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एनसीसी कैडे्टस फिक्र न करिए, पाई-पाई मिलेगा
Updated Wed, 18 Apr 2018 02:20 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एनसीसी कैडेट्स फिक्र न करें। उन्हें जलपान व धुलाई भत्ते का पाई-पाई मिलेगा। गौर रहे कि अमर उजाला के 16 अप्रैल के अंक में डीएस कॉलेज में ‘तीन साल से एनसीसी कैडेट्स को नाश्ते के पैसों का इंतजार’ खबर प्रकाशित की गई थी। इस मामले में ग्रुप कमांडर का कहना है कि विलंब भुगतान को लैप्स नहीं होने दिया जाएगा।
मंगलवार को केलानगर स्थित एनसीसी हेडक्वाटर के ग्रुप कमांडर जीएस पुरी ने अमर उजाला को बताया कि अक्सर संस्थानों की ओर से बेनीफिशियल फाइल बनाने के प्रपत्र समय से प्राप्त न होने से संस्थानों के भुगतान में देरी होती है। जिनका प्रपत्र समय से मिल गया।
उन्हें भुगतान कर दिया जाता है। जिनके सही प्रपत्र नहीं होते, उनका भुगतान विलंब से होता है। मगर लैप्स नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भुगतान के लिए उप महानिदेशक लखनऊ उत्तर प्रदेश के लिए पत्र लिख दिया है।
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कहा, डीएस कॉलेज ने वर्ष 2016-2017 के भुगतान के लिए प्रपत्र भेजे थे, लेकिन आईएफसी कोड गलत होने के चलते उसे सुधार के लिए वापस कर दिया गया था, जो अभी तक अपूर्ण है, जबकि वर्ष 2017-2018 का भुगतान बजट के अभाव व आंतरिक त्रुटियों से नहीं हो सका है।
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एनसीसी कैडेट्स फिक्र न करें। उन्हें जलपान व धुलाई भत्ते का पाई-पाई मिलेगा। गौर रहे कि अमर उजाला के 16 अप्रैल के अंक में डीएस कॉलेज में ‘तीन साल से एनसीसी कैडेट्स को नाश्ते के पैसों का इंतजार’ खबर प्रकाशित की गई थी। इस मामले में ग्रुप कमांडर का कहना है कि विलंब भुगतान को लैप्स नहीं होने दिया जाएगा।
मंगलवार को केलानगर स्थित एनसीसी हेडक्वाटर के ग्रुप कमांडर जीएस पुरी ने अमर उजाला को बताया कि अक्सर संस्थानों की ओर से बेनीफिशियल फाइल बनाने के प्रपत्र समय से प्राप्त न होने से संस्थानों के भुगतान में देरी होती है। जिनका प्रपत्र समय से मिल गया।
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उन्हें भुगतान कर दिया जाता है। जिनके सही प्रपत्र नहीं होते, उनका भुगतान विलंब से होता है। मगर लैप्स नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भुगतान के लिए उप महानिदेशक लखनऊ उत्तर प्रदेश के लिए पत्र लिख दिया है।
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कहा, डीएस कॉलेज ने वर्ष 2016-2017 के भुगतान के लिए प्रपत्र भेजे थे, लेकिन आईएफसी कोड गलत होने के चलते उसे सुधार के लिए वापस कर दिया गया था, जो अभी तक अपूर्ण है, जबकि वर्ष 2017-2018 का भुगतान बजट के अभाव व आंतरिक त्रुटियों से नहीं हो सका है।