फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   न्याय देने का सर्वोतम तरीका लोकअदालत

न्याय देने का सर्वोतम तरीका लोकअदालत

Mon, 18 Sep 2017 02:51 AM IST
Updated Mon, 18 Sep 2017 02:51 AM IST
विज्ञापन
न्याय देने का सर्वोतम तरीका लोकअदालत
न्याय देने का सर्वोत्तम तरीका लोक अदालत
विज्ञापन


ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।

विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा रविवार को दीवानी न्यायालय सहित बाह्य न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। दीवानी न्यायालय परिसर में इसका उद्घाटन जिला जज कल्पना मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि न्याय देने का सर्वोत्तम तरीका लोक अदालत है। पिछले कुछ वर्षों में इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं और लोक अदालतें न्यायालयों के विकल्प के रूप में उभर रही हैं। रविवार को हुई लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के कुल 6339 वाद निस्तारित किए गए, जबकि प्री लिटिगेशन के 2656 वाद निस्तारित किए गए।
विज्ञापन


प्राधिकरण परिसर में शुभारंभ के मौके पर जिला जज कल्पना मिश्रा ने कहा कि जन सहयोग व सबकी भागीदारी द्वारा न्याय देने का सर्वोत्तम तरीका लोक अदालतें हैं। इसलिए हम सबको मानवीयता को सर्वोच्च स्थान देते हुए अधिक से अधिक वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के माध्यम से कराने का प्रयास करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मौके पर एडीजे प्रथम मदन लाल निगम ने कहा कि लोक अदालत में पक्षकार की न जीत होती है और न हार। यहां विवाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में सुलझाया जाता है। इस मौके पर प्राधिकरण सचिव अभिनितम उपाध्याय, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पीएन मिश्रा, पोक्सो जज नसीम अहमद, सहित समस्त न्यायिक अधिकारी व सोहन लाल, उपेंद्र मिश्रा, सचिन कुमार, बृजेश कुमार, नरेंद्र कुमार राजपूत, विष्णु कुमार, वीरेंद्र स्वरूप माथुर, रामवीर आदि थे। अंत में प्राधिकरण सचिव अभिनितम उपाध्याय ने सफल आयोजन पर सभी का आभार व्यक्त किया।

पिता के रहते बेटे को अलग बिजली संयोजन दें
राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत स्थायी लोक अदालत में रविवार को विद्युत विभाग संबंधी एक वाद में पिता के रहते बेटे को मकान में अलग से बिजली संयोजन देने के आदेश जारी किए।

स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पूर्व जिला जज रियासत हुसैन, वरिष्ठ सदस्य शाजिया सिद्दीकी व डॉ.मीना बंसल ने ओमकार सिंह निवासी चंदनिया की ओर से दायर वाद पर सुनवाई की। इस वाद में कहा गया था कि वह अपने पिता व भाइयों के साथ एक ही मकान में अलग रह रहा है।


उसके बच्चे पढ़ने लिखने जाते हैं। उसके पास अलग राशन कार्ड, अलग गैस संयोजन, नगर निगम का पानी संयोजन सब कुछ अलग है। मगर विद्युत विभाग द्वारा बिजली संयोजन नहीं दिया जा रहा है। इस पर एक माह के अंदर मकान में विद्युत संयोजन जारी करने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed