सीबीएसई परीक्षा

Aligarh Bureau Updated Sun, 04 Jun 2017 01:23 AM IST
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सीबीएसई 10 वीं में 10 सीजीपीए की धूम
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10 वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। छात्र-छात्राओं के बीच 10 सीजीपीए की धूम है। सेंट फिदेलिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 74 छात्रों ने 10 सीजीपीए हासिल किया है। जबकि दिल्ली पब्लिक स्कूल अलीगढ़ के 72, जीडी पब्लिक स्कूल खैर रोड के 51 एवं ऑवर लेडी ऑफ फातिमा स्कूल के 50 छात्र-छात्राओं ने 10 सीजीपीए हासिल कर जनपद का गौरव बढ़ाया है।

परीक्षा परिणाम पर नजर दौड़ाएं तो छात्रों की संख्या एवं सीजीपीए के आधार पर सबसे बेहतर प्रदर्शन जीडी पब्लिक स्कूल खैर एवं डीपीएस सिविल लाइन का है। जीडी पब्लिक स्कूल खैर के 31 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिसमें से 22 छात्र-छात्राओं ने 10 सीजीपीए हासिल किया है। वहीं डीपीएस सिविल लाइन की परीक्षा में शामिल 88 बच्चों में 32 छात्रों ने 10 सीजीपीए हासिल करने में कामयाबी हासिल की है। अलबरकात, कृष्णा इंटरनेशनल, रेडिएंट स्टार, ब्रिलिएंट, महर्षि विद्या मंदिर एवं विजडम पब्लिक स्कूल के परीक्षा परिणाम भी शानदार आए हैं। महानगर के अधिकतर स्कूलों का परीक्षा परिणाम सौ प्रतिशत है।

शनिवार को सुबह से ही परीक्षा परिणाम जानने के लिए छात्र एवं अभिभावक उतावले थे। सुबह 10 बजे से ही छात्र, अभिभावक एवं स्कूल संचालक परीक्षा परिणाम जानने के लिए मोबाइल एवं इंटरनेट पर जम गए। हालांकि उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा। बहुत से छात्र-छात्रा तो तेज धूप की परवाह किये बिना ही स्कूल पहुंच गए। परिणाम आते ही छात्र-छात्राओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई।
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मजबूरियों को लांघ कर रोहन ने हासिल की मंजिल
ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के रोहन सिंह ने मजबूरियों को बाधा नहीं बनने दिया। दृढ़ इच्छा शक्ति एवं लगन की बदौलत उन्होंने सीबीएसई 10 वीं की परीक्षा में 9.2 सीजीपीए हासिल कर माता-पिता एवं अपने स्कूल को गौरवान्वित किया है।

रोहन सिंह शानदार एथलीट हैं और सीबीएसई स्कूल की प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर जनपद का नाम रौशन कर चुके हैं। पिता राजकुमार सिंह समाचार वितरण (हॉकर) करते हैं, जबकि मां वंदना सिंह घर में मोमबत्ती बनाती हैं। पढ़ाई और खेल के मैदान में आर्थिक मजबूरी कई बार दीवार बनकर सामने खड़ी हुई, लेकिन रोहन अपने दृढ़ इरादे से नहीं डिगे और आगे बढ़ते चले गए। उनका कहना है कि वह देश के लिए खेलना और पदक जीतना चाहते हैं। ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल श्याम कुंतेल कहते हैं कि रोहन एक दिन प्रदेश एवं देश का नाम रौशन करेगा।
मोदी के मुरीद हैं शुभांकर
10 सीजीपीए हासिल करने वाले ऑवर लेडी ऑफ फातिमा स्कूल के छात्र शुभांकर वार्ष्णेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुरीद हैं। शुभांकर के पिता डॉ. पवन वार्ष्णेय एवं माता डॉ. अवंजला वार्ष्णेय महानगर के नामी डॉक्टर हैं। शुभांकर गणितज्ञ बनना चाहते हैं। वह कहते हैं कि गणित से उन्हें बेहद लगाव है। शुभांकर को प्रधानमंत्री मोदी बेहद पसंद हैं। वह कहते हैं कि दृढ़ इरादा रखने वाले मोदी का विजन साफ है। वह हार्डवर्किंग हैं। ब्यूरोक्रेट को स्पंदित किया है। उनके प्रधानमंत्री बनने से भारत का सम्मान विदेशों में बढ़ा है।

