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रोडवेज : कहीं ये मौत का सफर न बन जाएं
Updated Fri, 21 Jul 2017 01:39 AM IST
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रोडवेज का सफर कहीं बन जाए मौत का सफर
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की खटारा बसों में सफर करना मौत को दावत देने के बराबर है। कुछ डिपो की बसों के हालात तो ऐसे हैं कि उनमें यात्रा कर लोग गंतव्य तक पहुंच जाएं तो उनकी किस्मत है। अमर उजाला की टीम को कुछ इसी प्रकार के हालात देखने को मिले गांधी पार्क बस अड्डे पर खड़ी नरौरा, बुद्ध विहार एवं हाथरस डिपो की बसों की।
अमर उजाला की टीम ने गुरुवार को गांधी पार्क बस अड्डे पर खड़ी बसों की स्थिति देखी तो बड़ी भयावह दिखी। नरौरा डिपो की बस संख्या यूपी 81 वाई 9648 के पीछे के पहिये की बोल्ट गायब थे। जब अंदर देखा तो उसकी बैट्री खुले में रखी थी। इतना ही नहीं आग बुझाने का सिलेंडर तो गाड़ी में था, लेकिन वह आखिरी बार कब रिफिल हुआ होगा यह पूछने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती क्योंकि उसकी हालत ही बयां कर रही थी। इसी तरह हाथरस डिपो की गाड़ी में कोई ऐसी सीट नहीं थी तो सही हो। सभी सीटें फटी हुई थी। बुद्ध विहार डिपो की एसी बस की सीट भी टूटी हुई थी। सीट को रोकने के लिए खिड़की से रस्सी से बांध रखी थी।
वर्जन
बसों की दशा सुधारने के लिए सभी एआरएम को निर्देश दिए हैं। गुरुवार से ही डिपो के फॉरमैन काम में लग गए हैं। जल्द ही हालत में सुधार होगा।
अतुल त्रिपाठी क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की खटारा बसों में सफर करना मौत को दावत देने के बराबर है। कुछ डिपो की बसों के हालात तो ऐसे हैं कि उनमें यात्रा कर लोग गंतव्य तक पहुंच जाएं तो उनकी किस्मत है। अमर उजाला की टीम को कुछ इसी प्रकार के हालात देखने को मिले गांधी पार्क बस अड्डे पर खड़ी नरौरा, बुद्ध विहार एवं हाथरस डिपो की बसों की।
अमर उजाला की टीम ने गुरुवार को गांधी पार्क बस अड्डे पर खड़ी बसों की स्थिति देखी तो बड़ी भयावह दिखी। नरौरा डिपो की बस संख्या यूपी 81 वाई 9648 के पीछे के पहिये की बोल्ट गायब थे। जब अंदर देखा तो उसकी बैट्री खुले में रखी थी। इतना ही नहीं आग बुझाने का सिलेंडर तो गाड़ी में था, लेकिन वह आखिरी बार कब रिफिल हुआ होगा यह पूछने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती क्योंकि उसकी हालत ही बयां कर रही थी। इसी तरह हाथरस डिपो की गाड़ी में कोई ऐसी सीट नहीं थी तो सही हो। सभी सीटें फटी हुई थी। बुद्ध विहार डिपो की एसी बस की सीट भी टूटी हुई थी। सीट को रोकने के लिए खिड़की से रस्सी से बांध रखी थी।
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बसों की दशा सुधारने के लिए सभी एआरएम को निर्देश दिए हैं। गुरुवार से ही डिपो के फॉरमैन काम में लग गए हैं। जल्द ही हालत में सुधार होगा।
अतुल त्रिपाठी क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज