{"_id":"5b4e4d1d4f1c1bee748b4642","slug":"131531858205-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू के प्रो. शाफे किदवई को प्रति ष्\nठत इकबाल सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू के प्रो. शाफे किदवई को प्रति ष् ठत इकबाल सम्मान
Updated Wed, 18 Jul 2018 01:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मॉस कम्यूनिकेशन विभाग के प्रोफेसर, प्रख्यात आलोचक एवं लेखक प्रो. शाफे किदवई को प्रतिष्ठित इकबाल सम्मान से सम्मानित किया गया है। प्रो. किदवई को यह सम्मान उर्दू साहित्य के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है। इस सम्मान के तहत मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दो लाख रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाता है।
प्रो. किदवई की अब तक अंग्रेजी तथा उर्दू में 12 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी पुस्तक ‘उर्दू लिटरेचर एंड जर्नलिज़्म: क्रिटिकल पर्सपेक्टिव’ को कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, नई दिल्ली ने प्रकाशित किया है। उर्दू में प्रो. किदवई की प्रसिद्ध पुस्तक ‘सवानह सर सैयद’ सर सैयद अध्ययन में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है, जिसने हाली की प्रसिद्ध पुस्तक ‘हयाते जावेद’ की कई ऐतिहासिक विसंगतियों को ठीक किया है।
उनकी ताजा पुस्तक ‘सर सैयद: ए लाइफ इन रीज़न’ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के प्रकाशनाधीन है जिसका प्राक्कथन प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने लिखा है। प्रो. किदवई सरस्वती सम्मान की उर्दू कमेटी के संयोजक हैं। वह विभिन्न उच्च स्तरीय पत्रिकाओं के संपादकीय बोर्ड में भी शामिल हैं। वह एएमयू जन संचार कार्यालय के मेंबर इंचार्ज भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मॉस कम्यूनिकेशन विभाग के प्रोफेसर, प्रख्यात आलोचक एवं लेखक प्रो. शाफे किदवई को प्रतिष्ठित इकबाल सम्मान से सम्मानित किया गया है। प्रो. किदवई को यह सम्मान उर्दू साहित्य के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है। इस सम्मान के तहत मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दो लाख रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाता है।
प्रो. किदवई की अब तक अंग्रेजी तथा उर्दू में 12 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी पुस्तक ‘उर्दू लिटरेचर एंड जर्नलिज़्म: क्रिटिकल पर्सपेक्टिव’ को कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, नई दिल्ली ने प्रकाशित किया है। उर्दू में प्रो. किदवई की प्रसिद्ध पुस्तक ‘सवानह सर सैयद’ सर सैयद अध्ययन में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है, जिसने हाली की प्रसिद्ध पुस्तक ‘हयाते जावेद’ की कई ऐतिहासिक विसंगतियों को ठीक किया है।
विज्ञापन
उनकी ताजा पुस्तक ‘सर सैयद: ए लाइफ इन रीज़न’ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के प्रकाशनाधीन है जिसका प्राक्कथन प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने लिखा है। प्रो. किदवई सरस्वती सम्मान की उर्दू कमेटी के संयोजक हैं। वह विभिन्न उच्च स्तरीय पत्रिकाओं के संपादकीय बोर्ड में भी शामिल हैं। वह एएमयू जन संचार कार्यालय के मेंबर इंचार्ज भी है।
विज्ञापन