फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   अलीगढ़... यूएई में यूनानी चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि

अलीगढ़... यूएई में यूनानी चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि

Tue, 27 Feb 2018 03:00 AM IST
Updated Tue, 27 Feb 2018 03:00 AM IST
विज्ञापन
अलीगढ़... यूएई में यूनानी चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि
यूएई में यूनानी चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि
विज्ञापन


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।

यूनानी चिकित्सा के लिए सुखद एवं उत्साहजनक समाचार है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में पिछले तीन-चार साल में यूनानी चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि हुई है। आने वाले अगले चार वर्ष में और अच्छे परिणाम आने की उम्मीद है। यह कहना है यूएई के स्वास्थ्य मंत्रालय कोआर्डिनेटर इंचार्ज, सीएएम डॉ. सैफुल्लाह के आदमजी का।

सोमवार को डॉ. आदमजी एएमयू के एके तिब्बिया कॉलेज के जराहत विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेेंस जेकॉन -4 को संबोधित कर रहे थे। एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि यूनानी चिकित्सा विज्ञान में काफी विकास हो चुका है। जराहत सर्वप्रथम अरबों ने प्रारंभ की। प्राथमिक तिब्बी आलों का आविष्कार भी अरबों ने किया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि तिब्बिया कॉलेज की बेहतरी एवं विस्तार के लिए दो करोड़ रुपये दिए गए हैं। भविष्य में हर प्रकार का सहयोग प्रदान किया जाएगा। ईरान कल्चर हाउस नई दिल्ली के कल्चरल काउंसलर डॉ. अली दहगाही ने कहा कि ईरान सहित पूर्वी विश्व पुरातन तिब का खजाना रही है। सेरापाशा मेडिकल स्कूल, तुर्की के मेडिकल हिस्ट्री एंड ईथिक्स विभाग की अध्यक्षा प्रो. नील सारी ने कहा कि तुर्की में हालिया वर्षों में यूनानी चिकित्सा का विकास हुआ है, जिसे पूर्व में राजनैतिक परिवर्तनों के युग में कुचल दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईरान के डॉ. अमीर मेंहदी तालिब ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का इतिहास काफी पुराना है तथा हमें उस पर गर्व होना चाहिए। दवाखाना तिब्बिया कॉलेज के जनरल मैनेजर अरशद मुनीर ने दवाखाने के संक्षिप्त इतिहास तथा उसके विकास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन प्रो. एफएस शीरानी, स्वागत प्रो. तफसीर अली तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. इकबाल अजीज ने किया। कार्यक्रम में भारत के अतिरिक्त पुर्तगाल, तुर्की, ईरान, यूके, यूनान, यूएई, चीन आदि के यूनानी चिकित्सा के विद्वान शामिल हुए हैं। इस मौके पर यूनानी चिकित्सा की पांच विभूतियों को इब्ने सीना इंटरनेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया।


ये हुए सम्मानित
प्रो. अनीस अहमद (मृत्युपरांत), प्रो. मोहम्मद मेंहदी अफहानी (मृत्युपरांत) डॉ. अमीर मेंहदी तालिब, इब्ने सीना इंस्टीट्यूट ऑफ तिब दक्षिण अफ्रीका के निदेशक प्रो. राशिद भीखा तथा आयगर मेडिसन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. अबु लिमिती एलई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed