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जयंत को झांसा दे लोकेश को जेल भेजा -Cordination
Updated Tue, 07 Aug 2018 02:28 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पुलिस ने राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को झांसा दे खैर तहसील के गांव भानौली में गोशाला के लिए धरना दे रहे लोकेश तिवारी को सोमवार को जेल भेज दिया। जयंत ने लोकेश को जेल भेजे जाने का विरोध करते हुए उनको अपनी गाड़ी में बैठा लिया था। यह देख पुलिस अफसरों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि लोकेश को एसडीएम कोर्ट में हाजिर कराने के बाद जमानत दिला देंगे। हुआ ठीक उल्टा, पुलिस ने जमानत कराने के बजाय लोकेश को कोर्ट से जेल भेज दिया।
इगलास में सभा करने के बाद रालोद नेता जयंत चौधरी लोकेश का हाल जानने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ रालोद के पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी और जियाउर्रहमान सहित अन्य नेता पदाधिकारी और कार्यकर्ता थे। जयंत ने लोकेश से पूरा प्रकरण जानने के बाद परिजनों और उनको भरोसा दिलाया कि वह लोकेश को जेल नहीं जाने देंगे। अगर लोकेश को पुलिस प्रशासन ने जेल भेजा तो पहले रालोद कार्यकर्ताओं को जेल भेजना होगा। मगर पुलिस उन्हें यह भरोसा देकर गई कि हमारे पास एसडीएम कोर्ट का वारंट है, इसे कोर्ट में पेश करेंगी और वहां से जमानत मिल जाएगी। जयंत चौधरी के जाने के बाद पुलिस लोकेश को सीधे जेल लेकर पहुंची और दाखिल कर दिया।
इससे पहले लोकेश को जयंत ने अपने साथ चलने के लिए कहा और कार में बैठा लिया। इस बीच मौके पर मौजूद लोधा थाने के इंस्पेक्टर बीपी गिरि, इंस्पेक्टर बन्ना देवी राघवेंद्र सिंह ने पुलिस के साथ उनको रोका। पुलिस कर्मियों ने कहा कि लोकेश के खिलाफ एसडीएम खैर की अदालत से 107/16 व 151 में वारंट जारी हुआ है। मजिस्ट्रेट से बात हो गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि लोकेश की जमानत हो जाएगी। इतना कहने के बाद पुलिस वालों ने लोकेश को जयंत की कार से उतार लिया। यहां से पुलिस लोकेश को लेकर खैर एसडीएम की कोर्ट पहुंची, जहां से उसको जेल भेज दिया गया। इस दौरान रालोद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
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इधर, जयंत जिला अस्पताल से सीधे एएमयू चले गए, जहां उनका एक कार्यक्रम था। जयंत को इसकी जानकारी फोन पर दी गई। इस बीच पौन घंटे तक पुलिस और रालोद नेताओं के बीच गहमागहमी का माहौल रहा। वहीं अस्पताल में सरगर्मी बनी रही। कई बार अधिकारियों से संपर्क किया गया। मगर फिर अधिकारी यह कहकर टहलाते रहे कि अब देरी हो गई है, इसलिए मंगलवार को ही लोकेश की जमानत हो पाएगी। इधर, लोकेश के परिजन उसको जेल भेजने पर पुलिस की दादागिरी पर आक्रोशित हो गए हैं। विपक्ष इस मामले में लोकेश के पक्ष में लामबंद हो गया है। जिला अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में लोकेश को रविवार की शाम को भर्ती कराया गया था।
लोकेश को रविवार को भानौली में गोशाला की मांग को लेकर धरने का नेतृत्व कर रहे थे, जहां उनसे मिलने के लिए कांग्रेस के विवेक बंसल, विजेंद्र सिंह, संतोष सिंह जादौन, सपा के अज्जू इस्हाक सहित अन्य नेता पहुंचे थे। इस मुद्दे पर सपा, कांग्रेस और रालोद के साथ समूचा विपक्ष लामबंद हो गया है। इधर, इंस्पेक्टर लोधा वीपी गिरी का कहना है कि अदालत ने लोकेश को शांति भंग में जेल भेजने का वारंट बनाया था, जिसके आधार पर उसे वह जेल में दाखिल करके आए हैं।
- जिला प्रशासन ने हमारी पार्टी के नेता को गुमराह किया है। लोकेश को जमानत पर छोड़े जाने के भरोसे के बाद भी जेल भेज दिया है। इस विषय में जयंत चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि जिला प्रशासन के खिलाफ मंगलवार से आंदोलन किया जाएगा। योगी सरकार में गोशाला मांगने पर जेल भेजा जा रहा है। यह कतई उचित नहीं है।
-भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, पूर्व विधायक खैर
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पुलिस ने राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को झांसा दे खैर तहसील के गांव भानौली में गोशाला के लिए धरना दे रहे लोकेश तिवारी को सोमवार को जेल भेज दिया। जयंत ने लोकेश को जेल भेजे जाने का विरोध करते हुए उनको अपनी गाड़ी में बैठा लिया था। यह देख पुलिस अफसरों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि लोकेश को एसडीएम कोर्ट में हाजिर कराने के बाद जमानत दिला देंगे। हुआ ठीक उल्टा, पुलिस ने जमानत कराने के बजाय लोकेश को कोर्ट से जेल भेज दिया।
इगलास में सभा करने के बाद रालोद नेता जयंत चौधरी लोकेश का हाल जानने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ रालोद के पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी और जियाउर्रहमान सहित अन्य नेता पदाधिकारी और कार्यकर्ता थे। जयंत ने लोकेश से पूरा प्रकरण जानने के बाद परिजनों और उनको भरोसा दिलाया कि वह लोकेश को जेल नहीं जाने देंगे। अगर लोकेश को पुलिस प्रशासन ने जेल भेजा तो पहले रालोद कार्यकर्ताओं को जेल भेजना होगा। मगर पुलिस उन्हें यह भरोसा देकर गई कि हमारे पास एसडीएम कोर्ट का वारंट है, इसे कोर्ट में पेश करेंगी और वहां से जमानत मिल जाएगी। जयंत चौधरी के जाने के बाद पुलिस लोकेश को सीधे जेल लेकर पहुंची और दाखिल कर दिया।
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इससे पहले लोकेश को जयंत ने अपने साथ चलने के लिए कहा और कार में बैठा लिया। इस बीच मौके पर मौजूद लोधा थाने के इंस्पेक्टर बीपी गिरि, इंस्पेक्टर बन्ना देवी राघवेंद्र सिंह ने पुलिस के साथ उनको रोका। पुलिस कर्मियों ने कहा कि लोकेश के खिलाफ एसडीएम खैर की अदालत से 107/16 व 151 में वारंट जारी हुआ है। मजिस्ट्रेट से बात हो गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि लोकेश की जमानत हो जाएगी। इतना कहने के बाद पुलिस वालों ने लोकेश को जयंत की कार से उतार लिया। यहां से पुलिस लोकेश को लेकर खैर एसडीएम की कोर्ट पहुंची, जहां से उसको जेल भेज दिया गया। इस दौरान रालोद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
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इधर, जयंत जिला अस्पताल से सीधे एएमयू चले गए, जहां उनका एक कार्यक्रम था। जयंत को इसकी जानकारी फोन पर दी गई। इस बीच पौन घंटे तक पुलिस और रालोद नेताओं के बीच गहमागहमी का माहौल रहा। वहीं अस्पताल में सरगर्मी बनी रही। कई बार अधिकारियों से संपर्क किया गया। मगर फिर अधिकारी यह कहकर टहलाते रहे कि अब देरी हो गई है, इसलिए मंगलवार को ही लोकेश की जमानत हो पाएगी। इधर, लोकेश के परिजन उसको जेल भेजने पर पुलिस की दादागिरी पर आक्रोशित हो गए हैं। विपक्ष इस मामले में लोकेश के पक्ष में लामबंद हो गया है। जिला अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में लोकेश को रविवार की शाम को भर्ती कराया गया था।
लोकेश को रविवार को भानौली में गोशाला की मांग को लेकर धरने का नेतृत्व कर रहे थे, जहां उनसे मिलने के लिए कांग्रेस के विवेक बंसल, विजेंद्र सिंह, संतोष सिंह जादौन, सपा के अज्जू इस्हाक सहित अन्य नेता पहुंचे थे। इस मुद्दे पर सपा, कांग्रेस और रालोद के साथ समूचा विपक्ष लामबंद हो गया है। इधर, इंस्पेक्टर लोधा वीपी गिरी का कहना है कि अदालत ने लोकेश को शांति भंग में जेल भेजने का वारंट बनाया था, जिसके आधार पर उसे वह जेल में दाखिल करके आए हैं।
- जिला प्रशासन ने हमारी पार्टी के नेता को गुमराह किया है। लोकेश को जमानत पर छोड़े जाने के भरोसे के बाद भी जेल भेज दिया है। इस विषय में जयंत चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि जिला प्रशासन के खिलाफ मंगलवार से आंदोलन किया जाएगा। योगी सरकार में गोशाला मांगने पर जेल भेजा जा रहा है। यह कतई उचित नहीं है।
-भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, पूर्व विधायक खैर