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दहन के दौरान खून और शोले बरसेगा रावण
Updated Fri, 05 Oct 2018 02:08 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला अलीगढ़
अलीगढ़। रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रामलीला के अंतिम चरण में रावण-कुंभकरण-मेघनाथ के पुतले का दहन होता है। इस दौरान नुमाइश मैदान में रावण दहन मेला भी लगता है। शहर के साथ देहात से भी अधिक संख्या में लोग इस मेले में शामिल होते हैं। इस बार दहन किए जाने वाले रावण के पुतले में आकर्षित प्रयोग किए जा रहे हैं। यह प्रयोग जनता को खूब लुभाएंगे। दहन के दौरान रावण के पुतले के अंदर से शोले बरसेंगे। इसी के साथ उसके जिस्म से खून भी निकलेगा। दहन से पहले रावण का पुतला गर्दन घुमाकर अट्टहास ठहाके लगाएगा। इसी के साथ मैदान में होने वाली आतिशबाजी भी इस बार और आकर्षक होगी। इसके लिए नुमाइश मैदान में ठेकेदार अशफाक खां ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
चालीस साल से बना रहे हैं पुतले
दानपुर डिबाई जिला बुलंदशहर निवासी अशफाक ने बताया कि चालीस साल पहले से उनके पिता गफूर खां इस कार्य को करते चले आ रहे हैं। उनके बाद उन्होंने इस विरासत को अपने हाथों में ले लिया। इस समय 12 कारीगर दिनरात मिलकर तीनों पुतलों को तैयार कर रहे हैं।
महंगी हो गईं रावण की हड्डियां
अशफाक ने बताया कि रावण के पुतले में प्रयुक्त होने वाला बांस इस साल महंगा हो गया है। पिछले साल उन्होंने जहां 400 रुपये में 20 बांस खरीदे थे। इस बार वहीं बांस 800 रुपये में मिले हैं।
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अलीगढ़। रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रामलीला के अंतिम चरण में रावण-कुंभकरण-मेघनाथ के पुतले का दहन होता है। इस दौरान नुमाइश मैदान में रावण दहन मेला भी लगता है। शहर के साथ देहात से भी अधिक संख्या में लोग इस मेले में शामिल होते हैं। इस बार दहन किए जाने वाले रावण के पुतले में आकर्षित प्रयोग किए जा रहे हैं। यह प्रयोग जनता को खूब लुभाएंगे। दहन के दौरान रावण के पुतले के अंदर से शोले बरसेंगे। इसी के साथ उसके जिस्म से खून भी निकलेगा। दहन से पहले रावण का पुतला गर्दन घुमाकर अट्टहास ठहाके लगाएगा। इसी के साथ मैदान में होने वाली आतिशबाजी भी इस बार और आकर्षक होगी। इसके लिए नुमाइश मैदान में ठेकेदार अशफाक खां ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
चालीस साल से बना रहे हैं पुतले
दानपुर डिबाई जिला बुलंदशहर निवासी अशफाक ने बताया कि चालीस साल पहले से उनके पिता गफूर खां इस कार्य को करते चले आ रहे हैं। उनके बाद उन्होंने इस विरासत को अपने हाथों में ले लिया। इस समय 12 कारीगर दिनरात मिलकर तीनों पुतलों को तैयार कर रहे हैं।
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महंगी हो गईं रावण की हड्डियां
अशफाक ने बताया कि रावण के पुतले में प्रयुक्त होने वाला बांस इस साल महंगा हो गया है। पिछले साल उन्होंने जहां 400 रुपये में 20 बांस खरीदे थे। इस बार वहीं बांस 800 रुपये में मिले हैं।
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