{"_id":"5af6001b4f1c1bd5408b4977","slug":"161526071323-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रद्दी में डाक बेचने के मामले की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रद्दी में डाक बेचने के मामले की जांच शुरू
Updated Sat, 12 May 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
डाक विभाग में साधारण डाक को रद्दी में बेचने के मामले की जांच अब विभाग के शिकायत निरीक्षक को सौंपी है। शुक्रवार को विभाग से जुड़े कुछ लोग भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ से मिले और बताया कि एक पोस्टमैन को तो सस्पेंड कर दिया, लेकिन इन डाक के वितरण को सुनिश्चित करने वाले सुपरवाइजरों को बख्श दिया गया।
इस पूरे मामले की शिकायत भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने केंद्रीय संचार मंत्रालय में पत्र लिखकर की थी। शुक्रवार को विभाग के कुछ लोग भाजपा नेता से मिले और बताया कि कुछ कार्रवाई नहीं हुई है तो राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने प्रवर डाक अधीक्षक डीएस देसवाल से बात की।
राजेंद्र चीफ ने बताया कि डीएस देसवाल ने उनसे कहा मैंने इस प्रकरण की जांच शिकायत निरीक्षक को सौंप दी है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा उसे निश्चित रूप से दंडित किया जाएगा। बशर्ते कि पीड़ित पक्ष जांच अधिकारी को निडर होकर अपनी पूरी बात बताए। शासन की मंशा के अनुरूप किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
भाजपा नेता ने कहा कि डाक बेचने के प्रकरण में शामिल एक कर्मचारी जिसे विभाग ने बख्श दिया है वह एक टेलीशापिंग नेटवर्क, जो कि लोगों को ठगने का काम करता है, उसमें पार्टनर भी है। यही कर्मचारी विभाग की गोपनीयता आदि की जानकारी ठगी का काम करने वालों को देता है।
विज्ञापन
डाक विभाग में साधारण डाक को रद्दी में बेचने के मामले की जांच अब विभाग के शिकायत निरीक्षक को सौंपी है। शुक्रवार को विभाग से जुड़े कुछ लोग भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ से मिले और बताया कि एक पोस्टमैन को तो सस्पेंड कर दिया, लेकिन इन डाक के वितरण को सुनिश्चित करने वाले सुपरवाइजरों को बख्श दिया गया।
इस पूरे मामले की शिकायत भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने केंद्रीय संचार मंत्रालय में पत्र लिखकर की थी। शुक्रवार को विभाग के कुछ लोग भाजपा नेता से मिले और बताया कि कुछ कार्रवाई नहीं हुई है तो राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने प्रवर डाक अधीक्षक डीएस देसवाल से बात की।
विज्ञापन
राजेंद्र चीफ ने बताया कि डीएस देसवाल ने उनसे कहा मैंने इस प्रकरण की जांच शिकायत निरीक्षक को सौंप दी है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा उसे निश्चित रूप से दंडित किया जाएगा। बशर्ते कि पीड़ित पक्ष जांच अधिकारी को निडर होकर अपनी पूरी बात बताए। शासन की मंशा के अनुरूप किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
भाजपा नेता ने कहा कि डाक बेचने के प्रकरण में शामिल एक कर्मचारी जिसे विभाग ने बख्श दिया है वह एक टेलीशापिंग नेटवर्क, जो कि लोगों को ठगने का काम करता है, उसमें पार्टनर भी है। यही कर्मचारी विभाग की गोपनीयता आदि की जानकारी ठगी का काम करने वालों को देता है।