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31 जुलाई तक कराये फसलों का बीमा
Updated Tue, 26 Jun 2018 01:44 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 31 जुलाई तक फसल बीमा कराने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने उप कृषि निदेशक एवं बैंकों से इस मामले में तेजी लाने को कहा है। साथ ही एडीएम वित्त एवं राजस्व को क्षेत्रवार फसलों का चिह्नांकन कर सूची तैयार करने को कहा है।
किसान ऋण मोचन योजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने बताया कि शासन द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड को रुपये किसान क्रेडिट कार्ड में परिवर्तित किया जाना है। बैंकों को एलडीएम के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं। उप निदेशक कृषि अधिकारी ने बताया कि जिन किसान बंधुओं का किसान क्रेडिट कार्ड बना हुआ है। वह अपने बैंकों से बदलवा सकते है।
जिनके नहीं बने है। वह ग्रामों में बैंको द्वारा लगाए जाने वाले कैंपों में आवेदन कर सकते हैं। उप निदेशक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि पारदर्शी किसान योजना के अंतर्गत कृषि, उद्यान, गन्ना, मत्स्य आदि विभागों के अनुदान प्राप्त करने के लिए जिन किसानों ने अब तक पोटल पर पंजीकरण नहीं कराया है, वह अपने नजदीकी जन सेवा केंद्रों पर अपने खसरा खतौनी, बैंक की पास बुक, आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर के साथ पंजीकरण करा सकते है।
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उन्होंने बताया कि किसान ऋण मोचन योजना के तहत अब तक लगभग 4480 लाभार्थी पुन: सत्यापन करते हुए पात्र घोषित किए जा चुके है। बैठक में बड़ी संख्या में अफसर मौजूद थे।
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जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 31 जुलाई तक फसल बीमा कराने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने उप कृषि निदेशक एवं बैंकों से इस मामले में तेजी लाने को कहा है। साथ ही एडीएम वित्त एवं राजस्व को क्षेत्रवार फसलों का चिह्नांकन कर सूची तैयार करने को कहा है।
किसान ऋण मोचन योजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने बताया कि शासन द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड को रुपये किसान क्रेडिट कार्ड में परिवर्तित किया जाना है। बैंकों को एलडीएम के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं। उप निदेशक कृषि अधिकारी ने बताया कि जिन किसान बंधुओं का किसान क्रेडिट कार्ड बना हुआ है। वह अपने बैंकों से बदलवा सकते है।
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जिनके नहीं बने है। वह ग्रामों में बैंको द्वारा लगाए जाने वाले कैंपों में आवेदन कर सकते हैं। उप निदेशक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि पारदर्शी किसान योजना के अंतर्गत कृषि, उद्यान, गन्ना, मत्स्य आदि विभागों के अनुदान प्राप्त करने के लिए जिन किसानों ने अब तक पोटल पर पंजीकरण नहीं कराया है, वह अपने नजदीकी जन सेवा केंद्रों पर अपने खसरा खतौनी, बैंक की पास बुक, आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर के साथ पंजीकरण करा सकते है।
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उन्होंने बताया कि किसान ऋण मोचन योजना के तहत अब तक लगभग 4480 लाभार्थी पुन: सत्यापन करते हुए पात्र घोषित किए जा चुके है। बैठक में बड़ी संख्या में अफसर मौजूद थे।