{"_id":"5c8422efbdec2213e76c192a","slug":"111552163567-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खराब व्यवहार पर रोडवेज चुकाए ढाई हजार रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खराब व्यवहार पर रोडवेज चुकाए ढाई हजार रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
वृद्ध महिला यात्री से रोडवेज बस कंडक्टर द्वारा खराब व्यवहार करने एवं जन उपयोगी सुविधा न देने के एक डेढ़ साल पुराने मामले का शनिवार को लोक अदालत में निस्तारण हुआ। वादी और विपक्षी में समझौता हुआ जिसमें वादी को क्षतिपूर्ति के रूप में ढाई हजार रुपये रोडवेज ने अदा किए।
मामला दस जुलाई 2017 का है। वाकये के अनुसार उप्र परिवहन निगम की महोबा डिपो की बस से महानगर की बुद्ध विहार कालोनी, खैर रोड निवासी अधिवक्ता कायम सिंह शिकोहाबाद से सवार हुए। वह कंडक्टर के बराबर वाली सीट पर बैठ गए।
शिकोहाबाद चौराहे से बस में एक वृद्ध महिला यात्री बस में चढ़ी। कायम सिंह की ओर से दायर किए वाद के अनुसार उन्होंने वृद्धा को अपनी सीट पर बैठा लिया। इस बात को लेकर परिचालक पंकज सिंह से इस बात का विरोध कि या। जब उन्होंने वृद्धा की उम्र का लिहाज करते हुए उन्हें बैठने के लिए सीट दिलवाने की बात कही तो परिचालक ने अभद्र व्यवहार कर जबरन बस से नीचे उतारने लगा।
विज्ञापन
इस मामले में उन्होंने यूपीएसआरसीटी के प्रधान प्रबंधक, महाप्रबंधक और बस परिचालक के खिलाफ वाद दायर किया था। प्रधान प्रबंधक, महाप्रबंधक ने अदालत में शपथ पत्र दाखिल कर मामले का निपटारा करने का प्रस्ताव रखा था।
इधर, परिचालक पंकज सिंह ने भी समझौते की गुहार लगाई। स्थायी लोक अदालत ने शपथ पत्र के आधार पर दोनों पक्षों के विवाद का निपटारा कि या। साथ ही यूपीएसआरटीसी को अधिवक्ता कायम सिंह को बतौर क्षतिपूर्ति ढाई हजार रुपये अदा करने का फैसला सुनाया।
विज्ञापन
वृद्ध महिला यात्री से रोडवेज बस कंडक्टर द्वारा खराब व्यवहार करने एवं जन उपयोगी सुविधा न देने के एक डेढ़ साल पुराने मामले का शनिवार को लोक अदालत में निस्तारण हुआ। वादी और विपक्षी में समझौता हुआ जिसमें वादी को क्षतिपूर्ति के रूप में ढाई हजार रुपये रोडवेज ने अदा किए।
मामला दस जुलाई 2017 का है। वाकये के अनुसार उप्र परिवहन निगम की महोबा डिपो की बस से महानगर की बुद्ध विहार कालोनी, खैर रोड निवासी अधिवक्ता कायम सिंह शिकोहाबाद से सवार हुए। वह कंडक्टर के बराबर वाली सीट पर बैठ गए।
विज्ञापन
शिकोहाबाद चौराहे से बस में एक वृद्ध महिला यात्री बस में चढ़ी। कायम सिंह की ओर से दायर किए वाद के अनुसार उन्होंने वृद्धा को अपनी सीट पर बैठा लिया। इस बात को लेकर परिचालक पंकज सिंह से इस बात का विरोध कि या। जब उन्होंने वृद्धा की उम्र का लिहाज करते हुए उन्हें बैठने के लिए सीट दिलवाने की बात कही तो परिचालक ने अभद्र व्यवहार कर जबरन बस से नीचे उतारने लगा।
विज्ञापन
इस मामले में उन्होंने यूपीएसआरसीटी के प्रधान प्रबंधक, महाप्रबंधक और बस परिचालक के खिलाफ वाद दायर किया था। प्रधान प्रबंधक, महाप्रबंधक ने अदालत में शपथ पत्र दाखिल कर मामले का निपटारा करने का प्रस्ताव रखा था।
इधर, परिचालक पंकज सिंह ने भी समझौते की गुहार लगाई। स्थायी लोक अदालत ने शपथ पत्र के आधार पर दोनों पक्षों के विवाद का निपटारा कि या। साथ ही यूपीएसआरटीसी को अधिवक्ता कायम सिंह को बतौर क्षतिपूर्ति ढाई हजार रुपये अदा करने का फैसला सुनाया।