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कंपनी गठित कर तीन महीने में शुरू होगा काम
Updated Sun, 25 Jun 2017 01:19 AM IST
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कंपनी गठित कर तीन महीने में शुरू होगा काम
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
स्मार्ट सिटी की सूची में अलीगढ़ का चयन होने के बाद अब जल्द ही वह काम शुरू होंगे, जिनका प्रोजेक्ट में जिक्र किया गया है। इसके लिए बाकायदा एक कंपनी का गठन किया जाएगा जो कंपनी एक्ट से ही संचालित होगी।
जल्द ही इस कंपनी का आफिस, कर्मचारी और अन्य सेट अप भी स्थापित किया जाएगा। इसके बाद ही जमीन पर काम शुरू हो जाएगा। शनिवार को महापौर शकुंतला भारती और नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि चूंकि काम बहुत बडे़ पैमाने पर होना है, इसलिए कंपनी में एमडी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर नियुक्त होंगे।
आफिस शुरू करके कर्मचारी भी रखे जाएंगे। इस काम में करीब तीन महीने का वक्त लग सकता है। यह कंपनी बेहद अनुभवी तकनीशियनों के साथ काम शुरू करेगी।
जो काम होना है वह भी बहुत एडवांस किस्म का है। वह साधारण काम से अलग है। इस तरह का काम अलीगढ़ में हुआ नहीं है। इसलिए यह काम करने वाले इंजीनियर्स भी अलग होंगे। प्राथमिकता होगी कि उन लोगों से काम कराया जाए जो इस तरह का काम अन्य शहरों में या देशों में कर चुके हैं।
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बड़े शहरों को पछाड़ना भी चुनौती थी: नगर आयुक्त
प्रदेश के बड़े-बड़े शहरों को पछाड़ कर अलीगढ़ सिर्फ इसलिए जगह बना सका कि उसकी तकनीकी तैयारी बहुत अच्छी थी। नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि गाजियाबाद के पास करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपये की जमीन है।
यह स्मार्ट सिटी की जरूरत की जमीन से कहीं ज्यादा है, लेकिन गाजियाबाद जगह नहीं बना सका। इसी प्रकार मेरठ जैसे शहर भी थे, लेकिन हमने तकनीकी पहलू पर जबरदस्त काम किया।
दूसरे चरण में जब जेएलएल कंसल्टेंट को काम सौंपा गया तो प्रोजेक्ट समिट करने से एक दिन पहले रात को दो बजे एक कमी पता चली तो उसे दूर करने के लिए कंसल्टेंट कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए, लेकिन युद्ध स्तर पर काम करके उस कमी को दूर किया गया और प्रोजेक्ट को सही समय पर समिट किया गया।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
स्मार्ट सिटी की सूची में अलीगढ़ का चयन होने के बाद अब जल्द ही वह काम शुरू होंगे, जिनका प्रोजेक्ट में जिक्र किया गया है। इसके लिए बाकायदा एक कंपनी का गठन किया जाएगा जो कंपनी एक्ट से ही संचालित होगी।
जल्द ही इस कंपनी का आफिस, कर्मचारी और अन्य सेट अप भी स्थापित किया जाएगा। इसके बाद ही जमीन पर काम शुरू हो जाएगा। शनिवार को महापौर शकुंतला भारती और नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि चूंकि काम बहुत बडे़ पैमाने पर होना है, इसलिए कंपनी में एमडी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर नियुक्त होंगे।
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आफिस शुरू करके कर्मचारी भी रखे जाएंगे। इस काम में करीब तीन महीने का वक्त लग सकता है। यह कंपनी बेहद अनुभवी तकनीशियनों के साथ काम शुरू करेगी।
जो काम होना है वह भी बहुत एडवांस किस्म का है। वह साधारण काम से अलग है। इस तरह का काम अलीगढ़ में हुआ नहीं है। इसलिए यह काम करने वाले इंजीनियर्स भी अलग होंगे। प्राथमिकता होगी कि उन लोगों से काम कराया जाए जो इस तरह का काम अन्य शहरों में या देशों में कर चुके हैं।
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बड़े शहरों को पछाड़ना भी चुनौती थी: नगर आयुक्त
प्रदेश के बड़े-बड़े शहरों को पछाड़ कर अलीगढ़ सिर्फ इसलिए जगह बना सका कि उसकी तकनीकी तैयारी बहुत अच्छी थी। नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि गाजियाबाद के पास करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपये की जमीन है।
यह स्मार्ट सिटी की जरूरत की जमीन से कहीं ज्यादा है, लेकिन गाजियाबाद जगह नहीं बना सका। इसी प्रकार मेरठ जैसे शहर भी थे, लेकिन हमने तकनीकी पहलू पर जबरदस्त काम किया।
दूसरे चरण में जब जेएलएल कंसल्टेंट को काम सौंपा गया तो प्रोजेक्ट समिट करने से एक दिन पहले रात को दो बजे एक कमी पता चली तो उसे दूर करने के लिए कंसल्टेंट कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए, लेकिन युद्ध स्तर पर काम करके उस कमी को दूर किया गया और प्रोजेक्ट को सही समय पर समिट किया गया।