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राजवाहा की पटरी कटने से किसानों के खेतों में भरा पानी
Updated Sat, 01 Dec 2018 11:49 PM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
सहपऊ। क्षेत्र के गांव खोंडा से गुजरने वाले रजवाहा की शुक्रवार की देर शाम पटरी कट जाने से किसानों के खेतों में पानी भर गया। जिन खेतों में रजवाहा का पानी भरा था, उनमें किसानों ने हाल ही में गेहूं की बुवाई की थी। किसानों को समय रहते इसकी जानकारी मिल गई। लिहाजा उन्होंने दौड़कर बड़े रजवाहा पर जाकर खोंडा गांव की ओर आने वाले पानी का रोक दिया, जिससे किसानों के खेतों में रजवाहा का पानी से भरने से बड़ी क्षति होने से बच गई ।
गांव खोंडा से गुजरने वाले रजवाहा में उसके ही मौजा नगला बंजारा से गुजरने वाले बड़े रजवाहे से ही उसमें पानी छोड़ा जाता है। खोंडा के रजवाहे की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। नगला बंजारा से उस रजवाहा में पानी छोड़ने के थोड़ी देर बाद ही पूर्व ग्राम प्रधान के नलकूप के पास पड़ी ग्राम सभा की बचत की जमीन के पास ही रजवाहा की पटरी कट गई। पहले तो बचत की जमीन में पानी भरा। इसके बाद डॉ. रामप्रकाश की छह बीघा एवं प्रेमपाल के चार बीघा खेत में पानी भरने लगा।
रजवाहा की पटरी कटने की सूचना मिलते ही ग्रामीण दौड़ कर उस रजवाहा के पानी छोड़ने वाले मुुहाने पर पहुंच गए और उन लोगों ने तख्ते एवं बालू के बोरे भरकर मुहाने पर लगा दिए, जिससे खोंडा रजवाहा में पानी का बहाव कम हो गया। इसके बाद नहर विभाग को सूचना देकर रजवाहा के पानी को रुकवा दिया गया। ग्रामीणों ने पटरी टूटने की सूचना एसडीएम सादाबाद को दी। एसडीएम ने किसानों की क्षति का आकलन करने के लिए शुक्रवार केे देर शाम को ही क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेज दिया था।
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सहपऊ। क्षेत्र के गांव खोंडा से गुजरने वाले रजवाहा की शुक्रवार की देर शाम पटरी कट जाने से किसानों के खेतों में पानी भर गया। जिन खेतों में रजवाहा का पानी भरा था, उनमें किसानों ने हाल ही में गेहूं की बुवाई की थी। किसानों को समय रहते इसकी जानकारी मिल गई। लिहाजा उन्होंने दौड़कर बड़े रजवाहा पर जाकर खोंडा गांव की ओर आने वाले पानी का रोक दिया, जिससे किसानों के खेतों में रजवाहा का पानी से भरने से बड़ी क्षति होने से बच गई ।
गांव खोंडा से गुजरने वाले रजवाहा में उसके ही मौजा नगला बंजारा से गुजरने वाले बड़े रजवाहे से ही उसमें पानी छोड़ा जाता है। खोंडा के रजवाहे की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। नगला बंजारा से उस रजवाहा में पानी छोड़ने के थोड़ी देर बाद ही पूर्व ग्राम प्रधान के नलकूप के पास पड़ी ग्राम सभा की बचत की जमीन के पास ही रजवाहा की पटरी कट गई। पहले तो बचत की जमीन में पानी भरा। इसके बाद डॉ. रामप्रकाश की छह बीघा एवं प्रेमपाल के चार बीघा खेत में पानी भरने लगा।
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रजवाहा की पटरी कटने की सूचना मिलते ही ग्रामीण दौड़ कर उस रजवाहा के पानी छोड़ने वाले मुुहाने पर पहुंच गए और उन लोगों ने तख्ते एवं बालू के बोरे भरकर मुहाने पर लगा दिए, जिससे खोंडा रजवाहा में पानी का बहाव कम हो गया। इसके बाद नहर विभाग को सूचना देकर रजवाहा के पानी को रुकवा दिया गया। ग्रामीणों ने पटरी टूटने की सूचना एसडीएम सादाबाद को दी। एसडीएम ने किसानों की क्षति का आकलन करने के लिए शुक्रवार केे देर शाम को ही क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेज दिया था।
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