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पांच साल में नोटा 125 अंक चढ़ा

Sun, 26 May 2019 02:23 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2019 02:23 AM IST
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पांच साल में नोटा 125 अंक चढ़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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लोकसभा के चुनावी इतिहास में पांच साल पहले जन्मे नोटा ने आकार बढ़ाना शुरू कर दिया है। वर्ष 2014 के चुनाव में 6183 ने नोटा का बटन दबाया था, जो इस बार 125 अंक बढ़ कर 6283 पर पहुंच गया है। खास बात यह है 2014 में पोस्टल बैलेट से एक भी वोट नोटा को नहीं गया था, लेकिन इस बार 52 पोस्टल वैलेट नोटा के लिए आए। यही नहीं पांच विधानसभाओं में सर्वाधिक नोटा अतरौली में चला। यहां 1583 ने इसका बटन दबाया। माना जा रहा है कि सतीश गौतम की खिलाफत में अतरौली में इसका ज्यादा इस्तेमाल हुआ।

इस बार चुनाव लड़े 14 प्रत्याशियों में से 11 प्रत्याशियों से ज्यादा वोट नोट झटक ले गया। आलम ये है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोड़से को महान बताने वाली भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भोपाल से रिकार्ड मतों से जीत गईं, वही दूसरी तरफ अलीगढ़ में शहीद दिवस पर महात्मा गांधी के पुतले को गोली मारने और उसके बाद दस लोगों के साथ जेल जाने वाले अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडेय नोटा से भी पीछे रहे।
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11 प्रत्याशियों को नोटा से कम वोट
-अमर सिंह माहौर-3681 वोट, दिलीप शर्मा-1045 वोट, दीपक चौधरी-4953 वोट, मनोज सिंह-1225 वोट, मोहम्मद शकील-841 वोट, सतीश चंद्र शर्मा-829 वोट, संजय वाल्मीकि-836 वोट, अशोक कुमार पांडेय-797 वोट, चरन सिंह-1175 वोट, लक्ष्मी धनगर-5886 वोट, शहीन-1599 वोट, नोटा-6268 वोट।
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वर्ष 2014 में नोटा
-खैर-1151
-बरौली-1555
-अतरौली-1230
-कोल-1164
-अलीगढ़-1083

वर्ष 2019 में नोटा
-खैर-1343
-बरौली-1307
-अतरौली-1583
-कोल-1074
-अलीगढ़-909
-पोस्टल बैलेट-52 वोट नोटा को



नोटा का इतिहास
वर्ष 2013 में 11 नवंबर से चार दिसंबर के मध्य दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान एवं मिजोरम में हुए विधानसभा चुनावों में पहली बार (नन ऑफ द अबब) यानी नोटा का विकल्प रखा गया था। यह व्यवस्था 27 दिसंबर 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटा का विकल्प देने के आदेश दिए थे। यह फैसला राजनीति से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए दिया गया था। ताकि सियासी दल साफ सुथरी छवि वाले लोगों को टिकट दें, लेकिन लोकसभा चुनाव में नोटा का प्रयोग पहली बार वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में हुआ।

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15 बटनों में से एक है नोटा
अलीगढ़। हरेक ईवीएम में 15 बटन होते हैं। 14 प्रत्याशियों के लिए और अगर इनमें से कोई पसंद नहीं आए तो वोटर के पास विकल्प होता है नोटा का बटन दबाने का।
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दुनिया में कहां कहां है नोटा
-कोलंबिया, यूक्रेन, ब्राजील, बांग्लादेश, फिनलैंड, स्पेन, स्वीडन, चिली, फ्रांस, बेल्जियम व यूनान में नोटा प्रचलित है। रूस में नोटा का प्रयोग वर्ष 2006 में हुआ।
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