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देवकीनंदन हत्याकांड: एससी/एसटी आयोग ने मांगी जानकारी
Updated Sun, 04 Jun 2017 07:55 PM IST
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देवकीनंदन हत्याकांड: एससी/एसटी आयोग ने मांगी जानकारी
ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
हाथरस। कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव रहना में 20 अप्रैल को हुई ग्रामीण देवकीनंदन पाठक की हत्या के मामले में अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग ने जानकारी मांगी है। देवकीनंदन की हत्या का आरोप गांव के ही राजन सिंह समेत छह दलितों पर है। आरोपियों ने आयोग में गुहार लगाकर खुद के निर्दोष होने की बात कही थी। अब आयोग ने पुलिस अधिकारियों से जानकारी मांगी है।
इससे पहले एडीजी आगरा भी इस मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों से मांग चुके हैं। वहीं मामले की जांच में जुटी कोतवाली हाथरस गेट पुलिस का कहना है कि अभी तक की जांच में हत्या करने की बात साबित नहीं हुई है। केस धारा 302 की जगह आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में धारा 306 के तहत तरमीम किया जा चुका है।
देवकीनंदन पाठक (28) पुत्र पन्नालाल पाठक निवासी रहना दोपहर के समय घर से निकले थे। शाम चार बजे के करीब ग्रामीणों को जानकारी मिली कि देवकीनंदन का शव शहतूत के पेड़ पर लटका हुआ है। मोहन सिंह के खेत में शव मिला। देवकीनंदन के भाई राजकुमार ने कहा कि दूसरे पक्ष के लोग डेढ़ साल में उन पर चार बार हरिजन एक्ट लगा चुके हैं। हत्याकांड से एक दिन पहले हुए झगड़े में भी देवकीनंदन के साथ मारपीट कर उस पर हरिजन एक्ट लगाया गया था।
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ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
हाथरस। कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव रहना में 20 अप्रैल को हुई ग्रामीण देवकीनंदन पाठक की हत्या के मामले में अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग ने जानकारी मांगी है। देवकीनंदन की हत्या का आरोप गांव के ही राजन सिंह समेत छह दलितों पर है। आरोपियों ने आयोग में गुहार लगाकर खुद के निर्दोष होने की बात कही थी। अब आयोग ने पुलिस अधिकारियों से जानकारी मांगी है।
इससे पहले एडीजी आगरा भी इस मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों से मांग चुके हैं। वहीं मामले की जांच में जुटी कोतवाली हाथरस गेट पुलिस का कहना है कि अभी तक की जांच में हत्या करने की बात साबित नहीं हुई है। केस धारा 302 की जगह आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में धारा 306 के तहत तरमीम किया जा चुका है।
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देवकीनंदन पाठक (28) पुत्र पन्नालाल पाठक निवासी रहना दोपहर के समय घर से निकले थे। शाम चार बजे के करीब ग्रामीणों को जानकारी मिली कि देवकीनंदन का शव शहतूत के पेड़ पर लटका हुआ है। मोहन सिंह के खेत में शव मिला। देवकीनंदन के भाई राजकुमार ने कहा कि दूसरे पक्ष के लोग डेढ़ साल में उन पर चार बार हरिजन एक्ट लगा चुके हैं। हत्याकांड से एक दिन पहले हुए झगड़े में भी देवकीनंदन के साथ मारपीट कर उस पर हरिजन एक्ट लगाया गया था।
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