फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   अलीगढ़... गौरव के परिजनों को सरकारी नौकरी का इंतजार

अलीगढ़... गौरव के परिजनों को सरकारी नौकरी का इंतजार

Sun, 22 Oct 2017 01:38 AM IST
Updated Sun, 22 Oct 2017 01:38 AM IST
विज्ञापन
अलीगढ़... गौरव के परिजनों को सरकारी नौकरी का इंतजार
गौरव के परिजनों को सरकारी नौकरी का इंतजार
विज्ञापन


ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

वर्ष 2015 में गोवर्धन पूजा के दिन देहलीगेट थाने के मोहल्ला खटिकान में सांप्रदायिक बवाल में मारे गए दलित गौरव के परिजनों को अब तक सरकारी नौकरी का इंतजार है। सपा सरकार में हुए इस बलवे में गौरव के परिजनों को 25 लाख रुपये और डूडा से एक आवास मिल चुका है।

पूर्व शहर विधायक जफर आलम की पहल पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनको मकान के कागजात और रुपये लखनऊ में दिए थे। वादे के अनुसार आश्रितों को अब तक सरकारी नौकरी नहीं मिली है।
विज्ञापन


शनिवार को देहलीगेट पंचायती धर्मशाला में गौरव की दूसरी बरसी मनाई गई। भाजपा नगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत सहित आरएसएस के कुछ स्थानीय नेता पहुंचे। नगर विधायक संजीव राजा को भी आना था, लेकिन व्यस्तता के कारण वह नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरव के प्रकरण में परिवार की मदद करने वाले व्यापारी नेता राजेश खन्ना ने बताया कि उस वक्त भाजपाइयों ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग जोरशोर से उठाई थी, लेकिन अब कोई कुछ नहीं बोल रहा जबकि अब तो भाजपा की सरकार है। नेता पैरवी करें और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाएं।


खन्ना ने कहा कि शायद इसीलिए नगर विधायक ने व्यस्तता का हवाला देकर बरसी में आना भी उचित नहीं समझा, क्योंकि उनके सामने भी नौकरी की मांग उठती। बरसी में गौरव की मां विमला देवी, उनके भाई नितिन और मनोज के साथ मोहल्ले के लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed