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बहस एवं संवाद को विस्तार देने की जरूरत
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू कल्चरल एजूकेशन सेंटर की डिबेटिंग एंड लिटरेरी सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव के दूसरे दिन कई लेखक एवं पत्रकार शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिया उस सलाम ने अपनी ताजा पुस्तक लिंच फाइल्स पर विस्तार से चर्चा की और छात्र-छात्राओं को बताया कि अखलाक क्यों। उन्होंने बहस एवं संवाद के स्थान में विस्तार देने की आवश्यकता जतायी।
कार्यक्रम को वरिष्ठ पत्रकार शोएब दानियाल, महताब आलम, गुलाम जिलानी, प्रो. मिर्जा असमर बेग, प्रो. सज्जाद, नाजिया इरम आदि ने संबोधित किया। दिन भर चले कई सत्रों के दौरान पत्रकारिता और नैतिकता से लेकर देश की मौजूदा हालात पर भी वक्ताओं ने चर्चा की। वक्ताओं ने घृणा फैलाने वाले चैनलों को न देखने का भी सुझाव दिया।
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पत्रकारिता की नैतिकता पर भी चर्चा हुई। वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम के समक्ष मौजूद चुनौतियों का भी उल्लेख वक्ताओं ने किया। इस अवसर पर सोसाइटी के वजाहत जिलानी, शरजिल उस्मानी आदि मौजूद थे। तीन दिवसीय महोत्सव का समापन रविवार को होगा।
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एएमयू कल्चरल एजूकेशन सेंटर की डिबेटिंग एंड लिटरेरी सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव के दूसरे दिन कई लेखक एवं पत्रकार शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिया उस सलाम ने अपनी ताजा पुस्तक लिंच फाइल्स पर विस्तार से चर्चा की और छात्र-छात्राओं को बताया कि अखलाक क्यों। उन्होंने बहस एवं संवाद के स्थान में विस्तार देने की आवश्यकता जतायी।
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कार्यक्रम को वरिष्ठ पत्रकार शोएब दानियाल, महताब आलम, गुलाम जिलानी, प्रो. मिर्जा असमर बेग, प्रो. सज्जाद, नाजिया इरम आदि ने संबोधित किया। दिन भर चले कई सत्रों के दौरान पत्रकारिता और नैतिकता से लेकर देश की मौजूदा हालात पर भी वक्ताओं ने चर्चा की। वक्ताओं ने घृणा फैलाने वाले चैनलों को न देखने का भी सुझाव दिया।
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पत्रकारिता की नैतिकता पर भी चर्चा हुई। वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम के समक्ष मौजूद चुनौतियों का भी उल्लेख वक्ताओं ने किया। इस अवसर पर सोसाइटी के वजाहत जिलानी, शरजिल उस्मानी आदि मौजूद थे। तीन दिवसीय महोत्सव का समापन रविवार को होगा।