{"_id":"5a81fd2e4f1c1b8f268b99ab","slug":"141518468398-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गबन के मामले में फंसे प्रधान व सचिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गबन के मामले में फंसे प्रधान व सचिव
Updated Tue, 13 Feb 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मनरेगा योजना में धरातल पर काम न कराकर मात्र कागजों में मिट्टीकरण का काम दिखाने के मामले में विकास खंड लोधा की ग्राम पंचायत केशोपुर जौफरी की प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं तकनीकी सहायक फंस गए हैं।
जांच में काम न कराने का आरोप तय होने के बाद खंड विकास अधिकारी लोधा ने उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण के लिए दो दिन का समय दिया है। अन्यथा की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
प्रधान मुन्नी देवी, ग्राम पंचायत अधिकारी दिग्विजय सिंह एवं तकनीकी सहायक पिंकेश राघव पर आरोप है कि उन्होंने मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत केशोरपुर जौफरी में राजेश पंडित के खेत से रामचरन के खेत तक मिट्टीकरण का काम दिखाकर 93450 रुपये का भुगतान करने के लिए पत्रावली बीडीओ कार्यालय में 5 फरवरी 2017 को भेजी थी।
विज्ञापन
इसकी जांच सहायक विकास अधिकारी कृषि प्रताप सिंह से कराई गई। जांच रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि राजेश पंडित के खेत से रामचरन के खेत तक मिट्टीकरण का काम हुआ ही नहीं है। खंड विकास अधिकारी ने कहा कि इससे तीनों की मिलीभगत प्रतीत होती है और फर्जी भुगतान की कोशिश भी परिलक्षित होती है। इस वजह से तीनों को नोटिस जारी किया गया है।
विज्ञापन
मनरेगा योजना में धरातल पर काम न कराकर मात्र कागजों में मिट्टीकरण का काम दिखाने के मामले में विकास खंड लोधा की ग्राम पंचायत केशोपुर जौफरी की प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं तकनीकी सहायक फंस गए हैं।
जांच में काम न कराने का आरोप तय होने के बाद खंड विकास अधिकारी लोधा ने उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण के लिए दो दिन का समय दिया है। अन्यथा की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
प्रधान मुन्नी देवी, ग्राम पंचायत अधिकारी दिग्विजय सिंह एवं तकनीकी सहायक पिंकेश राघव पर आरोप है कि उन्होंने मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत केशोरपुर जौफरी में राजेश पंडित के खेत से रामचरन के खेत तक मिट्टीकरण का काम दिखाकर 93450 रुपये का भुगतान करने के लिए पत्रावली बीडीओ कार्यालय में 5 फरवरी 2017 को भेजी थी।
विज्ञापन
इसकी जांच सहायक विकास अधिकारी कृषि प्रताप सिंह से कराई गई। जांच रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि राजेश पंडित के खेत से रामचरन के खेत तक मिट्टीकरण का काम हुआ ही नहीं है। खंड विकास अधिकारी ने कहा कि इससे तीनों की मिलीभगत प्रतीत होती है और फर्जी भुगतान की कोशिश भी परिलक्षित होती है। इस वजह से तीनों को नोटिस जारी किया गया है।