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हत्या के पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
फसल कटाई के विवाद में थाना गोंडा के गांव तलेसरा में ग्यारह साल पहले हुई एक हत्या के पांच आरोपियों पर सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश-12 दिनेश कुमार मिश्रा की कोर्ट उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माने से भी दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रामकुमार के अनुसार मामला अप्रैल 2007 का है। पुष्पेंद्र सिंह पुत्र रामसिंह निवासी निसूजा, खैर ने जितेंद्र पुत्र आशाराम निवासी तोछीकला से उसके खेत की फसल को कटाने से इंकार कर दिया था। इसी बात को लेकर जितेंद्र पुष्पेंद्र से रंजिश मानने लगा। 18 अप्रैल को पुष्पेंद्र अपने खेत से गेहूं की फसल को काटने के लिए तलेसरा गांव में कटर लेने गया था। वहां से लौटते समय रास्ते में पुष्पेंद्र को उसका भाई योगेंद्र और चाचा नवाबसिंह भी मिल गए। वाकये के अनुसार तीनों पैदल-पैदल अपने गांव की ओर आ रहे थे।
तभी तलेसरा स्थित पंचायती बेरिया के बाग के पास जितेंद्र और उसके भाई रंजीत व उनके तीन अन्य साथी राजू पुत्र धर्मवीर, रामबाबू पुत्र धर्मवीर, सत्येंद्र उर्फ मुंशा पुत्र रामफल ने तीनों को घेर लिया और बाग के अंदर ले गए। यहां पुष्पेंद्र के साथ मारपीट की और उसके सीने में तमंचे से गोली मार दी। गोली लगने से पुष्पेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के भाई योगेंद्र ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में सभी आरोपियों को दोष सिद्ध किया है और उम्रकैद की सजा के साथ-साथ जुर्माना भी नियत किया है। इनमें दो आरोपी जितेंद्र व राजू पर हथियार बरामदगी के चलते जुर्माना अतिरिक्त नियत किया गया है।
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फसल कटाई के विवाद में थाना गोंडा के गांव तलेसरा में ग्यारह साल पहले हुई एक हत्या के पांच आरोपियों पर सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश-12 दिनेश कुमार मिश्रा की कोर्ट उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माने से भी दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रामकुमार के अनुसार मामला अप्रैल 2007 का है। पुष्पेंद्र सिंह पुत्र रामसिंह निवासी निसूजा, खैर ने जितेंद्र पुत्र आशाराम निवासी तोछीकला से उसके खेत की फसल को कटाने से इंकार कर दिया था। इसी बात को लेकर जितेंद्र पुष्पेंद्र से रंजिश मानने लगा। 18 अप्रैल को पुष्पेंद्र अपने खेत से गेहूं की फसल को काटने के लिए तलेसरा गांव में कटर लेने गया था। वहां से लौटते समय रास्ते में पुष्पेंद्र को उसका भाई योगेंद्र और चाचा नवाबसिंह भी मिल गए। वाकये के अनुसार तीनों पैदल-पैदल अपने गांव की ओर आ रहे थे।
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तभी तलेसरा स्थित पंचायती बेरिया के बाग के पास जितेंद्र और उसके भाई रंजीत व उनके तीन अन्य साथी राजू पुत्र धर्मवीर, रामबाबू पुत्र धर्मवीर, सत्येंद्र उर्फ मुंशा पुत्र रामफल ने तीनों को घेर लिया और बाग के अंदर ले गए। यहां पुष्पेंद्र के साथ मारपीट की और उसके सीने में तमंचे से गोली मार दी। गोली लगने से पुष्पेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के भाई योगेंद्र ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में सभी आरोपियों को दोष सिद्ध किया है और उम्रकैद की सजा के साथ-साथ जुर्माना भी नियत किया है। इनमें दो आरोपी जितेंद्र व राजू पर हथियार बरामदगी के चलते जुर्माना अतिरिक्त नियत किया गया है।
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