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मिलावट खोरों पर छापा, भगदड़
Updated Sat, 03 Nov 2018 02:14 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
धनतेरस से लगने वाली त्योहारों की लड़ी पर मिठाई समेत अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है। शुक्रवार को एफडीए की टीम ने अचल ताल की मावा मंडी में छापा मारा। टीम को देखकर वहां मिलावटखोरों में भगदड़ मच गई। मौके का फायदा उठाकर कई मिलावटखोर दुकान बंद कर भाग गए। इस सबके बीच टीम ने मावा, दूध समेत खाद्य पदार्थों के नौ नमूने भरे। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान ने बताया कि मावा मंडी अचल ताल में खेड़िया बहादुरगढ़ी अतरौली निवासी धर्मेंद्र सिंह के यहां से मावा, नगलिया खास रामघाट बुलंदशहर निवासी बिन्नामी के यहां से मावा, महेंद्र नगर गांधी पार्क निवासी विवेक वार्ष्णेय के यहां से मावा, खेरिया बहादुरगढ़ी निवासी सुरजीत के यहां से मावा, ज्वालापुरी जीटी रोड स्थित न्यू रामा डेयरी से बूंदी लड्डू, नौरंगाबाद में जावेल व सुमित के यहां से दूध, मंजूरगढ़ी में रियाजत अली के यहां से सोनपापड़ी तथा खाद्य रंग का नमूना भरा। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सैयद इबादुल्लाह, कृपा शंकर, अनिल सिंह, राजीव सिंह, जवाहरलाल, जसप्रीत कौर व अमर बहादुर सरोज उपस्थित थे।
मिलावटखोर भी सक्रिय
त्योहारों का फायदा उठाने के लिए मावा माफिया सक्रिय हो गए हैं। इन लोगों ने बड़े पैमाने पर मिलावटी मावा बाजार में उतार दिया है। जिले के अतरौली, अकराबाद, खैर एवं गभाना के चखातल, राइट समेत दर्जनभर गांवों में मिलावटी मावा बनता है। दो साल पहले दीपावली पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारकर यहां भारी मात्रा में मिलावटी मावा पकड़ा था। इस दीपावली पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की हलचल नजर नहीं आ रही है।
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ऐसे बनता है मिलावटी मावा
मिलावटी मावा बनाने में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड का प्रयोग होता है। पीला रंग लाने के लिए कलर मिलाया जाता है।
ऐसे करें शुद्ध मावा की पहचान
मावा को हाथ से दबाकर अपने हाथ को सूंघ लें। यदि उसमें रिफाइंड की गंध आए तो मिलावटी है और यदि देशी घी की गंध आए तो यह मावा ठीक है।
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धनतेरस से लगने वाली त्योहारों की लड़ी पर मिठाई समेत अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है। शुक्रवार को एफडीए की टीम ने अचल ताल की मावा मंडी में छापा मारा। टीम को देखकर वहां मिलावटखोरों में भगदड़ मच गई। मौके का फायदा उठाकर कई मिलावटखोर दुकान बंद कर भाग गए। इस सबके बीच टीम ने मावा, दूध समेत खाद्य पदार्थों के नौ नमूने भरे। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान ने बताया कि मावा मंडी अचल ताल में खेड़िया बहादुरगढ़ी अतरौली निवासी धर्मेंद्र सिंह के यहां से मावा, नगलिया खास रामघाट बुलंदशहर निवासी बिन्नामी के यहां से मावा, महेंद्र नगर गांधी पार्क निवासी विवेक वार्ष्णेय के यहां से मावा, खेरिया बहादुरगढ़ी निवासी सुरजीत के यहां से मावा, ज्वालापुरी जीटी रोड स्थित न्यू रामा डेयरी से बूंदी लड्डू, नौरंगाबाद में जावेल व सुमित के यहां से दूध, मंजूरगढ़ी में रियाजत अली के यहां से सोनपापड़ी तथा खाद्य रंग का नमूना भरा। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सैयद इबादुल्लाह, कृपा शंकर, अनिल सिंह, राजीव सिंह, जवाहरलाल, जसप्रीत कौर व अमर बहादुर सरोज उपस्थित थे।
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मिलावटखोर भी सक्रिय
त्योहारों का फायदा उठाने के लिए मावा माफिया सक्रिय हो गए हैं। इन लोगों ने बड़े पैमाने पर मिलावटी मावा बाजार में उतार दिया है। जिले के अतरौली, अकराबाद, खैर एवं गभाना के चखातल, राइट समेत दर्जनभर गांवों में मिलावटी मावा बनता है। दो साल पहले दीपावली पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारकर यहां भारी मात्रा में मिलावटी मावा पकड़ा था। इस दीपावली पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की हलचल नजर नहीं आ रही है।
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ऐसे बनता है मिलावटी मावा
मिलावटी मावा बनाने में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड का प्रयोग होता है। पीला रंग लाने के लिए कलर मिलाया जाता है।
ऐसे करें शुद्ध मावा की पहचान
मावा को हाथ से दबाकर अपने हाथ को सूंघ लें। यदि उसमें रिफाइंड की गंध आए तो मिलावटी है और यदि देशी घी की गंध आए तो यह मावा ठीक है।