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शीतगृह स्वामियों को डीएम ने दिया झटका
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
डीएम ने आलू भंडारण की दरें बढ़ाने वाले शीत गृह स्वामियों को झटका दे दिया है। उन्होंने आलू भंडारण के किराये की दरें 210 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से वसूल करने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि उन्हें थोड़ी राहत देते हुए आठ प्रतिशत सूख वसूलने पर भी सहमति दे दी है। यही नहीं किसानों को शीत गृह से ही आलू की नीलामी कराने की छूट भी दे दी है। साथ ही शर्त रख दी है कि नीलामी में केवल पंजीकृत व्यापारी ही शामिल हो सकेंगे।
बताते चलें कि शीतगृह स्वामियों ने आसपास के जनपदों में बढ़ी आलू भंडारण की किराया दरों का हवाला देते हुए साधारण आलू की किराया दर 207 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 227 रुपये प्रति क्विंटल कर दी थी। यही नहीं शीतगृहों से आलू की नीलामी एवं बिक्री पर रोक लगा दी थी। इसका जमकर विरोध हो रहा था। किसानों ने इस मामले में डीएम एवं जिला उद्यान अधिकारियों से शिकायत की।
इस मामले में हुई महत्वपूर्ण बैठक में डीएम ने कोल्डस्टोर स्वामियों एवं किसानों की बात सुनी। जिला उद्यान अधिकारी से आसपास के मंडलों में जारी दरों के आंकड़े लिये। इनके अध्ययन के बाद डीएम ने भंडारण की किराया दरें 210 रुपये प्रति क्विंटल करने के आदेश जारी किये। डीएम ने स्वीकार किया कि साधारण आलू के भंडारण की दरें 210 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई हैं। किसानों को पंजीकृत व्यापारियों के माध्यम से कोल्डस्टोरों से ही आलू की नीलामी की छूट प्रदान की गई है।
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शीत गृह स्वामी बोले ऐसे तो बंद हो जाएंगे शीत गृह
डीएम के साथ हुई बैठक में शीत गृह स्वामियों ने अलीगढ़ कोल्ड स्टोरेज आनर्स एसोसिएशन के बैनरतले एक ज्ञापन सौँपा। संगठन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से आलू उत्पादक कृषक व शीत गृह उद्योग आलू की खपत से अधिक उत्पादन, कम मूल्य की समस्या से जूझ रहे हैं।
किसानों द्वारा समय से आलू न बेचने के कारण शीत गृह उद्योग गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। जिले के 110 शीत गृहों में से 20 एनपीए के अंतर्गत आ गए हैं और 20 अन्य कगार पर हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों ने शीत गृह उद्योगों को नान प्रायोरिटी सेक्टर में डाल दिया है। इससे शीत गृह स्वामियों को ऋण भी नहीं मिल रहा है। प्रवक्ता मनोज अग्रवाल ने बताया कि आलू भंडारण पर प्रति क्विंटल व्यय 266.10 रुपये बैठता है।
इस पर न्यूनतम दस प्रतिशत लाभ जोड़कर प्रति क्विंटल भंडारण दर 292.71 रुपये बैठती है। गत वर्ष भाड़ा केवल 220 रुपये प्रति क्विंटल लिया गया। जबकि आलू का भंडारण शीतगृहों की कुल क्षमता का मात्र 76 फीसदी ही हुआ। वर्ष 2017 से आलू भंडारण की दरें नहीं बढ़ी हैं।
जबकि खाद, कीटनाशक, बिजली, डीजल, स्टाफ का वेतन आदि सभी में 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है। इस मौके पर कल्यान सिंह, मनीराम शर्मा, ठा. गौरी शंकर सिंह, सतीश सिंह, ठा. धर्मेंद्र सिंह, ठा. राजेश सिंह बाबा, कैलाश वर्मा, कन्हैया लाल अग्रवाल, धीरज चौधरी, डॉ कुलदीप सिंह, अजय गुप्ता, गिरवर शर्मा, डा. देवेश गुप्ता, डा अजय शर्मा, शशांक अग्रवाल, विनीत चौधरी सहित बड़ी संख्या में शीत गृह स्वामी उपस्थित थे।
