{"_id":"5ba94104867a557ea65a5a88","slug":"121537818884-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट के आदेश के बाद भी डरे सहमे है बस आपरेटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट के आदेश के बाद भी डरे सहमे है बस आपरेटर
Updated Tue, 25 Sep 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
इलाहाबाद कोर्ट ने महानगर के अंदर से प्राइवेट बसों के संचालन की कुछ दिन के अनुमति दे जिला प्रशासन से जबाव मांगा हो, लेकिन बस आपरेटर प्रशासन की कार्यवाही से इतने डरे हुए कि कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
बस आपरेटरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोर्ट के आदेश का पालन कर बसों का संचालन किया जाएगा। जिला प्रशासन ने मनमाना रवैया अपनाते हुए उन्हें शहर से बाहर कर दिया, जबकि यदि उसकी ऐसी योजना थी तो इस मामले को आरटीए की बैठक में रखा जाता।
जिला प्रशासन को बस स्टैंड खत्म करने और बनाने का अधिकार ही नहीं है। इसका निर्णय आरटीए की बैठक में होता है। यहां यही अधिकारी होते हैं फिर आरटीए की बैठक का इंतजार किए बगैर जिला प्रशासन ने उनके साथ अन्याय किया है।
विज्ञापन
प्राइवेट बसों के शहर के भीतर निर्धारित रूट पर संचालन दोबारा से चालू कराने के संबंध में उच्च न्यायालय इलाहाबाद का कोई नोटिस नहीं मिला है। जब मिलेगा तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
इलाहाबाद कोर्ट ने महानगर के अंदर से प्राइवेट बसों के संचालन की कुछ दिन के अनुमति दे जिला प्रशासन से जबाव मांगा हो, लेकिन बस आपरेटर प्रशासन की कार्यवाही से इतने डरे हुए कि कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
बस आपरेटरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोर्ट के आदेश का पालन कर बसों का संचालन किया जाएगा। जिला प्रशासन ने मनमाना रवैया अपनाते हुए उन्हें शहर से बाहर कर दिया, जबकि यदि उसकी ऐसी योजना थी तो इस मामले को आरटीए की बैठक में रखा जाता।
विज्ञापन
जिला प्रशासन को बस स्टैंड खत्म करने और बनाने का अधिकार ही नहीं है। इसका निर्णय आरटीए की बैठक में होता है। यहां यही अधिकारी होते हैं फिर आरटीए की बैठक का इंतजार किए बगैर जिला प्रशासन ने उनके साथ अन्याय किया है।
विज्ञापन
प्राइवेट बसों के शहर के भीतर निर्धारित रूट पर संचालन दोबारा से चालू कराने के संबंध में उच्च न्यायालय इलाहाबाद का कोई नोटिस नहीं मिला है। जब मिलेगा तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी