{"_id":"5b883daa42c792466e6ef02a","slug":"153565532613170-sadabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"170 लोगों के खातों में पहुंची राहत की राशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
170 लोगों के खातों में पहुंची राहत की राशि
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
सादाबाद। आए-दिन हो रही बारिश में कच्चे-पक्के मकानों के गिरने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। वहीं स्थानीय तहसील अधिकारियों द्वारा उतनी ही तेजी से पीड़ित के बैंक खातों में दैवी आपदा राहत कोष के जरिए राहत राशि भी पहुंचाई जा रही है। अब तक करीब 170 पीड़ित लोगों के खातों में राहत राशि पहुंच चुकी है।
दैवी आपदा राहत के तहत कच्चा मकान गिरने पर 3,200 रुपये और पक्का मकान गिरने पर 5,200 रुपये की धनराशि दी जा रही है। पिछले तीन दिनों में 17 पीड़ित लोगों के खातों में राहत की राशि भेजी गई है। इससे करीब दस दिन पहले 150 लोगों के खातों में पहले ही राहत की राशि पहुंचाई जा चुकी है।
लेखपालों द्वारा पीड़ितों का सर्वे किए जाने का कार्य लगातार जारी है। अब तक तीन सौ से अधिक दीवार और कच्चे पक्के मकान गिर चुके हैं। इधर, एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को पत्र सौंपकर पीड़ित लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सादाबाद। आए-दिन हो रही बारिश में कच्चे-पक्के मकानों के गिरने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। वहीं स्थानीय तहसील अधिकारियों द्वारा उतनी ही तेजी से पीड़ित के बैंक खातों में दैवी आपदा राहत कोष के जरिए राहत राशि भी पहुंचाई जा रही है। अब तक करीब 170 पीड़ित लोगों के खातों में राहत राशि पहुंच चुकी है।
दैवी आपदा राहत के तहत कच्चा मकान गिरने पर 3,200 रुपये और पक्का मकान गिरने पर 5,200 रुपये की धनराशि दी जा रही है। पिछले तीन दिनों में 17 पीड़ित लोगों के खातों में राहत की राशि भेजी गई है। इससे करीब दस दिन पहले 150 लोगों के खातों में पहले ही राहत की राशि पहुंचाई जा चुकी है।
विज्ञापन
लेखपालों द्वारा पीड़ितों का सर्वे किए जाने का कार्य लगातार जारी है। अब तक तीन सौ से अधिक दीवार और कच्चे पक्के मकान गिर चुके हैं। इधर, एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को पत्र सौंपकर पीड़ित लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं।
विज्ञापन