सीए बनना चाहते हैं अनमोल
10 सीजीपीए हासिल करने वाले कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल के अनमोल अग्रवाल सीए बनना चाहते हैं। इंटर में वह कामर्स लेकर पढ़ाई करना चाहते हैं। गूलर रोड निवासी धीरज अग्रवाल के पुत्र अनमोल घर में 4 से 6 घंटे पढ़ाई कर इस मुकाम पर पहुंचे हैं। उनकी मां शिल्पी अग्रवाल गृहणि हैं। दादा पद्मचंद्र अग्रवाल अनमोल के शानदार प्रदर्शन से बेहद खुश हैं।

इंजीनियर बनना चाहती हैं अनन्या
10 सीजीपीए हासिल करने वाली ब्लू बर्ड स्कूल की अनन्या सिंघल आईआईटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करना चाहती हैं। उनका कहना है कि मामा, दीदी एवं भैया उनके आदर्श हैं। पिता अनुपम सिंघल व्यवसायी एवं माता शिखा सिंघल गृहणि हैं। अनन्या कहती हैं कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अब लड़कियां भी नाम कमा रही हैं।

दिल का डॉक्टर बनना चाहती हैं
कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल की चांदसी दिल का डॉक्टर बनना चाहती हैं। उनका कहना है कि उनकी मां बबिता राठी शिक्षिका हैं। वह डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन किसी कारण से नहीं बन सकीं। उनके आदित्य सर भी डॉक्टर बनना चाहते थे। वह डॉक्टर बनकर अपनी माता एवं गुरुजी के सपनों को साकार करेंगी। एनसीसी कैडेट चांदसी इस वर्ष आरडी परेड में शामिल हुई थी।

डॉक्टर बनना चाहती हैं बैडमिंटन चैंपियन अलवीरा
सेंट फिदेलिस स्कूल की अलवीरा आलम डॉक्टर बनना चाहती हैं। जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में वह चैंपियन रह चुकी हैं। खेल एवं पढ़ाई के बीच बेहतर तालमेल बनाकर अलवीरा ने 10 सीजीपीए हासिल करने में कामयाबी हासिल की। अलवीरा के पिता डॉ. शाह आलम एएमयू में मनोविज्ञान विभाग के शिक्षक हैं।

पिता की तरह डॉक्टर बनना चाहती है अमना जहीर
ओएलएफ की अमना जहीर अपने पिता प्रो. शुएब जहीर की तरह डॉक्टर बनना चाहती हैं। अमना जहीर के पिता एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग में प्रोफेसर हैं। वह एएमयू गेम्स कमेटी के सचिव भी हैं। अमना की अम्मी फातमा जहीर अपनी बेटी की उपलब्धि से बेहद खुश हैं। अमना डॉक्टर बनकर गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा करना चाहती हैं।

अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहती हैं मानसी
डीपीएस अलीगढ़ की मानसी जैन सीए बनकर देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करना चाहती हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं गुरुजनों को देती हैं। मानसी की माता रेनू जैन गृहणि हैं, जबकि पिता सतीश गौतम डीपीएस में तैनात हैं। मानसी इंटर कामर्स से करना चाहती हैं।

इंजीनियर बनना चाहते हैं मयंक
डीपीएस के मयंक मोहन आईआईटी से इंजीनियरिंग करना चाहते है। सीबीएसई 10 वीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 सीजीपीए हासिल करने वाले मयंक मोहन आईआईटी से इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। मयंक के पिता ब्रज मोहन डीपीएस अलीगढ़ में प्रशासनिक अधिकारी हैं, जबकि मम्मी आकांक्षा सिंह शिक्षिका हैं।

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