग पर चलने की अनुमति प्रदान कर दी जाए तो वह पूरी निष्ठा के साथ काम करता है। पूरे रीजन में हमारे डिपो के चार चालक सम्मानित होने के लिए लखनऊ जा रहे हैं। गर्व की बात है। साथ ही इससे अन्य चालकों को भी प्रेरणा मिलेगी। - राजेश कुमार यादव, एआरएम अतरौली
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
छोटी लकीर को बड़ी करने के लिए उसे आगे नहीं बढ़ाए, बल्कि उसके बराबर एक नई बड़ी लकीर खींच देनी चाहिए। कुछ ऐसा ही कारनामा करके दिखाया है अतरौली डिपो की चार रोडवेज चालकों ने, जो दूसरे चालकों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। यही कारण है कि लखनऊ में 25 सितंबर को आयोजित होने वाले पं. दीनदयाल उपाध्याय शताब्दी समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
परिवहन निगम के मुख्यालय ने अलीगढ़ रीजन से ऐसे सात चालकों के नाम मांगे थे। जिनकी कि पिछले 10 वर्ष के कार्यकाल में कोई दुर्घटना न हुई हो और उनके खिलाफ किसी यात्री ने कोई शिकायत भी न की हो।
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क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय से ऐसे चालकों की जानकारी अलीगढ़, बुद्ध बिहार, एटा, हाथरस, कासगंज, नरौरा एवं अतरौली डिपो के उप क्षेत्रीय प्रबंधकों से मांगी, लेकिन अतरौली डिपो को छोड़कर किसी के पास ऐसे चालक नहीं निकले। यही कारण है कि अतरौली डिपो के चार चालकों का नाम मुख्यालय के लिए भेजा गया है।
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सम्मानित होने के लिए चयनित होने वालों में सोनपाल सिंह पुत्र बखेड़ी सिंह, तेजपाल सिंह पुत्र राधारमन नियमित चालक हैं, जबकि हरिकेश पुत्र नेत्रपाल सिंह, नवाब सिंह पुत्र रामरहीश संविदा चालक हैं।
‘अमर उजाला’ ने जब इन चालकों से बात की तो उन्होंने लगभग एक जैसी बात कही कि वह मदिरापान का सेवन करके ड्राइविंग नहीं करते। इसके साथ ही पूरे गाड़ी में बैठी सवारियों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है, जो प्राथमिकता पर रहती है। चारों चालकों ने बताया कि गाड़ी की स्पीड भी नियंत्रित ही रखते हैं।
सुविधा देने से कर्मचारी निष्ठा के साथ करता है काम
मेरा मानना है कि जिस चालक को मार्ग की जानकारी हो और उसे सुविधानुसार उसी मार्ग पर चलने की अनुमति प्रदान कर दी जाए तो वह पूरी निष्ठा के साथ काम करता है। पूरे रीजन में हमारे डिपो के चार चालक सम्मानित होने के लिए लखनऊ जा रहे हैं। गर्व की बात है। साथ ही इससे अन्य चालकों को भी प्रेरणा मिलेगी। - राजेश कुमार यादव, एआरएम अतरौली