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बिना ठोस सबूत के मन्नान वानी को नहीं मानेंगे आतंकी
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:53 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि बिना ठोस सबूत के भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोध छात्र मन्नान बशीर वानी को आतंकवादी नहीं मानेंगे। 16 साल पहले ऐसा ही इल्जाम लगाकर गुलजार वानी एवं मो. मुबीन की जिंदगी बर्बाद कर दी गई। न उन्हें नौकरी मिली और न ही उनसे माफी मांगी गई।
पूर्व अध्यक्ष का सवाल है कि मन्नानी वानी के आतंकी होने का पुख्ता सबूत किसके पास है। फेसबुक पर फोटोशाप से बनाए गए फोटो से किसी के चरित्र पर दाग लगाया जा सकता है।
हमारे देश में बड़ी-बड़ी जांच एजेंसी हैं। बावजूद इसके अभी तक मन्नान का कोई सुराग क्यों नहीं मिल रहा है। मन्नान की आखिरी लोकेशन 4 जनवरी को दिल्ली में थी और उसके फेसबुक एकाउंट का डी एक्टिविट होना शक के दायरे में है। चूंकि यह मामला मेरे इदारे की इज्जत से जुड़ा है, इसलिए उसका मिलना बहुत जरूरी है।
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मैं सरकार व प्रशासन के साथ हमेशा खड़ा हूं, लेकिन उसके बारे में कोई ठोस सबूत होना बहुत अहम है। फैजुल का कहना है कि अगर पाकिस्तान से आतंकी सलाहुद्दीन ने एलान किया है कि मन्नान उसके पास है तो सवाल यह है कि वह दिल्ली से पाकिस्तान कैसे पहुंच गया।
सलाहुद्दीन मन्नान को दिखाया क्यों नहीं। वह ट्रेन से गया तो रेलवे स्टेशन पर और हवाई जहाज से गया तो एयरपोर्ट पर कोई न कोई रिकार्ड जरूर होगा।
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एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि बिना ठोस सबूत के भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोध छात्र मन्नान बशीर वानी को आतंकवादी नहीं मानेंगे। 16 साल पहले ऐसा ही इल्जाम लगाकर गुलजार वानी एवं मो. मुबीन की जिंदगी बर्बाद कर दी गई। न उन्हें नौकरी मिली और न ही उनसे माफी मांगी गई।
पूर्व अध्यक्ष का सवाल है कि मन्नानी वानी के आतंकी होने का पुख्ता सबूत किसके पास है। फेसबुक पर फोटोशाप से बनाए गए फोटो से किसी के चरित्र पर दाग लगाया जा सकता है।
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हमारे देश में बड़ी-बड़ी जांच एजेंसी हैं। बावजूद इसके अभी तक मन्नान का कोई सुराग क्यों नहीं मिल रहा है। मन्नान की आखिरी लोकेशन 4 जनवरी को दिल्ली में थी और उसके फेसबुक एकाउंट का डी एक्टिविट होना शक के दायरे में है। चूंकि यह मामला मेरे इदारे की इज्जत से जुड़ा है, इसलिए उसका मिलना बहुत जरूरी है।
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मैं सरकार व प्रशासन के साथ हमेशा खड़ा हूं, लेकिन उसके बारे में कोई ठोस सबूत होना बहुत अहम है। फैजुल का कहना है कि अगर पाकिस्तान से आतंकी सलाहुद्दीन ने एलान किया है कि मन्नान उसके पास है तो सवाल यह है कि वह दिल्ली से पाकिस्तान कैसे पहुंच गया।
सलाहुद्दीन मन्नान को दिखाया क्यों नहीं। वह ट्रेन से गया तो रेलवे स्टेशन पर और हवाई जहाज से गया तो एयरपोर्ट पर कोई न कोई रिकार्ड जरूर होगा।