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डीएम ने आलू भंडारण की दरें बढ़ाने वाले शीत गृह स्वामियों को झटका दे दिया है। उन्होंने आलू भंडारण के किराये की दरें 210 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से वसूल करने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि उन्हें थोड़ी राहत देते हुए आठ प्रतिशत सूख वसूलने पर भी सहमति दे दी है। यही नहीं किसानों को शीत गृह से ही आलू की नीलामी कराने की छूट भी दे दी है। साथ ही शर्त रख दी है कि नीलामी में केवल पंजीकृत व्यापारी ही शामिल हो सकेंगे।
बताते चलें कि शीतगृह स्वामियों ने आसपास के जनपदों में बढ़ी आलू भंडारण की किराया दरों का हवाला देते हुए साधारण आलू की किराया दर 207 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 227 रुपये प्रति क्विंटल कर दी थी। यही नहीं शीतगृहों से आलू की नीलामी एवं बिक्री पर रोक लगा दी थी। इसका जमकर विरोध हो रहा था। किसानों ने इस मामले में डीएम एवं जिला उद्यान अधिकारियों से शिकायत की।
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इस मामले में हुई महत्वपूर्ण बैठक में डीएम ने कोल्डस्टोर स्वामियों एवं किसानों की बात सुनी। जिला उद्यान अधिकारी से आसपास के मंडलों में जारी दरों के आंकड़े लिये। इनके अध्ययन के बाद डीएम ने भंडारण की किराया दरें 210 रुपये प्रति क्विंटल करने के आदेश जारी किये। डीएम ने स्वीकार किया कि साधारण आलू के भंडारण की दरें 210 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई हैं। किसानों को पंजीकृत व्यापारियों के माध्यम से कोल्डस्टोरों से ही आलू की नीलामी की छूट प्रदान की गई है।
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शीत गृह स्वामी बोले ऐसे तो बंद हो जाएंगे शीत गृह
डीएम के साथ हुई बैठक में शीत गृह स्वामियों ने अलीगढ़ कोल्ड स्टोरेज आनर्स एसोसिएशन के बैनरतले एक ज्ञापन सौँपा। संगठन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से आलू उत्पादक कृषक व शीत गृह उद्योग आलू की खपत से अधिक उत्पादन, कम मूल्य की समस्या से जूझ रहे हैं।
किसानों द्वारा समय से आलू न बेचने के कारण शीत गृह उद्योग गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। जिले के 110 शीत गृहों में से 20 एनपीए के अंतर्गत आ गए हैं और 20 अन्य कगार पर हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों ने शीत गृह उद्योगों को नान प्रायोरिटी सेक्टर में डाल दिया है। इससे शीत गृह स्वामियों को ऋण भी नहीं मिल रहा है। प्रवक्ता मनोज अग्रवाल ने बताया कि आलू भंडारण पर प्रति क्विंटल व्यय 266.10 रुपये बैठता है।
इस पर न्यूनतम दस प्रतिशत लाभ जोड़कर प्रति क्विंटल भंडारण दर 292.71 रुपये बैठती है। गत वर्ष भाड़ा केवल 220 रुपये प्रति क्विंटल लिया गया। जबकि आलू का भंडारण शीतगृहों की कुल क्षमता का मात्र 76 फीसदी ही हुआ। वर्ष 2017 से आलू भंडारण की दरें नहीं बढ़ी हैं।
जबकि खाद, कीटनाशक, बिजली, डीजल, स्टाफ का वेतन आदि सभी में 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है। इस मौके पर कल्यान सिंह, मनीराम शर्मा, ठा. गौरी शंकर सिंह, सतीश सिंह, ठा. धर्मेंद्र सिंह, ठा. राजेश सिंह बाबा, कैलाश वर्मा, कन्हैया लाल अग्रवाल, धीरज चौधरी, डॉ कुलदीप सिंह, अजय गुप्ता, गिरवर शर्मा, डा. देवेश गुप्ता, डा अजय शर्मा, शशांक अग्रवाल, विनीत चौधरी सहित बड़ी संख्या में शीत गृह स्वामी उपस्थित थे।