नियम का पालन ही नहीं सुरक्षा भी: बच सकती थी जान, अलीगढ़ में हेलमेट नहीं पहनने से छह साल में 1500 मौतें
हेेलमेट का उपयोग करें, इस संकल्प अभियान में अमर उजाला भी आज से आपके साथ कदमताल मिलाएगा। लोगों को हेलमेट की जरूरत के प्रति जागरूक किया जाएगा। बच्चों से लेकर बड़ों तक को बताया जाएगा कि हेलमेट न लगाने के कितने नुकसान हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं और बिना हेलमेट मौतों के आंकड़े वाकई डराने वाले हैं। अलीगढ़ जिले में पिछले छह वर्ष में 1500 दोपहिया वाहन चालकों की मौत हुई है। मौत की वजह भी सिर में गंभीर चोट लगना बताई गई। अगर यह हेलमेट लगाए होते तो इनकी जान बच सकती थी।
यह हालात तब हैं, जब यातायात पुलिस ताबड़तोड़ बिना हेलमेट वाहन चलाने पर चालान किए जा रही है। ऐसे में हेलमेट कितना जरूरी है, ये आप खुद ही समझ सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आज से ही सड़क पर दोपहिया की सवारी करते समय हेलमेट लगाएं-जीवन बचाएं का संकल्प खुद लें। अपनों को भी यह संकल्प दिलाएं। इस संकल्प अभियान में अमर उजाला भी आज से आपके साथ कदमताल मिलाएगा। लोगों को हेलमेट की जरूरत के प्रति जागरूक किया जाएगा। बच्चों से लेकर बड़ों तक को बताया जाएगा कि हेलमेट न लगाने के कितने नुकसान हैं।
यातायात नियमों के पालन को लेकर समय समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। इस दिशा में आगे भी सकारात्मक पहल की जाएगी। लोगों को जागरूक करने के विभिन्न अभियान समय समय पर चलवाए जाएंगे। साथ में चेकिंग भी बढ़ाई जाएगी। - दीपक शाह, आरटीओ प्रशासन
यह बिल्कुल सही विषय है। लोग बिना हेलमेट वाहन लेकर चलते हैं। इस दिशा में यातायात पुलिस व थाना पुलिस के साथ-साथ सीसीटीवी के जरिये चालान बढ़ाए जा रहे हैं। साथ में जागरूकता अभियान पर भी जोर दिया जाएगा। अमर उजाला की पहल में शामिल होकर लोगों को जागरूक करने की दिशा में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। - नीरज जादौन, एसएसपी
इस वर्ष बढ़ा बिना हेलमेट मौतों का आंकड़ा
जनवरी 2020 से सितंबर 2025 तक के परिवहन विभाग के आंकड़ों पर ध्यान दें तो पिछले वर्ष जरूर बिना हेलमेट मौतों में गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन इस वर्ष फिर यह आंकड़े बढ़ रहे हैं। पिछले छह वर्ष में कुल 3462 दुर्घटनाओं में 2441 लोगों की जान गई है, जिनमें बिना हेलमेट जान गंवाने वालों की संख्या 1500 है।
आठ माह में 3.89 लाख चालान
जिला व यातायात पुलिस के चालान के आंकड़ों पर ध्यान दें तो इस वर्ष जनवरी से 27 अक्तूबर तक अब तक कुल सात लाख से अधिक चालान किए गए हैं। इनमें 3 लाख 89 हजार 996 चालान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों के किए गए हैं। बावजूद इसके लोग हेलमेट लगाने को राजी नहीं।
छह वर्ष के आंकड़े एक नजर में
| वर्ष | हादसे | मृतक | बिना हेलमेट मृतक |
| 2020 | 790 | 438 | 231 |
| 2021 | 882 | 580 | 419 |
| 2022 | 507 | 417 | 301 |
| 2023 | 489 | 391 | 193 |
| 2024 | 327 | 232 | 169 |
| 2025 | 467 | 383 | 187 |