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दिव्यांग कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता में अव्वल रहे विनोद
Updated Tue, 04 Dec 2018 01:40 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अंतरराष्ट्रीय विश्व दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार को स्टेडियम में जनपद स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शुभारंभ प्रभारी मंत्री सुरेश राणा व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री ठा. रघुराज सिंह ने फीता काटकर किया। इसके साथ ही यहां रंगारंग कार्यक्रमों से प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई।
उद्घाटन के मौके पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि मैं भले ही देरी से आया हू्ं, लेकिन मैंने बच्चों के कार्यक्रम में आने की ठान ली थी। फिर चाहे कितनी ही देरी क्यों न हो जाए। इसलिए मैं बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए आया हूं।
मेरी शुभकामनाएं है कि बच्चे राज्य स्तर तक की प्रतियोगिता में अपना नाम रोशन करें। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेलकूद प्रतियोगिता में दिव्यांग बच्चों सहित जनपद स्तर से आए सामान्य बच्चों ने प्रतिभाग किया।
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आवासीय एक्सीलरेटेड कैंप के दिव्यांगजन बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना, लोक नृत्य आदि प्रस्तुति दी गई। दिव्यांग बच्चों के लिए खेलकूद प्रतियोगिता में कुर्सी दौड़, रस्साकशी, छूकर पहचानों, चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता, गुब्बारा व 200 मीटर दौड़ आदि प्रतियोगिताएं हुईं। इसके अलावा स्टेडियम में प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाई। विजेता बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।
बिना प्रस्तुति देखे ही चले गए सुरेश राणा
उद्घाटन के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने के लिए बच्चे दो घंटे से प्रभारी मंत्री सुरेश राणा का इंतजार कर रहे थे। लेकिन जैसे ही प्रभारी मंत्री आए। वैसे ही वह मंच पर संबोधन के लिए पहुंच गए। उनको प्रस्तुति दिखाने की आस लगाए बैठे बच्चे अपनी बारी का इंतजार करने लगे। लेकिन बच्चों की ख्वाहिश पूरी नहीं हो पाई। प्रभारी मंत्री बिना प्रस्तुति देखे ही संबोधन के बाद वापस लौट गए। हालांकि बीएसए समेत अन्य जिले के शीर्ष अधिकारियों के सामने बच्चों ने बाद में प्रस्तुति दी।
अपने रुपयों से बच्चों को लोडरों में लाए शिक्षक
प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कराने के लिए बच्चों को लोडरों में लादकर लाया गया। जब शिक्षकों को स्वयं अपने खर्चों पर बच्चों को यहां तक पहुंचाना था तो उन्होंने भी सस्ते से सस्ता साधन चुना। बता दें कि जनपदीय प्रतियोगिताओं के लिए विभाग से 35000 रुपये की धनराशि जारी हुई थी। इसमें मैडल, खाना, डेकोरेशन, प्रतियोगिताओं का सामान, मंच, पोस्टर, बैनर आदि का खर्चा होना है। इसके अलावा बच्चों के आवागमन के लिए विभाग ने कोई व्यवस्था नहीं की है। अब बच्चों को प्रतिभाग कराने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक पर ही बचती है। इसलिए प्रधानाध्यापकों ने जैसे-तैसे वाहन कर बच्चों को स्टेडियम तक पहुंचाया।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडेय, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय, छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ठा. गोपाल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद्र, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विनय प्रकाश सत्यार्थी, अश्वनी त्यागी, ऋषि कुमार सिंह, शाहिद अली, जिला पीटीआई सुशील शर्मा व कुमकुम सिंह, बीईओ अखिलेश प्रताप सिंह, आलोक श्रीवास्तव, हेमलता सिंह, अनिल कुमार, गजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रमोद गौड़, साहब सिंह, कृतिका वार्ष्णेय, संजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।
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अंतरराष्ट्रीय विश्व दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार को स्टेडियम में जनपद स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शुभारंभ प्रभारी मंत्री सुरेश राणा व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री ठा. रघुराज सिंह ने फीता काटकर किया। इसके साथ ही यहां रंगारंग कार्यक्रमों से प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई।
उद्घाटन के मौके पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि मैं भले ही देरी से आया हू्ं, लेकिन मैंने बच्चों के कार्यक्रम में आने की ठान ली थी। फिर चाहे कितनी ही देरी क्यों न हो जाए। इसलिए मैं बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए आया हूं।
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मेरी शुभकामनाएं है कि बच्चे राज्य स्तर तक की प्रतियोगिता में अपना नाम रोशन करें। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेलकूद प्रतियोगिता में दिव्यांग बच्चों सहित जनपद स्तर से आए सामान्य बच्चों ने प्रतिभाग किया।
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आवासीय एक्सीलरेटेड कैंप के दिव्यांगजन बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना, लोक नृत्य आदि प्रस्तुति दी गई। दिव्यांग बच्चों के लिए खेलकूद प्रतियोगिता में कुर्सी दौड़, रस्साकशी, छूकर पहचानों, चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता, गुब्बारा व 200 मीटर दौड़ आदि प्रतियोगिताएं हुईं। इसके अलावा स्टेडियम में प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाई। विजेता बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।
बिना प्रस्तुति देखे ही चले गए सुरेश राणा
उद्घाटन के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने के लिए बच्चे दो घंटे से प्रभारी मंत्री सुरेश राणा का इंतजार कर रहे थे। लेकिन जैसे ही प्रभारी मंत्री आए। वैसे ही वह मंच पर संबोधन के लिए पहुंच गए। उनको प्रस्तुति दिखाने की आस लगाए बैठे बच्चे अपनी बारी का इंतजार करने लगे। लेकिन बच्चों की ख्वाहिश पूरी नहीं हो पाई। प्रभारी मंत्री बिना प्रस्तुति देखे ही संबोधन के बाद वापस लौट गए। हालांकि बीएसए समेत अन्य जिले के शीर्ष अधिकारियों के सामने बच्चों ने बाद में प्रस्तुति दी।
अपने रुपयों से बच्चों को लोडरों में लाए शिक्षक
प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कराने के लिए बच्चों को लोडरों में लादकर लाया गया। जब शिक्षकों को स्वयं अपने खर्चों पर बच्चों को यहां तक पहुंचाना था तो उन्होंने भी सस्ते से सस्ता साधन चुना। बता दें कि जनपदीय प्रतियोगिताओं के लिए विभाग से 35000 रुपये की धनराशि जारी हुई थी। इसमें मैडल, खाना, डेकोरेशन, प्रतियोगिताओं का सामान, मंच, पोस्टर, बैनर आदि का खर्चा होना है। इसके अलावा बच्चों के आवागमन के लिए विभाग ने कोई व्यवस्था नहीं की है। अब बच्चों को प्रतिभाग कराने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक पर ही बचती है। इसलिए प्रधानाध्यापकों ने जैसे-तैसे वाहन कर बच्चों को स्टेडियम तक पहुंचाया।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडेय, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय, छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ठा. गोपाल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद्र, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विनय प्रकाश सत्यार्थी, अश्वनी त्यागी, ऋषि कुमार सिंह, शाहिद अली, जिला पीटीआई सुशील शर्मा व कुमकुम सिंह, बीईओ अखिलेश प्रताप सिंह, आलोक श्रीवास्तव, हेमलता सिंह, अनिल कुमार, गजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रमोद गौड़, साहब सिंह, कृतिका वार्ष्णेय, संजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।