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बातचीत से रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का समाधान संभव
Updated Fri, 13 Apr 2018 02:36 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू विधि विभाग के पूर्व डीन एवं इस्लामिक लॉ के विशेषज्ञ प्रो. एम शब्बीर ने कहा कि बातचीत से रामजन्म भूमि एवं बाबरी मस्जिद विवाद का समाधान निकाला जा सकता है।
प्रो. शब्बीर ने यह सुझाव बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकर आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में दिया। इसका आयोजन फोरम फॉर अवेयरनेस ऑफ नेशनल सिक्योरिटी के तत्वावधान में ‘राम जन्म भूमि एवं बाबरी मस्जिद विवाद : मंथन एवं समाधान’ विषय पर किया गया था।
भारत फाउंडेशन के अध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने इसकी अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री किरण रिजजू, पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश विक्रम सिंह, इतिहासकार कुसुमलता केडिया आदि शामिल हुए। प्रो. शब्बीर ने कहा कि रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद एक राजनीतिक मसला बन गया है।
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इसका समाधान राजनीतिक के पसमंजर में कानून को मद्देनजर रखते हुए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लाम में लगभग एक लाख चौबीस हजार पैगंबरों का वजूद रहा है।
ऐसी सूरत में लार्ड रामा और लार्ड कृष्णा को भी मुसलमानों को पैगंबर की फेहरिस्त में मानकर उन्हें इज्जत दें तो इस्लामिक तौर पर एक अच्छा अमल होगा। उन्होंने विश्व में हुए धार्मिक स्थल विवादों का हवाला देते हुए कहा कि दोनों समुदाय के लोग खुले दिल से समाधान में लगें तो अच्छे नतीजे सामने आने की उम्मीद है।
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एएमयू विधि विभाग के पूर्व डीन एवं इस्लामिक लॉ के विशेषज्ञ प्रो. एम शब्बीर ने कहा कि बातचीत से रामजन्म भूमि एवं बाबरी मस्जिद विवाद का समाधान निकाला जा सकता है।
प्रो. शब्बीर ने यह सुझाव बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकर आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में दिया। इसका आयोजन फोरम फॉर अवेयरनेस ऑफ नेशनल सिक्योरिटी के तत्वावधान में ‘राम जन्म भूमि एवं बाबरी मस्जिद विवाद : मंथन एवं समाधान’ विषय पर किया गया था।
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भारत फाउंडेशन के अध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने इसकी अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री किरण रिजजू, पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश विक्रम सिंह, इतिहासकार कुसुमलता केडिया आदि शामिल हुए। प्रो. शब्बीर ने कहा कि रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद एक राजनीतिक मसला बन गया है।
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इसका समाधान राजनीतिक के पसमंजर में कानून को मद्देनजर रखते हुए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लाम में लगभग एक लाख चौबीस हजार पैगंबरों का वजूद रहा है।
ऐसी सूरत में लार्ड रामा और लार्ड कृष्णा को भी मुसलमानों को पैगंबर की फेहरिस्त में मानकर उन्हें इज्जत दें तो इस्लामिक तौर पर एक अच्छा अमल होगा। उन्होंने विश्व में हुए धार्मिक स्थल विवादों का हवाला देते हुए कहा कि दोनों समुदाय के लोग खुले दिल से समाधान में लगें तो अच्छे नतीजे सामने आने की उम्मीद है।