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वरीशा व अरीबा ने रखा पहला रोजा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिंदगी का पहला रोजा रखकर वरीशा शकील व अरीबा खानम ने अपने बड़े-बुजुर्गों की दुआएं हासिल कीं। दोनों चचेरी बहनें हैं। तुर्कमान गेट निवासी शकील अहमद की बेटी वरीशा (10) व शफी अहमद की बेटी अरीबा (10) को सहरी के वक्त जगाया गया। दोनों को सूतफेनी खिलायी गई।
फिर दोनों ने फज्र की नमाज पढ़ी। धूप की तपिश व प्यास की शिद्दत के चलते जोहर से अस्र (यानी दोपहर से शाम तक) घरवालों ने बहनों पर नजर रखा, ताकि वह कुछ खा-पी न लें। घरवालों के साथ दोनों ने रोजा खोला। रिश्तेदारों ने दुआएं दीं। उपहार दिए। इस अवसर पर कामरान अहमद आदि मौजूद रहे।
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जिंदगी का पहला रोजा रखकर वरीशा शकील व अरीबा खानम ने अपने बड़े-बुजुर्गों की दुआएं हासिल कीं। दोनों चचेरी बहनें हैं। तुर्कमान गेट निवासी शकील अहमद की बेटी वरीशा (10) व शफी अहमद की बेटी अरीबा (10) को सहरी के वक्त जगाया गया। दोनों को सूतफेनी खिलायी गई।
फिर दोनों ने फज्र की नमाज पढ़ी। धूप की तपिश व प्यास की शिद्दत के चलते जोहर से अस्र (यानी दोपहर से शाम तक) घरवालों ने बहनों पर नजर रखा, ताकि वह कुछ खा-पी न लें। घरवालों के साथ दोनों ने रोजा खोला। रिश्तेदारों ने दुआएं दीं। उपहार दिए। इस अवसर पर कामरान अहमद आदि मौजूद रहे।
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