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वलसम्मा हत्याकांड: पांच साल बाद भी आरोपी पकड़ से दूर
Updated Sun, 04 Jun 2017 07:03 PM IST
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लसम्मा हत्याकांड: पांच साल बाद भी आरोपी पकड़ से दूर
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
पांच साल पहले अगस्त 2012 में हुई एएनएम वलसम्मा की नृशंस हत्या के एक आरोपी को पुलिस अभी तक दबोच नहीं सकी है। आला अधिकारियों के निर्देश के बाद कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए दोबारा कमर कसी है।
स्वास्थ्य पर्यवेक्षक बलसम्मा थामस (55 वर्ष) पत्नी पीटी थामस उर्फ राजू यहां रमनपुर में रहते थे। वह अपनी बेटी निशा को किला स्टेशन पर एचएडी ट्रेन में दिल्ली के लिए बैठाने गई थी। उसके बाद वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों पुलिस को सूचित किया। जांच में जुटी पुलिस ने नाटकीय ढंग से एएनएम की लाश बरामद की और हत्या के आरोप में पड़ोसी युवक को पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी युवक रमनपुर निवासी मोहित पौरुष ने एएनएम को अपनी मां के पेट दर्द के इलाज के लिए बुलाया था। घर पहुंचते ही आरोपी युवक ने अपनी मां बीना पौरुष के साथ मिलकर एएनएम की हत्या कर दी और सारे जेवरात लूट लिए। पहचान छिपाने के लिए शव पर तेजाब डाल दिया। शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी आगरा की एक एंबुलेंस बुक कराकर लाया, जिसके चालक ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
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मोहित और उसकी मां बीना दोनेां जेल में हैं। दोनाें को 30 साल की सजा सुनाई गई है। आरोपियों में इटावा के रविंद्र उर्फ फौजी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। पांच साल से आरोपी फरार है। अधिकारियों की सख्ती के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की सुध ली है।
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ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
पांच साल पहले अगस्त 2012 में हुई एएनएम वलसम्मा की नृशंस हत्या के एक आरोपी को पुलिस अभी तक दबोच नहीं सकी है। आला अधिकारियों के निर्देश के बाद कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए दोबारा कमर कसी है।
स्वास्थ्य पर्यवेक्षक बलसम्मा थामस (55 वर्ष) पत्नी पीटी थामस उर्फ राजू यहां रमनपुर में रहते थे। वह अपनी बेटी निशा को किला स्टेशन पर एचएडी ट्रेन में दिल्ली के लिए बैठाने गई थी। उसके बाद वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों पुलिस को सूचित किया। जांच में जुटी पुलिस ने नाटकीय ढंग से एएनएम की लाश बरामद की और हत्या के आरोप में पड़ोसी युवक को पकड़ लिया।
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पुलिस के अनुसार आरोपी युवक रमनपुर निवासी मोहित पौरुष ने एएनएम को अपनी मां के पेट दर्द के इलाज के लिए बुलाया था। घर पहुंचते ही आरोपी युवक ने अपनी मां बीना पौरुष के साथ मिलकर एएनएम की हत्या कर दी और सारे जेवरात लूट लिए। पहचान छिपाने के लिए शव पर तेजाब डाल दिया। शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी आगरा की एक एंबुलेंस बुक कराकर लाया, जिसके चालक ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
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मोहित और उसकी मां बीना दोनेां जेल में हैं। दोनाें को 30 साल की सजा सुनाई गई है। आरोपियों में इटावा के रविंद्र उर्फ फौजी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। पांच साल से आरोपी फरार है। अधिकारियों की सख्ती के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की सुध ली है।