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दीनदयाल में दो दिन में 17 मौत, नुमाइश शमशान पहुंचे दो शव

Thu, 20 May 2021 12:37 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 20 May 2021 12:37 AM IST
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17 dead in two days in Deendayal, two bodies reached at Numash crematorium
राजा तिवारी
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दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय (कोविड एल-2) से एक और बड़ी लापरवाही का मामला सामने आ रहा है। यहां कोरोना संक्रमित या संदिग्ध मरीजों की मौत होने पर शव अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन द्वारा तय किए गए डेडिकेटिड श्मशान गृह पर नहीं पहुंच रहे हैं। सोमवार-मंगलवार में हुई कुल 17 मौतों में से नुमाइश स्थित श्मशान गृह पर सिर्फ दो शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे हैं, जबकि यहां से शव मैनपुरी तक प्राइवेट एंबुलेंस से भिजवाया गया है।
दीनदयाल अस्पताल में सोमवार को कुल 10 मरीजों ने दम तोड़ा। अस्पताल प्रबंधन ने इन मरीजों की मौत की वजह स्पष्ट नहीं की है। जबकि कोविड अस्पताल में किसी मरीज की मौत हो रही है तो वह कोरोना संक्रमित है या संदिग्ध। जो भी हो, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल के जरिए ही इन शवों का अंतिम संस्कार होना है। सोमवार को यहां दस लोगों की मौत हुई। जिनमें से सिर्फ दो शव ही डेडिकेटिड श्मशान स्थल पहुंचे। पहला शव संगम विहार के नेमपाल सिंह की पत्नी कृष्णा देवी का था। जबकि दूसरा शव सासनीगेट के आरके पुरम फेस-2 निवासी गिर्राज किशोर गुप्ता के पुत्र जगमोहन लाल गुप्ता का था। दोनों शवों का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत हुआ। जबकि आठ शव कहां गए, इसका जवाब नहीं मिल पाया। ठीक इसी प्रकार मंगलवार को यहां सात लोगों की मौत हुई। इनमें से एक भी शव श्मशान नहीं पहुंचा। ऐसे में कुल मिलाकर 15 शव कहां गए, इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी भी जवाब नहीं दे पाए।
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प्राइवेट एंबुलेंस चालकों का है खेल
अलीगढ़। दीनदयाल अस्पताल में लगीं प्राइवेट एंबुलेंस चालकों का ही यह खेल है कि शव सीधे नुमाइश श्मशान स्थल नहीं पहुंच पा रहे हैं। जानकारी मिली की सोमवार को हुई दस मरीज की मौत पर एक शव तो मैनपुरी तक पहुंचाया गया।
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संक्रमण फैला तो कौन होगा जिम्मेदार
अलीगढ़। दीनदयाल अस्पताल एल-2 कोविड अस्पताल है। ऐसे में यहां कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों का ही उपचार चल रहा है। या फिर वे मरीज यहां भर्ती किए जाते हैं, जिनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम है। फेफड़ों में संक्रमण फैल गया है। चूंकि इनका उपचार कोविड प्रोटोकॉल के तहत होता है तो मौत पर शव का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत क्यों नहीं हो रहा है। शवों को प्राइवेट एंबुलेंस चालक कहीं भी ले जा रहे हैं तो संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। इसके साथ ही इसकी जिम्मेदारी कौन ले रहा है कि शव कहीं भी जा रहे हैं और उनके संस्कार में लापरवाही नहीं बरती जा रही होगी।
मौतों का सही आंकड़ा छिपा रही है सरकार
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्लाह खान व पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया है कि मौतों का सही आंकड़ा छिपाया जा रहा है। हाजी जमीर उल्लाह ने कहा कि अस्पतालों में रिश्वतखोरी के मामले आ रहे हैं।

कोविड प्रोटोकॉल के नाम पर प्रशासन खानापूर्ति करने में लगा हुआ है। कोरोना संक्रमित और संदिग्ध सभी शव डेडिकेटिड श्मशान स्थल पर नहीं आ रहे हैं। जानकारी मिली है कि प्राइवेट एंबुलेंस चालक रुपयों के लालच में कहीं भी शवों को पहुंचा रहे हैं।
- विष्णु कुमार बंटी, मानव उपकार संस्था
दीनदयाल अस्पताल में विगत दिनों हुई मौतों की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों से मांगी गई है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
- गौरव दयाल, मंडलायुक्त अलीगढ़ व नोडल अधिकारी अलीगढ़ एवं कासगंज।
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