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प्रौद्योगिकी से शैक्षिक स्तर उठा, लेकिन नैतिक मूल्यों का हुआ हृास
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
जब शिक्षक पूर्ण मनोयोग से अपनी क्षमता का प्रयोग कर शिक्षा देगा तो निश्चित ही शिक्षक समाज का निर्माण कर पाएगा। प्रौद्योगिक से शिक्षा स्तर जरूर ऊपर उठा है, लेकिन नैतिक मूल्यों का हृास हुआ है। प्रसन्नता की बात यह है कि सामाजिक संस्थाओं, शिक्षा, सरकारी सेवा, राजनीति, घरेलू महिला आदि समाज के विभिन्न तबकों के सर्वे में शिक्षक 85 अंक लेकर प्रथम स्थान पर हैं । यह बातें कृष्णांजलि सभागार में आयोजित शिक्षक महासम्मेलन में मुख्य वक्ता माननीय ओमपाल सिंह ने कहीं।
मुख्य अतिथि अजयदीप सिंह मंडलायुक्त ने कहा कि मैं शिक्षक ही बनना चाहता था। अब प्रशासनिक सेवानिवृत्त होकर शिक्षक की भूमिका में रहना चाहता हूं। एडी बेसिक डॉ. इंद्र प्रकाश सोलंकी ने शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाते हुए पूर्व मनोयोग से शैक्षिक वातावरण उन्नत करने पर बल दिया। डॉ. अनूप शर्मा ने कहा कि शिक्षक एक वेतन भोगी कर्मचारी नहीं, बल्कि वर्ण व राष्ट्र निर्माता की भूमिका में है। इस मौके पर बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, डॉ. एच एन सिंह, सुनील शर्मा, नीरज शर्मा, बीईओ धनीपुर आलोक प्रताप श्रीवास्तव, अश्विनी पाण्डेय, राजेश चौहान, सुभाषचंद्र, प्रदीप शर्मा, कैलाश रावत, डॉ. डालेश काकरान, प्रदीप गुप्ता, नरेंद्र भारद्वाज, शालिनी सोलंकी, मंजू गौतम, सुनीता चौधरी, नीतिका वार्ष्णेय आदि थे।
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जब शिक्षक पूर्ण मनोयोग से अपनी क्षमता का प्रयोग कर शिक्षा देगा तो निश्चित ही शिक्षक समाज का निर्माण कर पाएगा। प्रौद्योगिक से शिक्षा स्तर जरूर ऊपर उठा है, लेकिन नैतिक मूल्यों का हृास हुआ है। प्रसन्नता की बात यह है कि सामाजिक संस्थाओं, शिक्षा, सरकारी सेवा, राजनीति, घरेलू महिला आदि समाज के विभिन्न तबकों के सर्वे में शिक्षक 85 अंक लेकर प्रथम स्थान पर हैं । यह बातें कृष्णांजलि सभागार में आयोजित शिक्षक महासम्मेलन में मुख्य वक्ता माननीय ओमपाल सिंह ने कहीं।
मुख्य अतिथि अजयदीप सिंह मंडलायुक्त ने कहा कि मैं शिक्षक ही बनना चाहता था। अब प्रशासनिक सेवानिवृत्त होकर शिक्षक की भूमिका में रहना चाहता हूं। एडी बेसिक डॉ. इंद्र प्रकाश सोलंकी ने शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाते हुए पूर्व मनोयोग से शैक्षिक वातावरण उन्नत करने पर बल दिया। डॉ. अनूप शर्मा ने कहा कि शिक्षक एक वेतन भोगी कर्मचारी नहीं, बल्कि वर्ण व राष्ट्र निर्माता की भूमिका में है। इस मौके पर बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, डॉ. एच एन सिंह, सुनील शर्मा, नीरज शर्मा, बीईओ धनीपुर आलोक प्रताप श्रीवास्तव, अश्विनी पाण्डेय, राजेश चौहान, सुभाषचंद्र, प्रदीप शर्मा, कैलाश रावत, डॉ. डालेश काकरान, प्रदीप गुप्ता, नरेंद्र भारद्वाज, शालिनी सोलंकी, मंजू गौतम, सुनीता चौधरी, नीतिका वार्ष्णेय आदि थे।
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