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राहत देने में जिले की रैकिंग नहीं सुधर रही
Updated Sun, 13 May 2018 01:36 AM IST
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न्यूज डेस्क , अमर उजाला, अलीगढ़।
लोकवाणी, जनसेवा केंद्र और अन्य माध्यमों से आने वाली शिकायतों के निस्तारण और दैवी आपदा के मामलों में राहत देने के मामले में जिले की रेटिंग सुधर नहीं रही है।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की सख्ती के बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। हाल की ताजा रिपोर्ट में लोकवाणी, जन सेवा केंद्र के माध्यम से राजस्व और अन्य विवादों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में जिले को बी ग्रेड मिला है। शिकायतों का निस्तारण 59.47 फीसदी तक पहुंचा है, जो कुल शिकायतों से आधे से कुछ ज्यादा है।
यानी आधी शिकायतों का निस्तारण नहीं हो रहा है। दैवी आपदा में राहत देने के मामलों में 57.12 फीसदी निस्तारण हो रहा है। ये भी तकरीबन आधा है। इसमें भी जिले को बी ग्रेडिंग मिली है।
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इस तरह से मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले 61 बिंदुओं की समीक्षा में जिले की ग्रेडिंग में सुधार नहीं होने से जिलाधिकारी भी अपने मातहतों से नाराज है।
उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद से ही लगातार शिकायतों के गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण की ठोस पहल की है। यहां तक की नोडल अधिकारियों की विभागवार ड्यूटी भी लगाई है। अब लंबित शिकायतों के निस्तारण नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
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लोकवाणी, जनसेवा केंद्र और अन्य माध्यमों से आने वाली शिकायतों के निस्तारण और दैवी आपदा के मामलों में राहत देने के मामले में जिले की रेटिंग सुधर नहीं रही है।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की सख्ती के बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। हाल की ताजा रिपोर्ट में लोकवाणी, जन सेवा केंद्र के माध्यम से राजस्व और अन्य विवादों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में जिले को बी ग्रेड मिला है। शिकायतों का निस्तारण 59.47 फीसदी तक पहुंचा है, जो कुल शिकायतों से आधे से कुछ ज्यादा है।
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यानी आधी शिकायतों का निस्तारण नहीं हो रहा है। दैवी आपदा में राहत देने के मामलों में 57.12 फीसदी निस्तारण हो रहा है। ये भी तकरीबन आधा है। इसमें भी जिले को बी ग्रेडिंग मिली है।
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इस तरह से मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले 61 बिंदुओं की समीक्षा में जिले की ग्रेडिंग में सुधार नहीं होने से जिलाधिकारी भी अपने मातहतों से नाराज है।
उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद से ही लगातार शिकायतों के गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण की ठोस पहल की है। यहां तक की नोडल अधिकारियों की विभागवार ड्यूटी भी लगाई है। अब लंबित शिकायतों के निस्तारण नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।