फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   अल्लाह की रजा के लिए बैठेंगे एतकाफ में

अल्लाह की रजा के लिए बैठेंगे एतकाफ में

Fri, 16 Jun 2017 02:11 AM IST
Updated Fri, 16 Jun 2017 02:11 AM IST
विज्ञापन
अल्लाह की रजा के लिए बैठेंगे एतकाफ में
अल्लाह की रजा के लिए बैठेंगे एतकाफ में
विज्ञापन

ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एतकाफ को इस्लाम में फर्ज का दर्जा हासिल नहीं है, मगर सुन्नत जरूर है। एतकाफ के दौरान मिल्लत, मोहल्ले, गांव, शहर, मुल्क की तरक्की हो, बुराइयां कैसे दूर की जाए, इसकी चर्चा की जाती है। इसलिए एतकाफ में चार-पांच लोग होते हैं, जिनके लिए रोजा रखना जरूरी है। इसके अलावा इबादत, कुरान की तिलावत भी की जाती है। ये लोग ईद का चांद दिखने के बाद ही मस्जिद से निकलते हैं। हालांकि, बेहद जरूरी काम के लिए वे बाहर आ सकते हैं।
एतकाफ क्या होता है
एएमयू के सुन्नी थियोलॉजी के मुफ्ती डॉ. मोहम्मद जाहिद बताते हैं कि एतकाफ अरबी का शब्द है, जिसका अर्थ किसी जगह अल्लाह की रजा (खुशी) के लिए दुनियावी गरज के बगैर बैठना है। रमजान के आखिरी 10 रोजे तक मस्जिद में पुुरुष और महिला घर के एक कोने में एतकाफ में बैठ सकती है।
विज्ञापन

एतकाफ की शुरुआत
मुफ्ती डॉ. मोहम्मद जाहिद का कहना है कि पैगंबर इस्लाम मोहम्मद मुस्तफा (सअ) अपनी जिंदगी के आखिरी दो-तीन साल मस्जिद-ए-नबवी में एतकाफ में बैठे थे। उन्हीं से एतकाफ की शुरुआत हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इबादत में मदद कर रहे ऐप
इफ्तार-सहरी सहित रमजान में पढ़ी जाने वाली दुआओं का ‘रमजान दुआस’ का ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। ब्यूटीफुल इस्लामिक दुआ एमपी थ्री भी सुन सकते हैं। यही नहीं दीनियात, कुरान, दीन दुआ, सूराह, रमजान दुआस, डेली दुआ फॉर रमजान, तस्बीह रमजान सहित कई ऐप हैं।
बच्चों के लिए भी ऐप
रमजान महीने में बच्चों के लिए भी ऐप हैं, जिसमें दुआएं पढ़ और सुन सकते हैं। सबसे अच्छी बात इस ऐप में ये है कि एक से तीन और चार से छह साल के बच्चों को दुआएं सीखने के तरीके मिल जाएंगे। यही नहीं कई भाषाओं में दुआओं का तर्जुमा भी है। इसके अलावा ऐप में दुआ फॉर किड्स मुस्लिम, किड्स दुआ नाऊ वर्ड बाई वर्ड बाई आदि शामिल हैं।

ऑटोमेटिक कुरान रीडिंग
प्ले स्टोर पर मुस्लिमप्रोरमजान-2017 का एक ऐप है, जिसमें ऑटोमेटिक कुरान रीडिंग, कुरान का तर्जुमा (अर्थ), दुआएं, कैलेंडर, नमाज और सहरी-इफ्तार का शहर के हिसाब से वक्त पता चलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed