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दो से सात हुई मथुरा डिपो की बस
Updated Tue, 28 Aug 2018 02:12 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रोडवेज में फर्जी रैकेट का खुलासा होने के बाद अचानक मथुरा डिपो की बसों में आई कमी को ‘अमर उजाला’ द्वारा सोमवार के अंक प्रकाशित करने का जबरदस्त असर दिखाई दिया। बस स्टेंड प्रभारी मुनेश पाल सिंह के अनुसार सोमवार को मथुरा डिपो की लगभग आधा दर्जन से ज्यादा बसें संचालित हुई। खबर प्रकाशित होने के बाद अचानक मथुरा डिपो की बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को काफी राहत हुई।
रक्षाबंधन के दूसरे दिन बस स्टैंड पर बसों से तो पर्याप्त थी, लेकिन यात्रियों का अभाव था। इससे ठीक एक दिन पहले रक्षाबंधन पर बसों का अभाव था और यात्रियों की संख्या अधिक थी। यही कारण रहा कि सभी मार्गो पर बसों का सुचारू संचालन हो सका। भीड़ के कम होने के पीछे यह भी कारण बताया जा रहा है कि पूर्णिमा पर बहिनें अपने मायके से ससुराल नहीं जाती हैं।
रक्षाबंधन पर बहनों को फ्री सफर तो प्रदेश सरकार ने करा दिया, लेकिन फ्री सफर उन्होंने बसों की छतों पर बैठकर या फिर बस के अंदर जबरदस्त भीड़ के दबाव में किया। बसों का अभाव होने के कारण बहनों को प्राइवेट वाहनों का सहारा भी लेना पड़ा। सोमवार को भीड़ का दबाव कम होने के चलते लोगों को यात्रा करने में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
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इधर, मथुरा डिपो की आधा दर्जन से अधिक बसों का संचालन भी हुआ। गांधी पार्क बस स्टैंड से कासगंज, एटा, हाथरस, आगरा, नरौरा, अतरौली एवं मथुरा मार्ग पर बसें यात्रियों से भरी तो दिखाई दी, लेकिन रक्षाबंधन जैसे हालात नहीं थे।
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रोडवेज में फर्जी रैकेट का खुलासा होने के बाद अचानक मथुरा डिपो की बसों में आई कमी को ‘अमर उजाला’ द्वारा सोमवार के अंक प्रकाशित करने का जबरदस्त असर दिखाई दिया। बस स्टेंड प्रभारी मुनेश पाल सिंह के अनुसार सोमवार को मथुरा डिपो की लगभग आधा दर्जन से ज्यादा बसें संचालित हुई। खबर प्रकाशित होने के बाद अचानक मथुरा डिपो की बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को काफी राहत हुई।
रक्षाबंधन के दूसरे दिन बस स्टैंड पर बसों से तो पर्याप्त थी, लेकिन यात्रियों का अभाव था। इससे ठीक एक दिन पहले रक्षाबंधन पर बसों का अभाव था और यात्रियों की संख्या अधिक थी। यही कारण रहा कि सभी मार्गो पर बसों का सुचारू संचालन हो सका। भीड़ के कम होने के पीछे यह भी कारण बताया जा रहा है कि पूर्णिमा पर बहिनें अपने मायके से ससुराल नहीं जाती हैं।
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रक्षाबंधन पर बहनों को फ्री सफर तो प्रदेश सरकार ने करा दिया, लेकिन फ्री सफर उन्होंने बसों की छतों पर बैठकर या फिर बस के अंदर जबरदस्त भीड़ के दबाव में किया। बसों का अभाव होने के कारण बहनों को प्राइवेट वाहनों का सहारा भी लेना पड़ा। सोमवार को भीड़ का दबाव कम होने के चलते लोगों को यात्रा करने में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
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इधर, मथुरा डिपो की आधा दर्जन से अधिक बसों का संचालन भी हुआ। गांधी पार्क बस स्टैंड से कासगंज, एटा, हाथरस, आगरा, नरौरा, अतरौली एवं मथुरा मार्ग पर बसें यात्रियों से भरी तो दिखाई दी, लेकिन रक्षाबंधन जैसे हालात नहीं थे।